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एक बार पंचेश्वर घाटी का दौरा करें प्रधानमंत्री
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 12 May 2017 11:05 PM IST
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पंचेश्वर घाटी, यहीं पर बांध का निर्माण प्रस्तावित
- फोटो : amar ujala
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पंचेश्वर घाटी की 60 हजार आबादी इस समय संशय के दौर से गुजर रही है। जब से पंचेश्वर बांध निर्माण की कवायद शुरू हुई है, तब से इस घाटी के लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस घाटी के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि वह खुद एक बार इस घाटी का दौरा कर लें। इसके बाद बांध निर्माण के प्रस्ताव पर खुद ही पुनर्विचार करेंगे। यह भी कहा है कि यदि पैदल भ्रमण संभव न हो तो हवाई दौरा जरूर करें।
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पंचेश्वर घाटी के ग्राम सल्ला निवासी पूर्व सैनिक सोबी चंद ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि सबका साथ सबका विकास के नारे को हकीकत में बदलने के लिए पंचेश्वर घाटी की समस्या को देखा जाना जरूरी है। वह कहते हैं कि पंचेश्वर घाटी के लोगों को अब तक आजादी का अहसास तक नहीं हुआ है। इस घाटी को जोड़ने वाली सड़कें खस्ताहाल हैं। बिजली कुछ ही गांवों तक पहुंची है। बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। क्षेत्र में स्कूल हैं तो उनमें शिक्षक नहीं हैं, अस्पताल पूरे इलाके में नहीं है। देश को बैंकिंग सुविधा से जोड़ने का दावा किया जा रहा है, लेकिन पूरी पंचेश्वर घाटी में कोई बैंक नहीं है। सीमा से सटे इस इलाके में सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है।
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इतनी विपदा और व्यथा में जी रहे लोगों को अब पंचेश्वर बांध का खौफ दिखाया जा रहा है। पूर्व सैनिक सोबी चंद का कहना है कि इस इलाके की प्राथमिकता बांध नहीं है। यदि लोगों को बुनियादी सुविधाएं देने में ही थोड़ी सी राशि खर्च कर दी जाए तो शायद लोगों को मुख्यधारा में शामिल होने का मौका मिल जाएगा।
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