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Pithoragarh News: जंजीर में बंधा पंकज, पिता की आंखों में आंसुओं की ओस
Sat, 06 Jan 2024 09:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 06 Jan 2024 09:54 PM IST
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पंकज सिंह, मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चा। संवाद
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। जिस पंकज को देखकर पिता की आंखों में सुनहरी धूप की चमक होनी चाहिए थी, मानसिक रूप से कमजोर उसी बेटे को जंजीर से बंधा देखकर पिता की आंखों में आंसुओं की ओस है। दिव्यांग पिता मानसिक रूप से कमजोर अपने बेटे को रस्सी से बंधा देखने के लिए मजबूर है। दुर्घटना में एक पैर के कुचल जाने के कारण चल फिर पाने में असमर्थ पिता अब तक कई विभागों के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगा चुका है लेकिन न बेटे का दिव्यांग प्रमाणपत्र ही बना और न ही मानसिक बीमारी के इलाज के लिए कोई मदद मिली।
गणाई गंगोली तहसील के बटगेरी निवासी सुरेश सिंह सुगड़ा का साढ़े आठ साल का बेटा पंकज मानसिक रूप से दिव्यांग है। कुछ साल पूर्व सुरेश सिंह का वाहन दुर्घटना में पैर कुचल गया था। इसके चलते वह भी चलने फिरने में असमर्थ हैं। सुरेश सिंह का कहना है कि उसकी जमा पूंजी इलाज में खर्च हो चुकी है। हड्डी कुचल जाने से पैर पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया है। इसके चलते वह जमीन पर घिसटकर चलते हैं। आय का कोई स्रोत नहीं है।
वृद्धा मां की हाल में लगी वृद्धावस्था पेंशन से उनकी दो जून की रोटी का जुगाड़ हो रहा है। सुरेश सिंह ने बताया कि पारिवारिक कारणों से उसकी पत्नी भी कुछ समय से मायके में रह रही है। सुरेश सिंह ने बताया कि सात साल से बिस्तर पर पड़ा होने के कारण अपने बेटे का इलाज भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने अब मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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बेटा बचपन से ही कुपोषित था उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने और इलाज नहीं मिल पाने के कारण परिवार के लोग उसका एक पैर बांध देते हैं। बच्चे की हालत देखकर सिर्फ आंखों से आंसू निकलते हैं। एक बार डीएम पिथौरागढ़ के प्रयासों के बाद अल्मोड़ा बेस अस्पताल में उसकी जांच कराई थी। उसके बाद कोई मदद नहीं मिली। मेरे पास रुपये नहीं हैं। यदि कोई सरकारी सहायता मिलती तो अपने बेटे का किसी मानसिक अस्पताल में इलाज करा लेता। - सुरेश सिंह, ग्राम बटगेरी।
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कुछ समय पूर्व बच्चे के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया था। सीएमओ जल्द ही बच्चे के इलाज का प्रयास करेंगे। संबंधित परिवार को उचित सहायता को लेकर उचित कार्यवाही की जाएगी। - रीना जोशी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़।
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गणाई गंगोली तहसील के बटगेरी निवासी सुरेश सिंह सुगड़ा का साढ़े आठ साल का बेटा पंकज मानसिक रूप से दिव्यांग है। कुछ साल पूर्व सुरेश सिंह का वाहन दुर्घटना में पैर कुचल गया था। इसके चलते वह भी चलने फिरने में असमर्थ हैं। सुरेश सिंह का कहना है कि उसकी जमा पूंजी इलाज में खर्च हो चुकी है। हड्डी कुचल जाने से पैर पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया है। इसके चलते वह जमीन पर घिसटकर चलते हैं। आय का कोई स्रोत नहीं है।
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वृद्धा मां की हाल में लगी वृद्धावस्था पेंशन से उनकी दो जून की रोटी का जुगाड़ हो रहा है। सुरेश सिंह ने बताया कि पारिवारिक कारणों से उसकी पत्नी भी कुछ समय से मायके में रह रही है। सुरेश सिंह ने बताया कि सात साल से बिस्तर पर पड़ा होने के कारण अपने बेटे का इलाज भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने अब मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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बेटा बचपन से ही कुपोषित था उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने और इलाज नहीं मिल पाने के कारण परिवार के लोग उसका एक पैर बांध देते हैं। बच्चे की हालत देखकर सिर्फ आंखों से आंसू निकलते हैं। एक बार डीएम पिथौरागढ़ के प्रयासों के बाद अल्मोड़ा बेस अस्पताल में उसकी जांच कराई थी। उसके बाद कोई मदद नहीं मिली। मेरे पास रुपये नहीं हैं। यदि कोई सरकारी सहायता मिलती तो अपने बेटे का किसी मानसिक अस्पताल में इलाज करा लेता। - सुरेश सिंह, ग्राम बटगेरी।
कुछ समय पूर्व बच्चे के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया था। सीएमओ जल्द ही बच्चे के इलाज का प्रयास करेंगे। संबंधित परिवार को उचित सहायता को लेकर उचित कार्यवाही की जाएगी। - रीना जोशी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़।