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टेंट में रहने को मजबूर तल्ला भदेली के लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:29 PM IST
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टेंट में रह रहे मुनस्यारी के आपदा प्रभावित भदेली के ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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मुनस्यारी के तल्ला भदेली में दो जुलाई को आई आपदा ने लोगों को अपना घर छोड़ने को मजबूर कर दिया है। यह गांव हर वर्ष आपदा से प्रभावित होता आ रहा है। वर्ष 2013 में भी इस गांव के निचले छोर पर स्थित मुनस्यारी जौलजीबी मार्ग पर चार दुकानें गोरी नदी में समा गई थी।
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भदेली गांव में भारी दरारें आ गई हैं। लोगों ने मकान छोड़ दिए हैं। लोग टेंट में रह रहे हैं। सुबह होते ही खेतों में चले जाते हैं, दोपहर और रात्रि में शिविर में सामूहिक तौर पर भोजन कर रहे हैं। 74 वर्षीय मेहर सिंह ने बताया कि प्रशासन ने टेंट में रखा है। शिविर में पानी की कमी बनी है। टेंट में घर की तरह खुला स्थान और अन्य व्यवस्थाएं होना संभव नहीं है। 78 वर्षीय मालती देवी का कहना कि नाती ‘सरकारैल टेंट व्यवस्था दी रै लेकिन घरक जस का हुनी भै’ (सरकार ने टेंट की व्यवस्था तो कर दी, घर का जैसा कहां होने वाला हुआ)।
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73 वर्षीय तेज सिंह बताते हैं कि जब भी बारिश होती है, घर से बेघर होने का खतरा सताने लगता है। घर से बेघर होने का गम क्या होता है उसका दर्द हम से बेहतर कौन समझेगा। माथे पर शिकन लिए 68 वर्षीय ठाकुर सिंह ने बताया कि खतरे को भांपते हुए गांव के युवकों ने तुरंत शिफ्टिंग कर प्रशासन को सूचित किया। गांव के लोग सुरक्षित स्थान पर विस्थापन चाहते हैं।
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