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डीजल की कमी के चलते दारमा घाटी में सड़क खोलने की रफ्तार हो रही धीमी
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धारचूला (पिथौरागढ़)। डीजल की कमी होने से दारमा घाटी में सड़क खोलने की रफ्तार धीमी हो गई है। इस कारण कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी को सड़क खोलने में दिक्कत आ रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से हेलीकॉप्टर से डीजल भेजने की मांग की है।
रविवार को दुग्तु से लौटे प्रकाश दुग्ताल ने बताया वे तीन बच्चे और छह महिलाएं के साथ समूह बनाकर 10 से 20 किलोमीटर किसी बड़ी मुश्किल से धारचूला पहुंचे। उन्होंने बताया वर्ष 2013 की भीषण आपदा में 20 साल की उम्र में दुग्तु से नौ दिनों तक पैदल चलकर धारचूला बड़े मुश्किल पहुंचे थे।
आज फिर से वही मंजर याद आने लगा। इस बार बीच-बीच में सड़क खुली रहने से यात्रा दो दिन में पूरी हुई। प्रकाश ने प्रशासन से हेलीकॉप्टर से डीजल क्षेत्र में पहुंचाने की मांग की है।
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ग्राम प्रधान अंजू रोकली और बीडीसी सदस्य मनोज ग्वाल ने बताया कि सीमांत दारमा और व्यास घाटी में अभी भी काफी छात्र गांव में ही फंसे हैं। बंद सड़क की हालत को देखते हुए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाए तो रेस्क्यू में तेजी आएगी।
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रविवार को दुग्तु से लौटे प्रकाश दुग्ताल ने बताया वे तीन बच्चे और छह महिलाएं के साथ समूह बनाकर 10 से 20 किलोमीटर किसी बड़ी मुश्किल से धारचूला पहुंचे। उन्होंने बताया वर्ष 2013 की भीषण आपदा में 20 साल की उम्र में दुग्तु से नौ दिनों तक पैदल चलकर धारचूला बड़े मुश्किल पहुंचे थे।
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आज फिर से वही मंजर याद आने लगा। इस बार बीच-बीच में सड़क खुली रहने से यात्रा दो दिन में पूरी हुई। प्रकाश ने प्रशासन से हेलीकॉप्टर से डीजल क्षेत्र में पहुंचाने की मांग की है।
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ग्राम प्रधान अंजू रोकली और बीडीसी सदस्य मनोज ग्वाल ने बताया कि सीमांत दारमा और व्यास घाटी में अभी भी काफी छात्र गांव में ही फंसे हैं। बंद सड़क की हालत को देखते हुए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाए तो रेस्क्यू में तेजी आएगी।