बैंकों में अब लोगों की भीड़ कम होने लगी
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महीने के शुरुआती दिन गुजरने और कैश की दूसरी खेप आने के बाद अब बैंकों की भीड़ कम होने लगी है। बृहस्पतिवार को सभी बैंकों में लोगों की संख्या कम रही। अलबत्ता स्टेट बैंक में रोजाना बड़ी संख्या में लोग सामान्य दिनों में भी आते रहते हैं। इतने लोग बैंक में नियमित आते रहेंगे। नगर के सभी बैंक चेक और काउंटर भुगतान के माध्यम से 24000 रुपए तक लोगों को दे रहे हैं। एटीएम से जरूर 2000 रुपए ही निकल रहे हैं। स्टेट बैंक ने अपने कुछ एटीएम में 500 के नोट भी डाले हैं, लेकिन सभी एटीएम में इनको डाल पाना संभव नहीं है।
बैंक के कैश अधिकारी दिनेश चंद का कहना है कि 500 के नए नोट बहुत ही कम मात्रा में आए थे, इसलिए उन्हें सभी एटीएम में डाल पाना संभव नहीं है। एसबीआई की मुख्य शाखा सहित नगर की अन्य शाखाओं में इस समय रोजाना एक करोड़ रुपए से ज्यादा जमा हो रहा है। स्टेट बैंक की कासनी शाखा के पास 8 कैंटीनों के खाते हैं। इस शाखा में रोज ठीक ठाक राशि जमा हो रही है। वड्डा स्थित स्टेट बैंक की शाखा को बृहस्पतिवार को दोबारा 50 लाख रुपए मिले। शाखा प्रबंधक ईश्वर गर्ब्याल ने बताया कि इसी तरह मुख्य शाखा से पैसा मिलता रहे तो धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी।
स्टेट बैंक की नाकोट शाखा के सहायक कैश अधिकारी भूपेश खैनाल ने बताया कि उनके यहां एटीएम नहीं हैं। बैंक से सभी खाताधारकों को दस-दस हजार रुपए तक दिए जा रहे हैं। नेपाल सीमा पर स्थित एसबीआई की झूलाघाट शाखा से नेपाल निवासी पेंशनर भी जुड़े हैं। वहां पर लोगों को जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं मिल पा रहा है। खाताधारक को 4 से 6 हजार तक मिल रहे हैं। झूलाघाट में 500 का नया नोट के शुक्रवार से मिलने की उम्मीद है।
एटीएम में पैसा पर लोग नहीं आ रहे
पिथौरागढ़। नोटबंदी के बाद कुछ एटीएम ऐसे भी हैं जहां एटीएम ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। बड़ाबे कस्बे में लगे स्टेट बैंक के एटीएम में 20 दिन पहले 2000 के 15 लाख रुपए डाले गए। अब तक पैसा समाप्त नहीं हुआ है। ऐसा ही हाल झूलाघाट एसबीआई की मुख्य शाखा में लगे एटीएम का भी है। यहां पर पैसा तो है, परंतु ग्राहक नहीं हैं।
डीडीहाट स्टेट बैंक में होने लगी कैश की किल्लत
डीडीहाट। स्टेट बैंक की डीडीहाट शाखा में अब कैश समाप्त होने को है। इस समय बैंक 24 हजार रुपए तक भुगतान कर रहा है। बैंक के अधिकारियों ने बताया कि रिजर्व बैंक से अब तक सीधे धनराशि नहीं मिली है। नोटबंदी के बाद 21 करोड़ रुपए अन्य जिलों से मिले। उनको अधीनस्थ बैंक शाखाओं में बांट दिया गया है।
मदकोट में मिल रहा दस हजार का भुगतान
मदकोट। मदकोट स्थित ग्रामीण बैंक की शाखा से लोगों को दस हजार रुपए तक का भुगतान मिल रहा है। बैंक में अब कैश आने लगा है। बैंक प्रबंधक डीआर टम्टा ने बताया कि यदि इसी तरह कैश मिलता रहा तो लोगों की दिक्कत दूर हो जाएगी। नोटबंदी के बाद पहली बार लोगों को दस-दस हजार रुपए का भुगतान मिलने लगा है। मदकोट में सहकारी बैंक की शाखा भी है।