{"_id":"619a8ef6e3ae4b1f1a408bbe","slug":"no-road-to-bagjibala-village-pithoragarh-news-hld4452664198","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारों की अनदेखी, आजादी के 75 साल बाद भी सड़क नहीं देखी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारों की अनदेखी, आजादी के 75 साल बाद भी सड़क नहीं देखी
विज्ञापन
डीडीहाट का बगजीबला गांव। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। इसे सरकारों की अनदेखी ही कहेंगे कि आजादी के 75 और राज्य गठन के 21 साल बाद भी डीडीहाट से महज 18 किमी की दूरी पर स्थित बगजीबला गांव में सड़क सुविधा के अभाव में पलायन हो रहा है।
बचपन से सड़क का सपना देख रही कई बुजुर्गों की आंखें अब सड़क के इंतजार में पथरा गई हैं। गांव तक सड़क नहीं पहुंचने से 60 फीसदी परिवार गांव छोड़ तराई में बस गए हैं।
डीडीहाट तहसील मुख्यालय से 18 किमी की दूरी में बसे बगजीबला गांव तक मोटरमार्ग का निर्माण नहीं हो पाया है। घिमाली बैंड से बगजीबला की दूरी 8 किमी है। यहां से तीन किमी दूर छुरमल मंदिर तक सड़क पहुंची है। इस सड़क पर भी आठ साल से डामर नहीं किया गया है।
विज्ञापन
बगजीबला निवासी महेश चंद्र जोशी ने बताया कि इस सड़क की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के समय से गांव वाले सरकारों से मांग करते आ रहे हैं लेकिन न तब उनकी सुनी गई और न ही राज्य गठन के बाद सरकारों ने इस ओर ध्यान दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता पंडित उमेश चंद्र जोशी का कहना है कि बगजीबला में एक समय पर 50 से अधिक परिवार रहते थे। सड़क सुविधा के न होने के कारण अब गांव में मात्र 10 से 20 परिवार ही बचे हैं। उन परिवारों में भी बुजुर्ग लोगों की संख्या अधिक है।
घिमाली बैंड से छुरमल मंदिर तक सड़क निर्माण के पहले चरण का कार्य किया जा चुका है। दूसरे चरण के लिए बगजीबला गांव को सड़क से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार करके शासन को भेजी जा रही है। - जगदीश थपलियाल, ईई, लोनिवि
विज्ञापन
बचपन से सड़क का सपना देख रही कई बुजुर्गों की आंखें अब सड़क के इंतजार में पथरा गई हैं। गांव तक सड़क नहीं पहुंचने से 60 फीसदी परिवार गांव छोड़ तराई में बस गए हैं।
विज्ञापन
डीडीहाट तहसील मुख्यालय से 18 किमी की दूरी में बसे बगजीबला गांव तक मोटरमार्ग का निर्माण नहीं हो पाया है। घिमाली बैंड से बगजीबला की दूरी 8 किमी है। यहां से तीन किमी दूर छुरमल मंदिर तक सड़क पहुंची है। इस सड़क पर भी आठ साल से डामर नहीं किया गया है।
विज्ञापन
बगजीबला निवासी महेश चंद्र जोशी ने बताया कि इस सड़क की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के समय से गांव वाले सरकारों से मांग करते आ रहे हैं लेकिन न तब उनकी सुनी गई और न ही राज्य गठन के बाद सरकारों ने इस ओर ध्यान दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता पंडित उमेश चंद्र जोशी का कहना है कि बगजीबला में एक समय पर 50 से अधिक परिवार रहते थे। सड़क सुविधा के न होने के कारण अब गांव में मात्र 10 से 20 परिवार ही बचे हैं। उन परिवारों में भी बुजुर्ग लोगों की संख्या अधिक है।
घिमाली बैंड से छुरमल मंदिर तक सड़क निर्माण के पहले चरण का कार्य किया जा चुका है। दूसरे चरण के लिए बगजीबला गांव को सड़क से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार करके शासन को भेजी जा रही है। - जगदीश थपलियाल, ईई, लोनिवि