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इनर लाइन को लेकर महिलाएं बैठीं क्रमिक अनशन पर
Wed, 20 Feb 2019 10:41 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Wed, 20 Feb 2019 10:41 PM IST
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धारचूला में इनर लाइन हटाने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे लोग।
- फोटो : पिथौरागढ़
इनर लाइन छियालेख से जौलजीबी लाने की मांग को लेकर धारचूला में क्रमिक अनशन जारी है। तीसरे दिन महिलाएं क्रमिक अनशन पर बैठीं।
बुधवार को बिंद्रा रौंकली, बबीता धामी, भगवती नबियाल, उर्मिला डाबरा, विमला रौंकली अनशन में बैठीं। सभी अनशनकारियों को माल्यार्पण कर अनशन पर बिठाया। अनशन स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि इनर लाइन छियालेख होने से पिछले दो दशकों में धारचूला में काफी बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ी है। यहां पर आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है।
धारचूला को बचाने के लिए अब सीमांत की जनता एकजुट हो गई है। वक्ताओं ने कहा जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता है आंदोलन जारी रखा जाएगा। अनशन स्थल पर पूरन सिंह, धनुली बिष्ट, चंचल सिंह, संदीप सिंह बोरा, किशोर सिंह, सागर बिष्ट, जय सिंह, महेंद्र धामी, विशन कुटियाल, शंकर बुदियाल, पूरन सिंह धामी, नंदन सिंह, लक्ष्मी परमार, तुलसी भट्ट आदि मौजूद थे।
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बुधवार को बिंद्रा रौंकली, बबीता धामी, भगवती नबियाल, उर्मिला डाबरा, विमला रौंकली अनशन में बैठीं। सभी अनशनकारियों को माल्यार्पण कर अनशन पर बिठाया। अनशन स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि इनर लाइन छियालेख होने से पिछले दो दशकों में धारचूला में काफी बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ी है। यहां पर आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है।
धारचूला को बचाने के लिए अब सीमांत की जनता एकजुट हो गई है। वक्ताओं ने कहा जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता है आंदोलन जारी रखा जाएगा। अनशन स्थल पर पूरन सिंह, धनुली बिष्ट, चंचल सिंह, संदीप सिंह बोरा, किशोर सिंह, सागर बिष्ट, जय सिंह, महेंद्र धामी, विशन कुटियाल, शंकर बुदियाल, पूरन सिंह धामी, नंदन सिंह, लक्ष्मी परमार, तुलसी भट्ट आदि मौजूद थे।
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