{"_id":"5c9baf30bdec221450545b8e","slug":"no-problem-to-solve-still-must-vote","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं हुआ समस्या का समाधान, फिर भी अवश्य करेंगे मतदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं हुआ समस्या का समाधान, फिर भी अवश्य करेंगे मतदान
Wed, 27 Mar 2019 10:43 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Wed, 27 Mar 2019 10:43 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ के सरस्वती विहार कालौनी में मतदान को लेकर शपथ लेती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़ शहर की न्यू सरस्वती विहार कॉलोनी में एक सौ से अधिक परिवारों को डेढ़ दशक बाद भी पानी नहीं मिल सका है। चुनावों में आश्वासन तो बहुत मिले लेकिन पानी की लाइन फिर भी नहीं बिछी। हर बार मिल रहे कोरे आश्वासनों से नाराज महिलाओं ने चुनाव के बहिष्कार का मन बनाया था। जब उन्हेें मतदान का महत्व और मतदाताओं की ताकत से परिचित कराया गया तो सभी अपराजिताओं ने चुनावों में मतदान करने और ऐसे प्रत्याशी को चुनने का संकल्प लिया जो उनकी समस्याओं का समाधान करे।
बुधवार को आयोजित 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में मौजूद अपराजिताओं ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से पेयजल की मांग की जा रही है। आज तक इस मांग को अनसुना किया गया है। एक किमी दूर जल स्रोत से पानी ढोना पड़ता है। निकास नाली नहीं हैं। रास्ते और सड़कें बदहाल पड़ी हैं। महिलाओं ने कहा कि पालिका केवल भवन कर वसूलती है, जबकि सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। इस बार चुनावों में झूठे आश्वासन देने वाले के बजाय विकास की सोच रखने वाले प्रत्याशी को चुना जाएगा।
काेट...
मुहल्ले में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चुनावों में नेता झूठा आश्वासन देते हैं। इस बार झूठ बोलने वालों को वोट नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
गीता देवी।
-पेयजल ही प्रमुख समस्या है। पिछले पंद्रह सालों से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग उठाई जा रही है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। केवल चुनावों में उन्हें आश्वासन दिए जाते हैं।
गंगा देवी।
पानी के कनेक्शन के लिए कई बार आंदोलन भी किया जा चुका है। नेता केवल चुनावों में वोट मांगने आते हैं। इसके बाद पलटकर नहीं देखते हैं। इससे अधिक सुविधाएं तो गांव में हैं।
पानी ही मुख्य समस्या है। लोग हैंडपंप से जरूरत पूरी कर रहे हैं। पीने का पानी महादेव धारे से ढोना पड़ता है। शहर में उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए।
नंदा धामी।
विज्ञापन
बुधवार को आयोजित 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में मौजूद अपराजिताओं ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से पेयजल की मांग की जा रही है। आज तक इस मांग को अनसुना किया गया है। एक किमी दूर जल स्रोत से पानी ढोना पड़ता है। निकास नाली नहीं हैं। रास्ते और सड़कें बदहाल पड़ी हैं। महिलाओं ने कहा कि पालिका केवल भवन कर वसूलती है, जबकि सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। इस बार चुनावों में झूठे आश्वासन देने वाले के बजाय विकास की सोच रखने वाले प्रत्याशी को चुना जाएगा।
विज्ञापन
काेट...
मुहल्ले में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चुनावों में नेता झूठा आश्वासन देते हैं। इस बार झूठ बोलने वालों को वोट नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
गीता देवी।
-पेयजल ही प्रमुख समस्या है। पिछले पंद्रह सालों से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग उठाई जा रही है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। केवल चुनावों में उन्हें आश्वासन दिए जाते हैं।
गंगा देवी।
पानी के कनेक्शन के लिए कई बार आंदोलन भी किया जा चुका है। नेता केवल चुनावों में वोट मांगने आते हैं। इसके बाद पलटकर नहीं देखते हैं। इससे अधिक सुविधाएं तो गांव में हैं।
पानी ही मुख्य समस्या है। लोग हैंडपंप से जरूरत पूरी कर रहे हैं। पीने का पानी महादेव धारे से ढोना पड़ता है। शहर में उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए।
नंदा धामी।