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अस्पताल के कमरे में बंद पड़ी है 40 लाख रुपये की डिजिटल एक्सरे मशीन
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धारचूला का संयुक्त अस्पताल।
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत की जनता को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने के लिए लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए उपकरणों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की महंगी मशीनें बंद कमरों में धूल फांक रही हैं। यही हाल धारचूला संयुक्त अस्पताल में भी है। वहां तकनीशियन न होने से 40 लाख रुपये की डिजिटल एक्सरे मशीन वर्षों से कमरे में बंद है।
स्वास्थ्य सुविधा के लिए खोले गए संयुक्त अस्पताल धारचूला पर 60 हजार से अधिक की आबादी निर्भर है। इस अस्पताल में धारचूला समेत पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद इस अस्पताल में एक्सरे तक की सुविधा नहीं है। सीमांत की जनता की सुविधा के लिए कुछ वर्ष पूर्व आईटीबीपी ने अपने स्तर से 40 लाख रुपये लागत की एक्सरे डिजिटल मशीन खरीदकर संयुक्त अस्पताल को दिलाई थी, लेकिन तकनीशियन न होने के कारण इस मशीन का उपयोग नहीं हो सका। सीमांत क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल में एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों को जांच के लिए या तो प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ता है या फिर एक सौ किमी दूर पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। स्थानीय स्तर पर एक्सरे तक की सुविधा न होने से गरीब जनता पर आर्थिक बोझ पड़ता है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी अस्पताल में नहीं है। यहां से गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता कई बार आंदोलन कर चुकी है। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अस्पताल में तकनीशियन की तैनाती सहित अन्य समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। तकनीशियन की नियुक्ति के बाद ही एक्सरे मशीन का संचालन हो सकता है।
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- डॉ. एमके जायसवाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी संयुक्त अस्पताल, धारचूला।
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स्वास्थ्य सुविधा के लिए खोले गए संयुक्त अस्पताल धारचूला पर 60 हजार से अधिक की आबादी निर्भर है। इस अस्पताल में धारचूला समेत पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद इस अस्पताल में एक्सरे तक की सुविधा नहीं है। सीमांत की जनता की सुविधा के लिए कुछ वर्ष पूर्व आईटीबीपी ने अपने स्तर से 40 लाख रुपये लागत की एक्सरे डिजिटल मशीन खरीदकर संयुक्त अस्पताल को दिलाई थी, लेकिन तकनीशियन न होने के कारण इस मशीन का उपयोग नहीं हो सका। सीमांत क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल में एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों को जांच के लिए या तो प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ता है या फिर एक सौ किमी दूर पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। स्थानीय स्तर पर एक्सरे तक की सुविधा न होने से गरीब जनता पर आर्थिक बोझ पड़ता है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी अस्पताल में नहीं है। यहां से गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता कई बार आंदोलन कर चुकी है। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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अस्पताल में तकनीशियन की तैनाती सहित अन्य समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। तकनीशियन की नियुक्ति के बाद ही एक्सरे मशीन का संचालन हो सकता है।
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- डॉ. एमके जायसवाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी संयुक्त अस्पताल, धारचूला।