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कोरोना की दूसरी लहर पर्यटक आवास गृहों को 50 लाख से अधिक का नुकसान
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पिथौरागढ़। कोरोना की दूसरी लहर में जिले के पर्यटक आवास गृहों (टीआरसी) को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। कोरोना के कारण जिले के सभी टीआरसी को 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो गया है।
जिले में नौ टीआरसी हैं। पर्यटकों की अधिक आमद के कारण इनमें से चौकोड़ी और मुनस्यारी के टीआरसी कमाई के मामले में सबसे आगे हैं, लेकिन कोरोना के कारण टीआरसी का कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है।
कोरोना की पहली लहर में भी टीआरसी को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। इनमें बाहर से आने वाले प्रवासियों को 14 दिनों तक रखा जा रहा था। पिथौरागढ़ में कोविड रोगियों को भी रखा गया था।
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तब टीआरसी का काफी नुकसान हुआ था। पहली लहर में संक्रमण के मामले कम होने के बाद टीआरसी को पर्यटकों के लिए खोला गया।
अब दूसरी लहर में संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद जिले के टीआरसी पिथौरागढ़, धारचूला, गंगोलीहाट, पाताल भुवनेश्वर, चौकड़ी, थल, बिर्थी, मुनस्यारी को क्वारंटीन सेंटर और टीआरसी डीडीहाट को कोविड केयर सेंटर बना दिया गया है। दूसरी लहर में टीआरसी को 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
सीमांत जिले में बड़ी संख्या में आते हैं पर्यटक
पिथौरागढ़। सीमांत जिले बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। पवित्र कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश यात्रा के चलते पर्यटक आवास गृह और होम स्टे गुलजार रहते हैं। कोरोना काल में पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित रहा है। इससे पर्यटक आवास गृह संचालक, होटल स्वामी काफी परेशान हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में सभी पर्यटक आवास गृहों को क्वारंटीन सेंटर बना दिया है। कोरोना के कारण पर्यटकों का आना बंद है। शादी और अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग नहीं मिल रही है। जिले के पर्यटक आवास गृहों को 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो गया है
- दिनेश गुरुरानी, प्रबंधक पर्यटक आवास गृह, पिथौरागढ़।
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जिले में नौ टीआरसी हैं। पर्यटकों की अधिक आमद के कारण इनमें से चौकोड़ी और मुनस्यारी के टीआरसी कमाई के मामले में सबसे आगे हैं, लेकिन कोरोना के कारण टीआरसी का कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है।
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कोरोना की पहली लहर में भी टीआरसी को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। इनमें बाहर से आने वाले प्रवासियों को 14 दिनों तक रखा जा रहा था। पिथौरागढ़ में कोविड रोगियों को भी रखा गया था।
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तब टीआरसी का काफी नुकसान हुआ था। पहली लहर में संक्रमण के मामले कम होने के बाद टीआरसी को पर्यटकों के लिए खोला गया।
अब दूसरी लहर में संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद जिले के टीआरसी पिथौरागढ़, धारचूला, गंगोलीहाट, पाताल भुवनेश्वर, चौकड़ी, थल, बिर्थी, मुनस्यारी को क्वारंटीन सेंटर और टीआरसी डीडीहाट को कोविड केयर सेंटर बना दिया गया है। दूसरी लहर में टीआरसी को 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
सीमांत जिले में बड़ी संख्या में आते हैं पर्यटक
पिथौरागढ़। सीमांत जिले बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। पवित्र कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश यात्रा के चलते पर्यटक आवास गृह और होम स्टे गुलजार रहते हैं। कोरोना काल में पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित रहा है। इससे पर्यटक आवास गृह संचालक, होटल स्वामी काफी परेशान हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में सभी पर्यटक आवास गृहों को क्वारंटीन सेंटर बना दिया है। कोरोना के कारण पर्यटकों का आना बंद है। शादी और अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग नहीं मिल रही है। जिले के पर्यटक आवास गृहों को 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो गया है
- दिनेश गुरुरानी, प्रबंधक पर्यटक आवास गृह, पिथौरागढ़।