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2 बजकर 50 मिनट पर खुली 37 घंटे 50 मिनट से बंद पिथौरागढ़ की लाइफ लाइन
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पिथौरागढ़। जिले की लाइफ लाइन कहा जाने वाला पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग 38 घंटे बाद वाहनों के लिए खुल गया है। बृहस्पतिवार दोपहर 2:50 बजे सड़क खुलने के बाद दो दिनों से फंसे 860 से अधिक वाहन गंतव्य के लिए रवाना हुए।
पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग में मंगलवार रात करीब एक बजे चुपकोट बैंड के पास पहाड़ी दरक गई थी। टनों मलबा आने के कारण घुमावदार सड़क दो स्थानों पर बंद हो गई। वाहनों का संचालन बंद होने से पिथौरागढ़ का मैदानी क्षेत्रों से संपर्क कट गया था। लोगों को चुपकोट बैंड से क्रशर तक करीब तीन सौ मीटर पैदल चलकर दूसरे वाहनों से आवाजाही करनी पड़ रही थी।
कई लोग लौट गए। दूध, डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस, सब्जी सहित निर्माण सामग्री ला रहे वाहन रास्ते में ही फंस गए। सेना के वाहन भी फंसे रहे। बुधवार सुबह आठ बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। अधिक मात्रा में मलबा और बोल्डर होने से शाम तक सड़क खोलने में सफलता नहीं मिल सकी।
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दो पोकलैंड और एक जेसीबी की मदद से डंपरों में डालकर मलबा सड़क के किनारे जमा किया गया। पहाड़ी के लगातार खिसकने के कारण मलबा हटाने में रुकावट आती रही। रात में मलबा हटाने का काम बंद रहा। बृहस्पतिवार सुबह से घुमावदार सड़क के ऊपरी हिस्से से पहले मलबा हटाया गया। इसके बाद नीचे की सड़क का मलबा साफ किया गया।
मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार दोपहर 2:50 बजे यातायात सुचारु कर दिया गया। यातायात सुचारु होने के बाद दो दिन से फंसी बसें, टैक्सियां, ट्रक, टैंकर और रसोई गैस के वाहनों का संचालन शुरू हुआ। ढाई बजे बाद दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी सहित अन्य शहरों से बसों और टैक्सियों में आए यात्रियों को किसी तरह की असुविधा नहीं हुई।
सड़क खुलने के बाद सीमांत के लोगों ने राहत की सांस ली है। इस दौरान एनएच के अभियंता बीएल चौधरी, बारहमासी सड़क की कटिंग करा रहे ठेकेदार प्रकाश जोशी मौजूद रहे।
शवदाह के लिए थल मुवानी जाना पड़ा लोगों को
पिथौरागढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग के लगातार दो दिन तक बंद रहने से पिथौरागढ़ के लोगों को शव दाह के लिए भी परेशानी उठानी पड़ी। पिथौरागढ़ से शवदाह करने के लिए पनार के रामेश्वर घाट में जाते हैं। रामेश्वर घाट जाने के लिए पिथौरागढ़-घाट ही एकमात्र सड़क है।
अन्य कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से पिथौरागढ़ से रामेश्वर घाट की दूरी करीब 40 किमी होने से पैदल जाना संभव नहीं होता है। इस सड़क के दो दिन से बंद होने के कारण लोगों को थल के रामगंगा स्थित घाट में जाना पड़ा। पिथौरागढ़ से थल की दूरी 65 किमी होने से लोगों को अधिक समस्या का सामना करना पड़ा।
रसोई गैस के पांच वाहन फंसे रहे
पिथौरागढ़। सड़क बंद होने से रसोई गैस के पांच वाहन घाट में ही फंसे रहे। हालांकि गोदाम में रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक होने से किसी तरह की किल्लत नहीं रही। नगर के जीआईसी क्षेत्र में गोदाम से सिलिंडर बांटे गए।
गैस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार, बृहस्पतिवार को सभी वितरण केंद्रों में रसोई गैस बांटी गई। मार्ग में फंसे पांचों ट्रकों के पिथौरागढ़ पहुंचने से शुक्रवार से नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी आपूर्ति नियमित रहेगी। प्रबंधक उषा राणा ने बताया कि गोदाम में स्टॉक होने से रसोई गैस की आपूर्ति में किसी तरह का व्यवधान नहीं आया।
मरीज 7500 रुपये में पहुंचे हल्द्वानी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट सड़क बंद होने के कारण आम जनता के साथ मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। पिथौरागढ़ अस्पताल से हॉयर सेंटर रेफर किए गए मरीजों को एंबुलेंस से हल्द्वानी जाने के लिए एक से डेढ़ हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा। पिथौरागढ़ में विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में रोजाना तीन से चार मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
जिला मुख्यालय में करीब नौ प्राइवेट एंबुलेंस हैं। मरीज को हल्द्वानी एसटीएच या किसी अन्य अस्पताल तक पहुंचाने का किराया छह से साढ़े छह हजार रुपया है। एनएच के बंद होने के कारण एंबुलेंस को भी थल-बेड़ीनाग-सेराघाट से 70 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाकर हल्द्वानी पहुंचना पड़ा।
इसके चलते एक हजार रुपये अतिरिक्त किराया मरीजों के तीमारदारों को चुकाना पड़ा। बृहस्पतिवार को भी दो मरीजों को पिथौरागढ़ से हायर सेंटर रेफर किया गया। मरीजों को अस्पताल छोड़कर लौट रही छह एंबुलेंस घाट में ही फंसी रही।
यात्रियों ने दिया 200 रुपये अतिरिक्त भाड़ा
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट एनएच के बंद होने के कारण बुधवार और बृहस्पतिवार को मैदानी क्षेत्र के लिए टैक्सियों का संचालन थल-सेेराघाट रूट से किया गया। इस रूट में यात्रियों को दो सौ रुपये अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ा। पिथौरागढ़ से मैक्स जीप में हल्द्वानी का किराया 600 रुपये और अल्टो कार में 800 रुपये लिए जाते हैं। एनएच बंद होने के कारण दो दिन तक लोगों को थल-सेराघाट सड़क से होकर आवागमन करना पड़ा। इसके चलते यात्रियों को दो सौ रुपये अतिरिक्त किराया देना पड़ा।
हॉटमिक्स प्लांट के पास बन गया अस्थायी स्टेशन
पिथौरागढ़। चुपकोट बैंड में दो दिन तक सड़क बंद रहने के कारण हॉटमिक्स प्लांट के पास स्थित एक दुकान के सामने अस्थायी स्टेशन बन गया। यहां रोडवेज की बसों के साथ टैक्सियों और ट्रकों सहित अन्य वाहनों का जमावड़ा लगा रहा। 400 से अधिक वाहन यहां खड़े रहे।
पिथौरागढ़ की ओर सामान लेने टनकपुर, पीलीभीत और हल्द्वानी जा रहे 95 ट्रक और पांच टैंकर फंसे रहे। सब्जी लेकर आ रहे एक ट्रक चालक दीवान ने बताया कि बुधवार सुबह पांच बजे यहां पहुंच गए थे। सड़क बंद होने से यहीं पर फंसे हैं। दो दिन से फंसे कुछ ट्रक चालक सड़क खुलने के इंतजार में दिन में सड़क पर ही सोते नजर आए। एनएच बंद होने से बृहस्पतिवार को हल्द्वानी से कुछ सब्जियों के वाहनों के पिथौरागढ़ पहुंचने से किसी तरह की किल्लत का सामना लोगों को नहीं करना पड़ा।
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पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग में मंगलवार रात करीब एक बजे चुपकोट बैंड के पास पहाड़ी दरक गई थी। टनों मलबा आने के कारण घुमावदार सड़क दो स्थानों पर बंद हो गई। वाहनों का संचालन बंद होने से पिथौरागढ़ का मैदानी क्षेत्रों से संपर्क कट गया था। लोगों को चुपकोट बैंड से क्रशर तक करीब तीन सौ मीटर पैदल चलकर दूसरे वाहनों से आवाजाही करनी पड़ रही थी।
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कई लोग लौट गए। दूध, डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस, सब्जी सहित निर्माण सामग्री ला रहे वाहन रास्ते में ही फंस गए। सेना के वाहन भी फंसे रहे। बुधवार सुबह आठ बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। अधिक मात्रा में मलबा और बोल्डर होने से शाम तक सड़क खोलने में सफलता नहीं मिल सकी।
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दो पोकलैंड और एक जेसीबी की मदद से डंपरों में डालकर मलबा सड़क के किनारे जमा किया गया। पहाड़ी के लगातार खिसकने के कारण मलबा हटाने में रुकावट आती रही। रात में मलबा हटाने का काम बंद रहा। बृहस्पतिवार सुबह से घुमावदार सड़क के ऊपरी हिस्से से पहले मलबा हटाया गया। इसके बाद नीचे की सड़क का मलबा साफ किया गया।
मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार दोपहर 2:50 बजे यातायात सुचारु कर दिया गया। यातायात सुचारु होने के बाद दो दिन से फंसी बसें, टैक्सियां, ट्रक, टैंकर और रसोई गैस के वाहनों का संचालन शुरू हुआ। ढाई बजे बाद दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी सहित अन्य शहरों से बसों और टैक्सियों में आए यात्रियों को किसी तरह की असुविधा नहीं हुई।
सड़क खुलने के बाद सीमांत के लोगों ने राहत की सांस ली है। इस दौरान एनएच के अभियंता बीएल चौधरी, बारहमासी सड़क की कटिंग करा रहे ठेकेदार प्रकाश जोशी मौजूद रहे।
शवदाह के लिए थल मुवानी जाना पड़ा लोगों को
पिथौरागढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग के लगातार दो दिन तक बंद रहने से पिथौरागढ़ के लोगों को शव दाह के लिए भी परेशानी उठानी पड़ी। पिथौरागढ़ से शवदाह करने के लिए पनार के रामेश्वर घाट में जाते हैं। रामेश्वर घाट जाने के लिए पिथौरागढ़-घाट ही एकमात्र सड़क है।
अन्य कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से पिथौरागढ़ से रामेश्वर घाट की दूरी करीब 40 किमी होने से पैदल जाना संभव नहीं होता है। इस सड़क के दो दिन से बंद होने के कारण लोगों को थल के रामगंगा स्थित घाट में जाना पड़ा। पिथौरागढ़ से थल की दूरी 65 किमी होने से लोगों को अधिक समस्या का सामना करना पड़ा।
रसोई गैस के पांच वाहन फंसे रहे
पिथौरागढ़। सड़क बंद होने से रसोई गैस के पांच वाहन घाट में ही फंसे रहे। हालांकि गोदाम में रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक होने से किसी तरह की किल्लत नहीं रही। नगर के जीआईसी क्षेत्र में गोदाम से सिलिंडर बांटे गए।
गैस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार, बृहस्पतिवार को सभी वितरण केंद्रों में रसोई गैस बांटी गई। मार्ग में फंसे पांचों ट्रकों के पिथौरागढ़ पहुंचने से शुक्रवार से नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी आपूर्ति नियमित रहेगी। प्रबंधक उषा राणा ने बताया कि गोदाम में स्टॉक होने से रसोई गैस की आपूर्ति में किसी तरह का व्यवधान नहीं आया।
मरीज 7500 रुपये में पहुंचे हल्द्वानी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट सड़क बंद होने के कारण आम जनता के साथ मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। पिथौरागढ़ अस्पताल से हॉयर सेंटर रेफर किए गए मरीजों को एंबुलेंस से हल्द्वानी जाने के लिए एक से डेढ़ हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा। पिथौरागढ़ में विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में रोजाना तीन से चार मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
जिला मुख्यालय में करीब नौ प्राइवेट एंबुलेंस हैं। मरीज को हल्द्वानी एसटीएच या किसी अन्य अस्पताल तक पहुंचाने का किराया छह से साढ़े छह हजार रुपया है। एनएच के बंद होने के कारण एंबुलेंस को भी थल-बेड़ीनाग-सेराघाट से 70 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाकर हल्द्वानी पहुंचना पड़ा।
इसके चलते एक हजार रुपये अतिरिक्त किराया मरीजों के तीमारदारों को चुकाना पड़ा। बृहस्पतिवार को भी दो मरीजों को पिथौरागढ़ से हायर सेंटर रेफर किया गया। मरीजों को अस्पताल छोड़कर लौट रही छह एंबुलेंस घाट में ही फंसी रही।
यात्रियों ने दिया 200 रुपये अतिरिक्त भाड़ा
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट एनएच के बंद होने के कारण बुधवार और बृहस्पतिवार को मैदानी क्षेत्र के लिए टैक्सियों का संचालन थल-सेेराघाट रूट से किया गया। इस रूट में यात्रियों को दो सौ रुपये अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ा। पिथौरागढ़ से मैक्स जीप में हल्द्वानी का किराया 600 रुपये और अल्टो कार में 800 रुपये लिए जाते हैं। एनएच बंद होने के कारण दो दिन तक लोगों को थल-सेराघाट सड़क से होकर आवागमन करना पड़ा। इसके चलते यात्रियों को दो सौ रुपये अतिरिक्त किराया देना पड़ा।
हॉटमिक्स प्लांट के पास बन गया अस्थायी स्टेशन
पिथौरागढ़। चुपकोट बैंड में दो दिन तक सड़क बंद रहने के कारण हॉटमिक्स प्लांट के पास स्थित एक दुकान के सामने अस्थायी स्टेशन बन गया। यहां रोडवेज की बसों के साथ टैक्सियों और ट्रकों सहित अन्य वाहनों का जमावड़ा लगा रहा। 400 से अधिक वाहन यहां खड़े रहे।
पिथौरागढ़ की ओर सामान लेने टनकपुर, पीलीभीत और हल्द्वानी जा रहे 95 ट्रक और पांच टैंकर फंसे रहे। सब्जी लेकर आ रहे एक ट्रक चालक दीवान ने बताया कि बुधवार सुबह पांच बजे यहां पहुंच गए थे। सड़क बंद होने से यहीं पर फंसे हैं। दो दिन से फंसे कुछ ट्रक चालक सड़क खुलने के इंतजार में दिन में सड़क पर ही सोते नजर आए। एनएच बंद होने से बृहस्पतिवार को हल्द्वानी से कुछ सब्जियों के वाहनों के पिथौरागढ़ पहुंचने से किसी तरह की किल्लत का सामना लोगों को नहीं करना पड़ा।

पिथौरागढ़-घाट एनएच में लगी ट्रकों की कतार। संवाद- फोटो : PITHORAGARH

चुपकोट बैंड के समीप खड़ी रोडवेज की बसें। संवाद- फोटो : PITHORAGARH