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परवीन ने खेती को बनाया व्यवसाय
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:10 AM IST
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अपने पहाड़ को छोड़कर चंद पैसों के लिए शहर जाने वालों के लिए डीडीहाट के हड़खोला गांव निवासी परवीन सिंह एक मिसाल हैं।
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परवीन ने शहर की नौकरी छोड़कर अपनी खेती पर ध्यान दिया। नतीजतन परवीन का उद्यान के प्रति लगाव देखकर सरकार ने उसे 28 नवंबर को पिथौरागढ़ में किसान श्री पुरस्कार से नवाजा है।
परवीन बताते है कि वह पांच वर्ष पूर्व अपने गांव को छोड़कर दिल्ली चला गया था तथा कुछ माह नौकरी करने के बाद वह वापस अपने घर आ गया।
इसके बाद उसने अपनी खेती पर ही पूरा ध्यान लगाया। परवीन ने पहले अपने ही गांव एवं उसके आसपास से माल्टा एकत्र करने का काम किया और एकत्रित माल्टा डीडीहाट, कनालीछीना के बाजारों में बेचने लगा।
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धीरे-धीरे परवीन ने अपने ही खेतों में माल्टा, संतरे के पेड़ लगाए। परवीन की मेहनत रंग लाई और अब परवीन हर सीजन में 25 से 30 ट्रक माल्टा बेचने हल्द्वानी जाने लगा है। माल्टा के अलावा परवीन ने अपने खेतों में अत्याधुनिक खेती के माध्यम से सब्जियों का उत्पादन भी शुरू किया है।
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वह हर सीजन में बैंगन, शिमला मिर्च को लोकल बाजारों में बेचने का काम करता हैं। परवीन कहता है कि अगर सरकार पहाड़ पर होने वाले उत्पादों के लिए किसानों को नजदीक में बाजार उपलब्ध करा दे।
अत्याधुनिक खेती के प्रशिक्षण ग्रामीणों को दे तो हर नौजवान पहाड़ की तरफ फिर से रुख कर सकता हैं और पहाड़ पर पलायन को रोका जा सकता हैं।
परवीन द्वारा कृषि पर बेहतरीन कार्य करने के लिए उत्तराखंड शासन की कृषि प्राविधिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) ने वर्ष 2014-15 के लिए सर्वोत्तम उद्यान पुरस्कार किसान श्री से सम्मानित किया है।