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सड़क काटने से पहले से बौन में बना दिया चार करोड़ का मोटर पुल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2022 12:07 AM IST
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No Road For New Bridge in Bone Village
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा से लगे दारमा घाटी के ग्राम पंचायत दुग्तु बोन में लोनिवि विश्व बैंक खंड ने धौली नदी पर 4.16 करोड़ रुपये की लागत से 70 मीटर लंबा, 3.5 मीटर चौड़ा पांच टन क्षमता का मोटर पुल बना दिया है लेकिन वहां तक सड़क न होने से सीमांत के ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कारण बौन और फिलम के ग्रामीणों की खुशी अधूरी रह गई है।
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वर्ष 2013 की भीषण आपदा में दारमा घाटी के सेला और चल ग्राम में लोहे के पैदल पुल धौली नदी में समा गए थे। इसके बाद लोग माइग्रेशन में लकड़ी के पुल और ट्रॉली से गांव को जाना पड़ता है। दारमा के ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधियों ने धौली नदी के पार बौन, चल, सेला में मोटर पुल के निर्माण की मांग की थी। लोगों की मांग और जरूरत को देखते हुए सरकार ने बौन में मोटर पुल निर्माण को मंजूरी दे दी। लोनिवि विश्व बैंक खंड ने नवंबर 2017 में ग्राम पंचायत बौन के ठाड़ी नामक जगह में धौली नदी पर मोटर पुल का कार्य शुरू किया। बरसात में कुछ सड़क बंद होने, आपदा के कारण मोटर और ठेकेदार की लापरवाही के कारण इस मोटर पुल को बनने में तीन साल से अधिक का समय लग गया। यहां पर पुल तो बना दिया गया है लेकिन पुल तक दो किमी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके कारण चार करोड़ की लागत का पुल शोपीस जैसा बनकर रह गया है।
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लंबे समय से कर रहे सड़क निर्माण की मांग
धारचूला (पिथौरागढ़)। ग्राम प्रधान बौन सपना बोनाल और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद बोनाल ने बताया कि मोटर पुल बनने के समय से कई बार गांव को जोड़ने के लिए करीब दो किमी लंबी सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार शासन-प्रशासन और अधिकारियों को ज्ञापन भी भेजे, लेकिन सड़क नहीं बन पाई है। मोटर पुल के बनने से ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं मिला है। पूर्व प्रधान बोन दान सिंह ने कहा कि मोटर पुल बनते समय कई बार उन्होंने ठेकेदार और विभाग से गांव को जोड़ने वाली कच्ची सड़क का निर्माण करने की मांग की। अगर उस समय विभाग ने उनकी मांग मानी होती तो आज गांव वाले इस वर्ष माइग्रेशन में अपने गांव वाहनों से जा सकते थे। सही समय में गांव को जोड़ने के लिए सड़क बन जाती तो प्रसिद्ध पंचाचूली ग्लेशियर में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती, क्योंकि बोन से पंचाचूली की पांचों चोटी का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।
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विभाग ने मोटर पुल का निर्माण कर सितंबर 2021 में लोनिवि अस्कोट को हस्तांतरित कर दिया है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण गांव को जोड़ने के लिए सड़क नहीं बन पाई। विभाग ने ठेकेदार पर 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। भविष्य में गांव को जोड़ने वाली सड़क की कोई योजना आने पर कार्य किया जाएगा। - विनोद प्रकाश कठायत, जेई, लोनिवि विश्व बैंक खंड, धारचूला।
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