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डीएम के निर्देश के बाद भी घरूड़ी में बच्चों को ऊफनाई गोरी नदी पार कराने के लिए नहीं तैनात हुए पीआरडी जवान
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घरूड़ी के बच्चे अस्थाई ट्राली से गोरी नदी पार करते हुए।
- फोटो : PITHORAGARH
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी क्षेत्र की ग्राम सभा मवानी-दवानी के तोक घरूडी में बच्चे अब भी जीर्ण-शीर्ण ट्रॉली से जान जोखिम में डालकर गोरी नदी पार करने के लिए मजबूर हैं।
यह स्थिति तब है जब पिछले दिनों जिलाधिकारी ने बच्चों को नदी पार कराने के लिए मौके पर पीआरडी जवान की तैनाती के निर्देश दिए थे। स्थानीय तहसील प्रशासन के पास पूछने पर टका सा जवाब है कि आदेश नहीं आया है। लोगों का प्रशासन से सवाल है कि आदेश क्या किसी की जान जाने के बाद आएगा।
वर्ष 2020 में गोरी नदी के उफान में आने के कारण गांव को जोड़ने वाली ट्रॉली क्षतिग्रस्त हो गई थी। नदी में बन रहे निर्माणाधीन पुल का अपरमेंट भी बह गया था। ग्रामीण लंबे समय से यहां पर क्षतिग्रस्त ट्रॉली को ठीक करने और पक्के पुल की निर्माण की मांग कर रहे थे।
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मांगों की अनदेखी होती देख ग्रामीणों ने चंदा जमा करके ट्रॉली को कुछ हद तक ठीक कराया था। अब भी ग्रामीण इसी ट्रॉली से आवाजाही कर रहे हैं। घरूड़ी गांव के बच्चे गोरी नदी पर क्षतिग्रस्त ट्रॉली से आवाजाही कर स्कूल पहुंच रहे थे।
अमर उजाला ने कुछ दिन पूर्व ‘जान जोखिम में डाल सुनहरे भविष्य की ख्वाहिश’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीएम ने खबर का संज्ञान लेकर यहां पर बच्चों को नदी आर-पार करवाने के लिए पीआरडी जवान तैनात करने की बात कही थी, लेकिन यहां पर पीआरडी जवानों की तैनाती नहीं हुई है।
तहसीलदार अबरार अहमद का कहना है कि पीआरडी जवानों को तैनात करने के लिए अभी आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलते ही पीआरडी जवानों की तैनाती कर दी जाएगी।
बच्चों को ट्रॉली से गोरी नदी पार करा रहा ग्रामीण घायल
बंगापानी (पिथौरागढ़)। अस्थायी ट्रॉली से बच्चों को गोरी नदी पार कर रहा ग्रामीण गंभीर सिंह पुत्र देव सिंह निवासी घरूड़ी घायल हो गए हैं। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों को सुबह के वक्त ट्रॉली से नदी पार कराने के लिए जाना पड़ता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शीघ्र पक्के पुल और ट्रॉली को ठीक कराने की मांग की है।
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यह स्थिति तब है जब पिछले दिनों जिलाधिकारी ने बच्चों को नदी पार कराने के लिए मौके पर पीआरडी जवान की तैनाती के निर्देश दिए थे। स्थानीय तहसील प्रशासन के पास पूछने पर टका सा जवाब है कि आदेश नहीं आया है। लोगों का प्रशासन से सवाल है कि आदेश क्या किसी की जान जाने के बाद आएगा।
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वर्ष 2020 में गोरी नदी के उफान में आने के कारण गांव को जोड़ने वाली ट्रॉली क्षतिग्रस्त हो गई थी। नदी में बन रहे निर्माणाधीन पुल का अपरमेंट भी बह गया था। ग्रामीण लंबे समय से यहां पर क्षतिग्रस्त ट्रॉली को ठीक करने और पक्के पुल की निर्माण की मांग कर रहे थे।
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मांगों की अनदेखी होती देख ग्रामीणों ने चंदा जमा करके ट्रॉली को कुछ हद तक ठीक कराया था। अब भी ग्रामीण इसी ट्रॉली से आवाजाही कर रहे हैं। घरूड़ी गांव के बच्चे गोरी नदी पर क्षतिग्रस्त ट्रॉली से आवाजाही कर स्कूल पहुंच रहे थे।
अमर उजाला ने कुछ दिन पूर्व ‘जान जोखिम में डाल सुनहरे भविष्य की ख्वाहिश’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीएम ने खबर का संज्ञान लेकर यहां पर बच्चों को नदी आर-पार करवाने के लिए पीआरडी जवान तैनात करने की बात कही थी, लेकिन यहां पर पीआरडी जवानों की तैनाती नहीं हुई है।
तहसीलदार अबरार अहमद का कहना है कि पीआरडी जवानों को तैनात करने के लिए अभी आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलते ही पीआरडी जवानों की तैनाती कर दी जाएगी।
बच्चों को ट्रॉली से गोरी नदी पार करा रहा ग्रामीण घायल
बंगापानी (पिथौरागढ़)। अस्थायी ट्रॉली से बच्चों को गोरी नदी पार कर रहा ग्रामीण गंभीर सिंह पुत्र देव सिंह निवासी घरूड़ी घायल हो गए हैं। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों को सुबह के वक्त ट्रॉली से नदी पार कराने के लिए जाना पड़ता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शीघ्र पक्के पुल और ट्रॉली को ठीक कराने की मांग की है।