{"_id":"6158a5f08ebc3e09081dfcd7","slug":"no-road-no-vote-in-moonakot-pithoragarh-news-hld440070957","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क नहीं तो वोट नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क नहीं तो वोट नहीं
विज्ञापन
मूनाकोट के अशोकनगर बेलतड़ी मोटर मार्ग के लिए धरने पर बैठे क्षेत्रवासी। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। अशोकनगर-बेलतड़ी सड़क मार्ग के दो किमी हिस्से के लिए ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन के आठवें दिन भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नारे लगाए। धरना संयोजक दयाकिशन भट्ट ने बताया कि सत्ता पार्टी के किसी भी जनप्रतिनिधि ने धरने को लेकर कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इसके विरोध में क्षेत्र के करीब 12 हजार वोटर आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। गोविंद बल्लभ भट्ट, गोकुल कुमार, राजन राम, रवि कुमार, कमल कुमार, चंद्रबल्लभ आदि ने धरना दिया।
विज्ञापन
2004 में मिल चुकी है स्वीकृति
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। अशोकनगर-बेलतड़ी सड़क को वर्ष 2004 में स्वीकृति मिल चुकी थी। 10 किमी लंबी सड़क पर सौनगांव तक डामर हो चुका है। 4.50 किमी लंबी सड़क पर काफी कटिंग भी हो चुकी है लेकिन भांटीगांव से बेलतड़ी तक कठोर चट्टान होने से कटिंग नहीं हो सकी।
क्षेत्र के लोग सड़क निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मिल चुके है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि अशोकनगर-बेलतड़ी मोटर मार्ग के लिए धरने पर बैठे आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए लोनिवि के इंजीनियरों को गांव भेजा जा रहा है। वहां जाकर टीम सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा असर
मूनाकोट। सड़क न होने का खामियाजा बेलतड़ी गांव के बच्चों को उठाना पड़ रहा है। गांव के कई बच्चे आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण बाजार में कमरा नहीं ले सकते हैं। ऐसे में 10 किमी से अधिक यात्रा कर बाजार जाकर पढ़ना उनके लिए आसान नहीं था। गांव की निकिता भट्ट ने छह किमी पैदल चढ़ाई के बाद बिलाई से इंटर किया।
आगे की शिक्षा के लिए बाजार में कमरा किराए पर लेने की हिम्मत नहीं है। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे अपने परिवार पर बोझ डाल सकें। परिवार की परेशानियों को देखते हुए उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई ही नहीं की। उन्होंने कहा कि सड़क बन जाती तो किराया भी कम होता। गांव से ही जाकर कॉलेज में प्रवेश ले लेती।
गंगोलीहाट में 83वें दिन भी किया क्रमिक अनशन
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। मणकनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क बनाने की मांग के लिए ग्रामीणों ने शनिवार को 83वें दिन भी क्रमिक अनशन किया। शनिवार को ठाकुर सिंह बिष्ट और दीवान सिंह बिष्ट क्रमिक अनशन पर बैठे जबकि जिला पंचायत सदस्य कल्याण राम, देवेंद्र सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह बिष्ट, हरीश बहादुर टम्टा, पुष्कर भंडारी, संजय सिंह आदि धरने पर बैठे।
विज्ञापन
आंदोलन के आठवें दिन भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नारे लगाए। धरना संयोजक दयाकिशन भट्ट ने बताया कि सत्ता पार्टी के किसी भी जनप्रतिनिधि ने धरने को लेकर कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विज्ञापन
इसके विरोध में क्षेत्र के करीब 12 हजार वोटर आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। गोविंद बल्लभ भट्ट, गोकुल कुमार, राजन राम, रवि कुमार, कमल कुमार, चंद्रबल्लभ आदि ने धरना दिया।
विज्ञापन
2004 में मिल चुकी है स्वीकृति
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। अशोकनगर-बेलतड़ी सड़क को वर्ष 2004 में स्वीकृति मिल चुकी थी। 10 किमी लंबी सड़क पर सौनगांव तक डामर हो चुका है। 4.50 किमी लंबी सड़क पर काफी कटिंग भी हो चुकी है लेकिन भांटीगांव से बेलतड़ी तक कठोर चट्टान होने से कटिंग नहीं हो सकी।
क्षेत्र के लोग सड़क निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मिल चुके है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि अशोकनगर-बेलतड़ी मोटर मार्ग के लिए धरने पर बैठे आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए लोनिवि के इंजीनियरों को गांव भेजा जा रहा है। वहां जाकर टीम सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा असर
मूनाकोट। सड़क न होने का खामियाजा बेलतड़ी गांव के बच्चों को उठाना पड़ रहा है। गांव के कई बच्चे आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण बाजार में कमरा नहीं ले सकते हैं। ऐसे में 10 किमी से अधिक यात्रा कर बाजार जाकर पढ़ना उनके लिए आसान नहीं था। गांव की निकिता भट्ट ने छह किमी पैदल चढ़ाई के बाद बिलाई से इंटर किया।
आगे की शिक्षा के लिए बाजार में कमरा किराए पर लेने की हिम्मत नहीं है। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे अपने परिवार पर बोझ डाल सकें। परिवार की परेशानियों को देखते हुए उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई ही नहीं की। उन्होंने कहा कि सड़क बन जाती तो किराया भी कम होता। गांव से ही जाकर कॉलेज में प्रवेश ले लेती।
गंगोलीहाट में 83वें दिन भी किया क्रमिक अनशन
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। मणकनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क बनाने की मांग के लिए ग्रामीणों ने शनिवार को 83वें दिन भी क्रमिक अनशन किया। शनिवार को ठाकुर सिंह बिष्ट और दीवान सिंह बिष्ट क्रमिक अनशन पर बैठे जबकि जिला पंचायत सदस्य कल्याण राम, देवेंद्र सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह बिष्ट, हरीश बहादुर टम्टा, पुष्कर भंडारी, संजय सिंह आदि धरने पर बैठे।