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पंचेश्वर बांध के विरोध की रणनीति बनाने में जुटे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Thu, 30 Mar 2017 10:31 PM IST
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पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाला झूलाघाट कस्बा
- फोटो : अमर उजाला
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प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोग अब विरोध की रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। लोगों का कहना है कि बांध बनने पर डूब क्षेत्र के लोगों के विस्थापन की नीति पर सरकार ने अब तक कोई खुलासा नहीं किया है। इस कारण लोग अब बांध के विरोध की ही तैयारी करने लगे हैं।
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महाकाली के किनारे स्थित अमतड़ी, पीपलतड़ा, बलतड़ी, सीमू, कानड़ी, झूलाघाट, जुलगांव, गेठिगाड़ा, तालेश्वर, ड्योड़ा आदि गांवों के लोगों ने पंचेश्वर बांध का विरोध करने फैसला लिया है। यह भी कहा है कि यदि सरकार ने जबरदस्ती कर लोगों को उनकी मातृभूमि से उठाने की कोशिश की तो इसका कड़ा विरोध होगा। स्थानीय लोग अब बांध के विरोध में एकजुट होने लगे हैं। जल्द ही आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से आंदोलन होगा।
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महेशानी माता डूबने से बचा लेगी
पंचेश्वर बांध को लेकर आशंकित लोगों का कहना है कि झूलाघाट स्थित माता महेशानी इसे डूबने से बचा लेगी। वर्ष 2013 में आई भीषण आपदा के समय माता महेशानी की कृपा से ही झूलाघाट कस्बा सुरक्षित रह गया था। ऐसा लोगों का विश्वास है।
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सोशल मीडिया के जरिए विरोध शुरू
बांध का विरोध और क्षेत्र के लोगों को संगठित करने के लिए झूलाघाट के लोगों ने सोशल मीडिया का सहारा लेना शुरू कर दिया है। झूलाघाट निवासी सौरभ श्रेष्ठ और उनकी टीम ने पंचेश्वर बांध की पूरी जानकारी, इससे होने वाले नुकसान, भूकंप की दृष्टि से जोन 5 में होने के कारण संभावित क्षति के बारे में लोगों को सजग करना शुरू कर दिया है।
बांध किसी भी दशा में नहीं बनना चाहिए
स्थानीय निवासी राजेंद्र भट्ट पंचेश्वर बांध के पक्ष में नहीं हैं। वह कहते हैं बांध नहीं बनना चाहिए। वह विस्थापन की कल्पना मात्र से ही घबरा जाते हैं। उनका कहना है कि कोई भी अपनी मातृभूमि से अलग नहीं होना चाहेगा।
जल समाधि लेने को भी तैयार
स्थानीय व्यापारी सुरेंद्र लुंठी ने कहा कि पंचेश्वर बांध के मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी ने आपसी स्वार्थ को छोड़कर एकमत बनाकर पंचेश्वर बांध का विरोध करना चाहिए। सरकार हमारी रोजी-रोटी के साथ खिलवाड़ करेगी तो हम जल समाधि लेने को भी तैयार रहेंगे।
अप्रैल में होगी बड़े स्तर की बैठक
व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने कहा कि पंचेश्वर बांध का प्रबल तरीके से विरोध किया जाएगा। इसके लिए महाकाली के किनारे के सभी गांव के लोगों को साथ लेकर बड़ा अभियान चलाया जाएगा। आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए अप्रैल में बड़ी बैठक होगी। इसके बाद आंदोलन शुरू हो जाएगा।
अब स्थानीय लोग आंदोलन करेंगे
स्थानीय निवासी पवन भट्ट ने कहा कि पंचेश्वर बांध की बातें पिछले 62 सालों से हो रही है। राजनीतिक दलों के लोग अपनी दुकान चलाने के लिए बार-बार इस जिन्न को बाहर निकालते रहते हैं। अब क्षेत्र के लोगों को आपसी स्वार्थ को भूलकर बांध का पुरजोर विरोध करना होगा।