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Pithoragarh News: आपदा प्रभावितों और सड़क दुर्घटना के घायलों की मदद के लिए 52 फर्स्ट रिस्पांडर तैयार
Fri, 20 Jun 2025 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:20 PM IST
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पिथौरागढ़। अब आपदा और सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील सीमांत जिले में 52 फर्स्ट रिस्पांडर्स प्रभावितों और घायलों को राहत पहुंचाएंगे। आईटीआई के इन छात्रों को फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में तैयार किया गया है। आपदा और सड़क दुर्घटनाओं के समय ये रिस्पांडर प्रभावितों और घायलों को प्राथमिक उपचार देंगे। सांप के डसने या आगजनी की घटनाओं के घायलों को इनके जरिए तुरंत राहत मिलेगी।
परिवहन विभाग ने आपदा और सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील जिले में फर्स्ट रिस्पांडर तैयार करने की पहल शुरू की है। आईटीआई के 52 छात्र इसके लिए तैयार किए गए हैं जो आपदा और सड़क दुर्घटनाओं के समय राहत एवं बचाव के साथ ही प्रभावितों और घायलों का प्राथमिक उपचार करेंगे।
एआरटीओ शिवांश कांडपाल ने सभी फर्स्ट रिस्पांडर्स को प्रमाणपत्र बांटे। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम है इसका उद्देश्य ऐसे युवा तैयार करना है जो सड़क दुर्घटना या आपदा के समय प्रभावितों और घायलों को शीघ्र राहत पहुंचाते हुए नुकसान को कम कर सकें।
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बताया कि एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फर्स्ट रिस्पांडर को जीवन रक्षा के गुर सिखाए हैं। सर्प दंश, आगजनी, भूस्खलन, भूकंप के दौरान प्रभावितों का ये प्राथमिक उपचार करने के साथ उनकी जान बचाने के लिए उचित कदम उठाएंगे। सभी को प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर देने का प्रशिक्षण भी दिया है। संवाद
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परिवहन विभाग ने आपदा और सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील जिले में फर्स्ट रिस्पांडर तैयार करने की पहल शुरू की है। आईटीआई के 52 छात्र इसके लिए तैयार किए गए हैं जो आपदा और सड़क दुर्घटनाओं के समय राहत एवं बचाव के साथ ही प्रभावितों और घायलों का प्राथमिक उपचार करेंगे।
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एआरटीओ शिवांश कांडपाल ने सभी फर्स्ट रिस्पांडर्स को प्रमाणपत्र बांटे। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम है इसका उद्देश्य ऐसे युवा तैयार करना है जो सड़क दुर्घटना या आपदा के समय प्रभावितों और घायलों को शीघ्र राहत पहुंचाते हुए नुकसान को कम कर सकें।
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बताया कि एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फर्स्ट रिस्पांडर को जीवन रक्षा के गुर सिखाए हैं। सर्प दंश, आगजनी, भूस्खलन, भूकंप के दौरान प्रभावितों का ये प्राथमिक उपचार करने के साथ उनकी जान बचाने के लिए उचित कदम उठाएंगे। सभी को प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर देने का प्रशिक्षण भी दिया है। संवाद