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ओ हिमा का छुं तेरो जलेबी को डाब...
ब्यूरो/अमर उजाला, जौलजीबी/धारचूला
Updated Fri, 23 Nov 2018 10:39 PM IST
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जौलजीबी मेले में भारत-नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुल में जुटी मेलार्थियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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जौलजीबी मेला और विकास प्रदर्शनी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। मेले में खरीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं।
बृहस्पतिवार रात भी कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांध दिया। प्रह्लाद मेहरा ने मासी का फूल, ओ हिमा का छुं तेरो जलेबी को डाब गीत प्रस्तुत किए। किशन दानू ने बेटी को नि मारो लोगो गीत गाया। इससे पहले गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, इसमें अंकित दताल प्रथम, प्रदीप चलाल द्वितीय, भावना भट्ट तृतीय रहे। इन सभी बच्चों को राय नरेश की ओर से पुरस्कार के रूप में एक-एक जैकेट दी गई। निर्णायक करन सिंह थापा, आरपी पांडे, शंकर दत्त भट्ट थे। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण बिष्ट, करन थापा और शिवम भट्ट ने किया।
रात्रि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शकुंतला दताल, उपमेलाधिकारी बिपिन चंद, सामाजिक कार्यकर्ता लीला बनंग्याल, ग्राम प्रधान दुतिबगड़ कमला चंद, दौलत पाल, धीरेंद्र धर्मशक्तू, खीमानंद भट्ट, पटवारी हुकुम सिंह धामी, सुरेंद्र धामी और कमल बनंग्याल आदि थे।
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मेले में खरीदारी के लिए बढ़ने लगी है भीड़
जौलजीबी। जौलजीबी मेला अब समाप्ति की ओर है। मेले में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे हैं। भारत के साथ ही नेपाल से भी लोग कपड़े एवं अन्य सामान की खरीदारी कर रहे हैं। झूलापुल में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। एसएसबी और पुलिस के जवान झूलापुल में सुरक्षा में तैनात हैं। एसएसबी के झूलापुल के इंचार्ज एएसआई जसवंत सिंह ने बताया कि मेला शुरू होने के बाद प्रतिदिन तीन से पांच हजार लोगों का आवागमन हो रहा। उन्होंने कहा कि लोगों की जांच पड़ताल के बाद ही जाने की अनुमति दी जा रही है। बताया कि सामान्य दिनों में पुल सुबह 6.30 खोला और शाम को छह बजे बंद किया जाता था। मेले को देखते हुए रात 10.30 बजे तक झूलापुल को बंद किया जा रहा है।
घट रही है ऊनी कपड़ों की मांग
जौलजीबी। मेला परिसर में लगे सरकारी स्टालों में दुकान चला रही मानसरोवर ऊनी खादी, कताई बुनाई की अध्यक्ष पुष्पा खम्पा ने बताया कि 20 वर्षों से मेले में ऊनी कपड़े, चुटका, पंखी, स्वेटर, टोपी, जैकेट, बास्केट और मोजे की स्टाल लगा रही है। उन्होंने बताया कि पहले लोग ऊनी कपड़ों की खूब खरीदारी करते थे। अब लोग चीन के बने कंबलों और जैकेट को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। इसकी वजह से बिक्री में भारी गिरावट आ गई है।
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बृहस्पतिवार रात भी कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांध दिया। प्रह्लाद मेहरा ने मासी का फूल, ओ हिमा का छुं तेरो जलेबी को डाब गीत प्रस्तुत किए। किशन दानू ने बेटी को नि मारो लोगो गीत गाया। इससे पहले गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, इसमें अंकित दताल प्रथम, प्रदीप चलाल द्वितीय, भावना भट्ट तृतीय रहे। इन सभी बच्चों को राय नरेश की ओर से पुरस्कार के रूप में एक-एक जैकेट दी गई। निर्णायक करन सिंह थापा, आरपी पांडे, शंकर दत्त भट्ट थे। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण बिष्ट, करन थापा और शिवम भट्ट ने किया।
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रात्रि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शकुंतला दताल, उपमेलाधिकारी बिपिन चंद, सामाजिक कार्यकर्ता लीला बनंग्याल, ग्राम प्रधान दुतिबगड़ कमला चंद, दौलत पाल, धीरेंद्र धर्मशक्तू, खीमानंद भट्ट, पटवारी हुकुम सिंह धामी, सुरेंद्र धामी और कमल बनंग्याल आदि थे।
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मेले में खरीदारी के लिए बढ़ने लगी है भीड़
जौलजीबी। जौलजीबी मेला अब समाप्ति की ओर है। मेले में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे हैं। भारत के साथ ही नेपाल से भी लोग कपड़े एवं अन्य सामान की खरीदारी कर रहे हैं। झूलापुल में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। एसएसबी और पुलिस के जवान झूलापुल में सुरक्षा में तैनात हैं। एसएसबी के झूलापुल के इंचार्ज एएसआई जसवंत सिंह ने बताया कि मेला शुरू होने के बाद प्रतिदिन तीन से पांच हजार लोगों का आवागमन हो रहा। उन्होंने कहा कि लोगों की जांच पड़ताल के बाद ही जाने की अनुमति दी जा रही है। बताया कि सामान्य दिनों में पुल सुबह 6.30 खोला और शाम को छह बजे बंद किया जाता था। मेले को देखते हुए रात 10.30 बजे तक झूलापुल को बंद किया जा रहा है।
घट रही है ऊनी कपड़ों की मांग
जौलजीबी। मेला परिसर में लगे सरकारी स्टालों में दुकान चला रही मानसरोवर ऊनी खादी, कताई बुनाई की अध्यक्ष पुष्पा खम्पा ने बताया कि 20 वर्षों से मेले में ऊनी कपड़े, चुटका, पंखी, स्वेटर, टोपी, जैकेट, बास्केट और मोजे की स्टाल लगा रही है। उन्होंने बताया कि पहले लोग ऊनी कपड़ों की खूब खरीदारी करते थे। अब लोग चीन के बने कंबलों और जैकेट को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। इसकी वजह से बिक्री में भारी गिरावट आ गई है।