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पिता गुमसुम हो गए, मां का रोना नहीं रुक रहा
Fri, 07 Jun 2019 10:51 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Fri, 07 Jun 2019 10:51 PM IST
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कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय प्रकाश पंत के निधन का समाचार सुनकर विलखती मां।
- फोटो : पिथौरागढ़
पिता मोहन चंद्र गुमसुम हो गए और मां कमला पंत जोर से रो पड़ी। शुक्रवार सुबह को परिजनों ने आखिरकार मां-पिता को बेटे प्रकाश पंत के निधन की सूचना दी। शाम होते-होते पिता कुछ संभले हुए नजर आए और मां का रोना नहीं रुका।
परिजनों ने बृहस्पतिवार शाम को ही पिता मोहन चंद्र और मां कमला पंत को प्रकाश पंत की स्थिति नाजुक होने की सूचना दी थी। परिजनाें ने शुक्रवार सुबह बेहद संवेदनशीलता और समझदारी से मां और पिता को प्रकाश पंत के निधन की जानकारी दी। यह जानकारी मिलते ही पिता मोहन चंद्र गुमसुम हो गए और मां जोर जोर से रोने लगी। अब पंत के खड़कोट स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता भी लगा हुआ है। लोग माता-पिता के साथ ही परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे। मंत्री के पिता के साथी बुजुर्ग उन्हें हिम्मत बंधा रहे थे। आवास पर आने वाले हर व्यक्ति की आंखों में आंसू है।
उधर, कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के पैतृक गांव चोढियार में परिजन शोक में डूबे हुए हैं। पंत मूल रूप से चोढियार गांव के निवासी हैं। चोढियार में उनका पैतृक मकान है। उनके निधन से गंगोलीहाट में हर कोई सदमे में है। उनके पैतृक गांव में मातम पसरा हुआ है। बुधवार को भतीजे के निधन का समाचार मिलने के बाद से चाचा रिटायर्ड गिरीश पंत, चाची सुशीला पंत और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चाचा गिरीश पंत का कहना है कि गंगोली क्षेत्र ने महान राजनेता को खो दिया है। यह कमी पूरी नहीं हो सकती। क्षेत्र के लोग अपने चहते प्रकाश पंत को याद कहते हुए कह रहे हैं कि उनका हंसता हुआ चेहरा हर समय सामने आ रहा है।
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परिजनों ने बृहस्पतिवार शाम को ही पिता मोहन चंद्र और मां कमला पंत को प्रकाश पंत की स्थिति नाजुक होने की सूचना दी थी। परिजनाें ने शुक्रवार सुबह बेहद संवेदनशीलता और समझदारी से मां और पिता को प्रकाश पंत के निधन की जानकारी दी। यह जानकारी मिलते ही पिता मोहन चंद्र गुमसुम हो गए और मां जोर जोर से रोने लगी। अब पंत के खड़कोट स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता भी लगा हुआ है। लोग माता-पिता के साथ ही परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे। मंत्री के पिता के साथी बुजुर्ग उन्हें हिम्मत बंधा रहे थे। आवास पर आने वाले हर व्यक्ति की आंखों में आंसू है।
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उधर, कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के पैतृक गांव चोढियार में परिजन शोक में डूबे हुए हैं। पंत मूल रूप से चोढियार गांव के निवासी हैं। चोढियार में उनका पैतृक मकान है। उनके निधन से गंगोलीहाट में हर कोई सदमे में है। उनके पैतृक गांव में मातम पसरा हुआ है। बुधवार को भतीजे के निधन का समाचार मिलने के बाद से चाचा रिटायर्ड गिरीश पंत, चाची सुशीला पंत और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चाचा गिरीश पंत का कहना है कि गंगोली क्षेत्र ने महान राजनेता को खो दिया है। यह कमी पूरी नहीं हो सकती। क्षेत्र के लोग अपने चहते प्रकाश पंत को याद कहते हुए कह रहे हैं कि उनका हंसता हुआ चेहरा हर समय सामने आ रहा है।
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