{"_id":"65b68f66804300b0160e6008","slug":"people-came-forward-to-help-disabled-pankaj-pithoragarh-news-c-230-1-pth1001-109592-2024-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: दिव्यांग पंकज की मदद को आगे आए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: दिव्यांग पंकज की मदद को आगे आए लोग
Sun, 28 Jan 2024 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 28 Jan 2024 11:01 PM IST
विज्ञापन
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। तहसील के बटगेरी निवासी सुरेश सिंह सुगड़ा के बेटे दिव्यांग पंकज की मदद के लिए लोग आगे आए हैं। दो दिन में सुरेश सिंह के खाते में 50,000 रुपये जमा हो चुके हैं।
अमर उजाला में पिछले दिनों जंजीर में बंधा पंकज, पिता की आंखें आंसुओं से हुईं नम... शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद पंकज हेल्प ग्रुप नाम से व्हाट्सएप पर मदद की अपील की गई। बता दें कि कि साढ़े आठ साल का पंकज मानसिक रूप से दिव्यांग है। उसके पिता सुरेश सिंह का वाहन दुर्घटना में पैर कुचल गया था। इस कारण वह चल नहीं पाते हैं।
उन्होंने मदद के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई। बावजूद इसके मदद कहीं से नहीं मिली। अब लोग व्हाट्सएप ग्रुप से मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं। इसके लिए परिजनों ने अमर उजाला का आभार जताया है। पंकज के लिए उसके पिता सुरेश सिंह सुगड़ा के एसबीआई खाता संख्या 760269-38534 और आईएसएससी एसबीआईएन ओआरआर यूटीजीबी पर मदद की जा सकती है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला में पिछले दिनों जंजीर में बंधा पंकज, पिता की आंखें आंसुओं से हुईं नम... शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद पंकज हेल्प ग्रुप नाम से व्हाट्सएप पर मदद की अपील की गई। बता दें कि कि साढ़े आठ साल का पंकज मानसिक रूप से दिव्यांग है। उसके पिता सुरेश सिंह का वाहन दुर्घटना में पैर कुचल गया था। इस कारण वह चल नहीं पाते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने मदद के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई। बावजूद इसके मदद कहीं से नहीं मिली। अब लोग व्हाट्सएप ग्रुप से मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं। इसके लिए परिजनों ने अमर उजाला का आभार जताया है। पंकज के लिए उसके पिता सुरेश सिंह सुगड़ा के एसबीआई खाता संख्या 760269-38534 और आईएसएससी एसबीआईएन ओआरआर यूटीजीबी पर मदद की जा सकती है। संवाद
विज्ञापन