फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Patients will not fight the cold, heaters will be installed in the district hospital

Pithoragarh News: ठंड से नहीं लड़ेंगे मरीज, जिला अस्पताल में लगेंगे हीटर

Thu, 11 Jan 2024 10:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 11 Jan 2024 10:42 PM IST
विज्ञापन
Patients will not fight the cold, heaters will be installed in the district hospital
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में सर्द मौसम में रातभर ठिठुरने वाले रोगियों को जल्द राहत मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन जल्द ही प्रथम चरण सभी वार्डों में एक-एक हैलोजन हीटर लगाएगा। जरूरत पड़ने पर और हीटर की व्यवस्था भी की जाएगी।
विज्ञापन

सर्दी के मौसम में जिला अस्पताल में भर्ती ठंड से कांप रहे रोगियों की समस्या को अमर उजाला ने 10 जनवरी के अंक में सर्द मौसम में अनदेखी कर रही और बीमार... शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिला अस्पताल प्रबंधन ने खबर का संज्ञान लेते हुए हीटर लगाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 16 कक्षों में हीटर लगाने के लिए डिमांड भेजी गई है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल का कहना है कि पिथौरागढ़ में हीटर काफी महंगे बैठ रहे थे जिसे देखते हुए डिमांड बरेली भेजी गई है। हीटर मिलते ही उन्हें वार्डों में लगा दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर और हीटर मंगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की बेहतरी के लिए अस्पताल प्रबंधन हर संभव प्रयास कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
जिला अस्पताल में भर्ती है 60 रोगी
पिथौरागढ़। वर्तमान में जिला अस्पताल में 80 मरीज भर्ती हैं। अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें ठंड से बचने के लिए तीन से चार कंबल दिए हुए हैं। इसके अलावा कई रोगियों ने ठंड से बचने के लिए अपने व्यक्तिगत हीटर लगाए हुए हैं। जिला अस्पताल की विद्युत लाइन काफी पुरानी है जिस कारण अस्पताल प्रबंधन को वॉल माउंट हीटर लगाने में दिक्कत हो रही है क्योंकि वॉल माउंट हीटर काफी लोड लेते हैं। बिजली की लाइन पुरानी होने से घटना होने का अंदेशा है। इसी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने प्रथम चरण सभी वार्डों में एक-एक बड़ा हैलोजन हीटर लगाने का निर्णय लिया है। संवाद
--
महिला अस्पताल का भवन बना लेकिन नहीं हो पाया हस्तांतरण

3.5 करोड़ की लागत से बनाया गया है नया अस्पताल भवन

संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल के नए भवन का निर्माण पूरा होने के बाद भी अब तक इसका हस्तांतरण नहीं हो पाया है। इस कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिथौरागढ़ में 3.5 करोड़ की लागत से बैंक रोड पर महिला अस्पताल के नए भवन का निर्माण किया गया है। जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में 62 बेड हैं। यहां पड़ोसी देश नेपाल के साथ चंपावत जिले से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं।
अस्पताल में रोगियों की बढ़ती की संख्या को देखते हुए पूर्व डीएम डॉ. आशीष कुमार चौहान की पहल पर जिला महिला अस्पताल के पास खाली पड़ी जमीन पर 40 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य किया गया। लोगों का लगा था कि नया भवन बनते ही अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। निर्माण कार्य पूरा हुए लंबा समय हो गया है लेकिन अभी तक इसका हस्तांतरण नहीं हो पाया है। लोगों ने शीघ्र नये भवन में अस्पताल का संचालन शुरू करने की मांग की है ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
--
अस्पताल प्रबंधन के सामने हैं चुनौतियां
पिथौरागढ़। हरगोविंद पंत महिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ जिले का एकमात्र बड़ा सरकारी अस्पताल है। इस पर पूरे जिले की महिलाओं और बच्चों के इलाज का जिम्मा है। यहां जगह की कमी के चलते सभी मरीजों को भर्ती करना अस्पताल प्रबंधन के सामने भी बड़ी चुनौती रहती है। इसको लेकर यहां इलाज के लिए आने वाले कई मरीज और तीमारदार उच्च अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं। संवाद


कोट
भवन हस्तांतरण के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा गया है। कुछ अंदरूनी कार्य बचे हुए हैं। कार्यदायी संस्था से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने को कहा गया है। इसके बाद भवन के हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। - डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस, जिला और महिला अस्पताल, पिथौरागढ़।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed