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पिथौरागढ़ में बर्न वार्ड नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 27 Apr 2016 10:54 PM IST
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आइसोलेशन वार्ड
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़ जिले के किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बर्न वार्ड नहीं बने हैं। जिले के किसी भी हिस्से में यदि आग से झुलसने वाली घटना हो जाए तो पीड़ित को तत्काल जिला अस्पताल लाना पड़ता है। जिला अस्पताल में बर्न केस के लिए आइसोलेशन वार्ड पहले से बना हुआ है। इसमें आग से झुलसे मरीजों को भर्ती किया जाता है।
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बता दें कि आइसोलेशन वार्ड की स्थापना इसलिए की जाती है कि जले हुए लोगों को अन्य मरीजों का इंफैक्शन असर न डाले। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में हर माह औसतन पांच-छह बर्न केस आते रहते हैं। यह बात अलग है कि 75 फीसदी से ज्यादा जले मरीजों को यहां से हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
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आइसोलेशन वार्ड को इस तरह से बनाया गया है कि इसमें रखे गए मरीजों को बाहरी लोगों और तीमारदारों की वजह से किसी प्रकार की दिक्कत न हो। हल्के फुल्के जले हुए केसों का इलाज यहां पर आसानी हो जाती है। ऐसे केसों को सर्जन देखते हैं। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. हरीश लाल का कहना है कि मौसम को देखते हुए बर्न वार्ड में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन वार्ड में हर समय के लिए पुख्ता प्रबंध रहते हैं।
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