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Pithoragarh News: 45 करोड़ की लागत से 200 नाली भूमि पर बनेगी रई झील
Mon, 16 Sep 2024 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 16 Sep 2024 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़। साेरघाटी में रई झील निर्माण का सपना जल्द पूरा होगा। झील निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की ओर से 45 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शहर के मध्य में झील बनने से पिथौरागढ़ शहर में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी।
पिथौरागढ़ के रई में झील निर्माण की कवायद पिछले तीन दशकों से चल रही है। झील निर्माण का पहली बार प्रस्ताव वर्ष 1992 में तैयार किया गया था। उस समय इसकी लागत लगभग आठ करोड़ रुपये थी। यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होने से 16 वर्षों तक मामला ठंडे बस्ते में रहा। रई में झील निर्माण के लिए कई आंदोलन भी हुए लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। वर्ष 2009 और 2013 में फिर कवायद हुई लेकिन दोनों बार मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पिछले दिनों पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने रई झील निर्माण का मामला रखा था। मुख्यमंत्री ने इसमें व्यक्तिगत रुचि लेते हुए सिंचाई विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
नए प्रस्ताव में झील की लंबाई सवा किमी से घटाकर एक किमी कर दी गई है। चौड़ाई भी 100 मीटर से कम कर 65 मीटर कर दी गई है। अब झील का निर्माण 200 नाली भूमि में होगा। इसमें 100 नाली भूमि निजी और 100 नाली भूमि सरकारी है। झील की वर्तमान लागत 45 करोड़ रुपये होगी। इसमें से 20 करोड़ रुपये निजी भूमि के मुआवजे के रूप में भूमि स्वामियों को दी जाएगी। झील का निर्माण पुल से नीचे की ओर किया जाएगा।
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रई झील का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने झील निर्माण के संबंध में जानकारी ली है। झील का निर्माण हो जाने से जिले में बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन तैयार होगा। इससे मुख्यालय में पर्यटकों के साथ अन्य कारोबार भी बढ़ेंगे। -गणेश भंडारी, उपाध्यक्ष सिंचाई अनुश्रवण सलाहकार समिति।
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पिथौरागढ़ के रई में झील निर्माण की कवायद पिछले तीन दशकों से चल रही है। झील निर्माण का पहली बार प्रस्ताव वर्ष 1992 में तैयार किया गया था। उस समय इसकी लागत लगभग आठ करोड़ रुपये थी। यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होने से 16 वर्षों तक मामला ठंडे बस्ते में रहा। रई में झील निर्माण के लिए कई आंदोलन भी हुए लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। वर्ष 2009 और 2013 में फिर कवायद हुई लेकिन दोनों बार मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पिछले दिनों पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने रई झील निर्माण का मामला रखा था। मुख्यमंत्री ने इसमें व्यक्तिगत रुचि लेते हुए सिंचाई विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
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नए प्रस्ताव में झील की लंबाई सवा किमी से घटाकर एक किमी कर दी गई है। चौड़ाई भी 100 मीटर से कम कर 65 मीटर कर दी गई है। अब झील का निर्माण 200 नाली भूमि में होगा। इसमें 100 नाली भूमि निजी और 100 नाली भूमि सरकारी है। झील की वर्तमान लागत 45 करोड़ रुपये होगी। इसमें से 20 करोड़ रुपये निजी भूमि के मुआवजे के रूप में भूमि स्वामियों को दी जाएगी। झील का निर्माण पुल से नीचे की ओर किया जाएगा।
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रई झील का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने झील निर्माण के संबंध में जानकारी ली है। झील का निर्माण हो जाने से जिले में बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन तैयार होगा। इससे मुख्यालय में पर्यटकों के साथ अन्य कारोबार भी बढ़ेंगे। -गणेश भंडारी, उपाध्यक्ष सिंचाई अनुश्रवण सलाहकार समिति।
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