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Pithoragarh News: इलाज किया नहीं, 236 मरीजों को हायर सेंटर कर दिया रेफर

Sat, 02 Aug 2025 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 02 Aug 2025 10:45 PM IST
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No treatment was provided, 236 patients were referred to higher centres
पिथौरागढ़। सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और मरीजों को हायर सेंटर रेफर न करने के शासन से जिला स्तर तक निर्देश जारी हुए हैं।
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आपातकालीन सेवा 108 से मिले आंकड़े इन दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं कि सीमांत जिले के सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिला तो एक महीने में 236 मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर जिम्मेदारी निभा दी गई।
हायर सेंटर रेफर होने वाले 20 फीसदी मरीज बुखार, टायफायड, पीलिया और निमोनिया से जूझ रहे थे और इन्हें स्थानीय अस्पतालों में मामूली इलाज भी नसीब नहीं हुआ।
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सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के दावे कर मरीजों को हायर रेफर नहीं करने के निर्देश जारी हुए हैं। धरातल पर यह दावे मरीजों की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं।
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अमर उजाला ने जब बीते एक महीने में जिला, महिला अस्पताल सहित सीएचसी और पीएचसी से आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से हायर सेंटर रेफर होने वाले मरीजों की पड़ताल की तो इन दावों की हकीकत सामने आई। आपातकालीन सेवा 108 से मिले आंकड़ों के मुताबिक बीते जुलाई में इन अस्पतालों में बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद में पहुंचे 236 मरीजों के सामने स्वास्थ्य कर्मियों ने हाथ खड़े करते हुए इन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
जिले के सबसे बड़े जिला और महिला अस्पताल से ही 37 मरीजों को आपातकालीन सेवा की एंबुलेंस ने हल्द्वानी हायर सेंटर पहुंचाया। यही हाल मुनस्यारी, डीडीहाट, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट और धारचूला में करोड़ों रुपये खर्च कर खोले गए सीएचसी के भी हैं।

इन अस्पतालों से एंबुलेंस ने एक महीने के भीतर 139 मरीजों को हायर सेंटर पहुंचाया और दस्तावेजों में इनमें से 20 फीसदी मरीजों की बुखार, टायफायड, पीलिया, निमोनिया जैसी बीमारी दर्ज थी। इस बीमारी का स्थानीय अस्पतालों में बेहतर इलाज हो सकता था। ये आंकड़े लोगों को हैरान कर रहे हैं तो सिस्टम के खोखले दावों की पोल भी खोल रहे हैं।
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