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पिंजरे के पास फटका तक नहीं तेंदुआ
अमर उजाला ब्यूराे पिथौरागढ़।
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:01 PM IST
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गंगोलीहाट के पोखरी में लगा पिंजरा।
- फोटो : अमर उजाला
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पोखरी गांव में पांच साल के मासूम कार्तिक को मौत के घाट उतारने वाला तेंदुआ पिंजरे के पास नहीं फटक रहा है। वन विभाग की टीम ने मौके पर डेरा डाल रखा है। क्षेत्र के लोगों में तेंदुए को नरभक्षी घोषित न किए जाने को लेकर जबरदस्त आक्रोश बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग की है।
वन विभाग ने रविवार को ही सारगाड़ नामक स्थान में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया था। पिंजरे के एक खाने में बकरी रखा गया था। रविवार की रातभर वन विभाग की टीम ने पिंजरे के आसपास पहरा दिया लेकिन तेंदुआ पिंजरे के आसपास फटका तक नहीं। इस मामले को लेकर खुलेत के क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्ण नाथ, चिटगल की क्षेत्र पंचायत सदस्य विनीता पंत, पाली के क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवती प्रसाद पंत, बोयल की प्रधान हेमा देवी, अग्रोन की प्रधान सरिता देवी, खुलेत की प्रधान हेमा देवी, चिटगल के प्रधान चंद्रशेखर पंत, पाली के प्रधान कैलाश राम, मल्लागर्खा के प्रधान होशियार गिरी, चौंली की प्रधान शोभा देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मदनमोहन जोशी, पुष्कर सिंह खाती, जीवन लाल आदि ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि वर्ष 2011 से अब तक तेंदुआ सात मासूमों को निवाला बना चुका है। तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने की अनुमति वन विभाग नहीं दे रहा है।
उन्होंने कहा है कि यदि आदमखोर तेंदुए को नहीं मारा गया तो वह कई और लोगों को अपना शिकार बना सकता है। इन लोगों ने तेंदुए को तत्काल नरभक्षी घोषित कर शिकारी तैनात करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बताया कि वन दरोगा मोहन जोशी, वन रक्षक हर्ष राजीव, रमेश कुमार, देवेंद्र सिंह, कमलेश सिंह को मौके पर तैनात कर रखा है, जो दिन-रात वहां पर बने रहेंगे। तेंदुए को पकड़ने के भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं।
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कोट
तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने की अनुमति देने के लिए वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र भेज दिया गया है। जैसे ही आदेश पहुंचता है, उस पर अमल किया जाएगा। फिलहाल तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है, टीम मौके पर तैनात है।
विनय भार्गव प्रभागीय वनाधिकारी पिथौरागढ़
वन विभाग ने रविवार को ही सारगाड़ नामक स्थान में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया था। पिंजरे के एक खाने में बकरी रखा गया था। रविवार की रातभर वन विभाग की टीम ने पिंजरे के आसपास पहरा दिया लेकिन तेंदुआ पिंजरे के आसपास फटका तक नहीं। इस मामले को लेकर खुलेत के क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्ण नाथ, चिटगल की क्षेत्र पंचायत सदस्य विनीता पंत, पाली के क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवती प्रसाद पंत, बोयल की प्रधान हेमा देवी, अग्रोन की प्रधान सरिता देवी, खुलेत की प्रधान हेमा देवी, चिटगल के प्रधान चंद्रशेखर पंत, पाली के प्रधान कैलाश राम, मल्लागर्खा के प्रधान होशियार गिरी, चौंली की प्रधान शोभा देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मदनमोहन जोशी, पुष्कर सिंह खाती, जीवन लाल आदि ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि वर्ष 2011 से अब तक तेंदुआ सात मासूमों को निवाला बना चुका है। तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने की अनुमति वन विभाग नहीं दे रहा है।
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उन्होंने कहा है कि यदि आदमखोर तेंदुए को नहीं मारा गया तो वह कई और लोगों को अपना शिकार बना सकता है। इन लोगों ने तेंदुए को तत्काल नरभक्षी घोषित कर शिकारी तैनात करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बताया कि वन दरोगा मोहन जोशी, वन रक्षक हर्ष राजीव, रमेश कुमार, देवेंद्र सिंह, कमलेश सिंह को मौके पर तैनात कर रखा है, जो दिन-रात वहां पर बने रहेंगे। तेंदुए को पकड़ने के भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं।
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तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने की अनुमति देने के लिए वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र भेज दिया गया है। जैसे ही आदेश पहुंचता है, उस पर अमल किया जाएगा। फिलहाल तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है, टीम मौके पर तैनात है।
विनय भार्गव प्रभागीय वनाधिकारी पिथौरागढ़