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पाताल भुवनेश्वर गुफा के आसपास के गांव सड़क से अछूते
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:42 PM IST
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बीमार महिला को डोली में बिठाकर लाते सेला गांव के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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पाताल भुवनेश्वर गुफा के आसपास के गांव आजादी के सात दशक बाद भी यातायात सुविधा से वंचित हैं, जबकि यहां के लिए दो सड़कें मंजूर हुई हैं। एक सड़क वनमुक्त भी हो गई है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है। दूसरी सड़क पर वन भूमि का निस्तारण होना है। सड़क न होने से इन गांवों की करीब 3000 की आबादी बेहद कष्ट में जीवन व्यतीत कर रही है। लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए सात से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। बीमार, बुजुर्गों को डोली पर ढोना इलाके के लोगों की मजबूरी है।
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पाताल भुवनेश्वर क्षेत्र के नानीशीतला, सिमायल, गनौरा, सेला, दुधघर, चामाचौड़, मनगड़ गांव के लोगों का सड़क का सपना दशकों बाद भी पूरा नहीं है। इस कारण यहां के लोगों को चौड़मन्या अथवा पाताल भुवनेश्वर आने के लिए सात से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। बुजुर्गों और बीमार लोगों को सड़क तक पहुंचाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को गंभीर रूप से बीमार सेला निवासी पार्वती देवी (69) पत्नी स्वर्गीय मोहन सिंह को हल्द्वानी ले जाना था। इसके लिए पूरे गांव के लोगों को एकत्र करना पड़ा। वृद्धा को डोली पर बैठाकर सात किमी दूर चौड़मन्या पहुंचाया गया। इस काम में लोगों को चार घंटे का समय लगा।
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बता दें कि आठ किमी लंबी चौड़मन्या-कमतोली सड़क एक साल पहले वन भूमि से मुक्त हो गई थी। सड़क को सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल गई, लेकिन सड़क का काम शुरू नहीं हुआ है। दूसरी सड़क पाताल भुवनेश्वर-सिमायल-सेला-चौड़मन्या के लिए स्वीकृत है। सड़क को वनभूमि से मुक्त होना है। भारत सरकार के नोडल से आपत्तियां लगी थी। लोनिवि के पीएमजीएसवाई डिवीजन ने आपत्तियों का निस्तारण कर 10 अक्तूबर 2017 को ऑनलाइन प्रस्ताव भेजा है।
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सरकार और लोनिवि कर रही गुमराह : संघर्ष समिति
पिथौरागढ़। पातालभुवनेश्वर-चौड़मन्या-चामाचौड़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिवाकर रावल ने सरकार और लोनिवि पर क्षेत्र के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कहा है कि सड़क वन भूमि से मुक्त होने और सड़क निर्माण के लिए धन होने के बाद भी कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है। अलबत्ता इलाके के लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं, चुनाव बहिष्कार तक कर चुके हैं। अब एक और बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
चौड़मन्या-कमतोली सड़क को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। वन विभाग को 69 लाख रुपये का भुगतान होना है। उसके लिए धन उपलब्ध है। औपचारिकता पूरी करने इसी माह देहरादून जाना है। फिलहाल 3 किमी सड़क निर्माण के लिए भी धन उपलब्ध है। जल्द ही सड़क का काम शुरू हो जाएगा। -मोहन चंद्र पलड़िया, प्रभारी अधिशासी अभियंता, लोनिवि खंड बेड़ीनाग।