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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   One rank, one pension of former soldiers accused of cheating

वन रैंक, वन पेंशन में पूर्व फौजियों के साथ धोखा करने का आरोप

Tue, 10 Nov 2015 09:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Tue, 10 Nov 2015 09:40 PM IST
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राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कर्नल एसपी गुलेरिया ने कहा है कि केंद्र सरकार वन रैंक, वन पेंशन के मामले में पूर्व सैनिकों के साथ भारी धोखा करने जा रही है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने वन रैंक वन पेंशन के लिए जो फार्मूला बनाया है उसके अनुसार 2006 से पहले रिटायर होने वालों को कोई फायदा मिलने वाला नहीं है। सरकार ने ओआरओपी के लिए दो कैटेगरी तय की है। पहली कैटेगरी में वह पूर्व सैनिक शामिल किए गए हैं जो एक अप्रैल 1948 से 31 दिसंबर 2006 के बीच रिटायर हुए हैं। ऐसे पूर्व सैनिकों की पेंशन सरकार पांच वर्ष बाद रिवाइज करेगी। जबकि दूसरी कैटेगरी में एक जनवरी 2007 के बाद रिटायर होने वाले पूर्व सैनिकों को शामिल किया जा रहा है। इनको सरकार अच्छा लाभ देना चाहती है।

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कर्नल गुलेरिया ने कहा कि 2007 के बाद रिटायर होने वाले पूर्व सैनिकों में से अधिकांश ने कोई लड़ाई नहीं लड़ी है। उन्होंने कहा कि पेंशन अब तक हर साल रिवाइज होती थी लेकिन केंद्र सरकार ने बड़ी चालाकी से इसमें संशोधन कर दिया है और पांच साल बाद रिवाइज का फार्मूला तैयार कर लिया है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से अपील की है कि वह रक्षा मंत्री के उस बयान पर जरूर गौर करें, जिसमें उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हर मांग पूरी नहीं हो सकती। ऐसे में पूर्व सैनिकों को इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखनी चाहिए। ओआरओपी के मामले में केंद्र सरकार का आभार जताने जैसी कोई उपलब्धि होने वाली नहीं है।
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