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सीमांत जिले में पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के लिए तलाश किए जाएंगे नये ट्रेकिंग रूट
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छिपलाकेदार ट्रेकिंग रूट। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के लिए वन विभाग ने ट्रैकिंग रूटों की तलाश शुरू कर दी है। नये ट्रैकिंग रूटों की तलाश का कार्य पूरा होने के बाद उसे विकसित करने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद उन स्थानों पर पर्यटकों की पहुंच को आसान बनाया जाएगा। प्रथम चरण में वन विभाग की टीम ने छिपलाकेदार ट्रैकिंग रूट का निरीक्षण कर लिया है। नामिक ग्लेशियर ट्रैकिंग रूट और फिर नये ट्रैकिंग रूटों का निरीक्षण करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
पिथौरागढ़ जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चीन सीमा तक सड़क निर्माण होने के बाद यहां पर पहले की तुलना में ज्यादा पर्यटन गतिविधियां बढ़ी हैं। यहां प्रतिवर्ष देशी विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। वन विभाग अब नये ट्रैकिंग रूटों को विकसित करने की योजना बना रहा है। जिले में कई ऐसे ट्रैकिंग रूट हैं जहां पर अभी तक पर्यटक नहीं पहुंच पाते हैं। वन विभाग ऐसे नये ट्रैकिंग रूटों की जानकारी एकत्र कर रहा है। जानकारी जुटाने के बाद उनका निरीक्षण किया जाएगा, उसके बाद विकसित करने का कार्य होगा। कुछ दिन पूर्व वन विभाग की टीम ने समुद्रतल 4200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित छिपलाकेदार ट्रैकिंग रूट का निरीक्षण किया। डीएफओ डॉ. कोको रोसे का कहना है कि छिपलाकेदार ट्रैकिंग रूट काफी अच्छा है। इसके बाद मिलम ट्रैकिंग रूट का निरीक्षण किया जाएगा। फिर नये ट्रैकिंग रूटों को देखा जाएगा। नये ट्रैकिंग रूटों को विकसित करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाई जा रही हैै।
चीन सीमा तक सड़क बनने के बाद बढ़ा है पर्यटन
पिथौरागढ़। बीआरओ ने चीन सीमा तक सड़क पहुंचा दे दी है। इसके बाद से आदि कैलाश, ओम पर्वत, कालापानी मंदिर बड़ी संख्या में देशी विदेशी पर्यटक जा रहे हैं। यहां पर्यटकों के रुकने के लिए होम स्टे आदि हैं। इससे पर्यटकों को तमाम सुविधाएं मिल रही हैं। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से सीमांत के लोगों की आजीविका में भी सुधार हुआ है। वर्तमान में बीआरओ मुनस्यारी के धापा बैंड से मिलम के लिए सड़क का निर्माण कर रहा है। सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद यहां और ज्यादा पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। यहां पातलथौड़, खलिया बुग्याल सहित कई अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे रहे हैं। संवाद
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सीमांत जिले में नये ट्रैकिंग रूटों को विकसित कर पर्यटन गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी। ट्रैकिंग रूटों को विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। अभी ट्रैकिंग रूटों की जानकारी जुटाकर उनका निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद तय किया जाएगा कि किस ट्रैकिंग रूट को विकसित किया जाना है।
- कोको रोसे, डीएफओ पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़ जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चीन सीमा तक सड़क निर्माण होने के बाद यहां पर पहले की तुलना में ज्यादा पर्यटन गतिविधियां बढ़ी हैं। यहां प्रतिवर्ष देशी विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। वन विभाग अब नये ट्रैकिंग रूटों को विकसित करने की योजना बना रहा है। जिले में कई ऐसे ट्रैकिंग रूट हैं जहां पर अभी तक पर्यटक नहीं पहुंच पाते हैं। वन विभाग ऐसे नये ट्रैकिंग रूटों की जानकारी एकत्र कर रहा है। जानकारी जुटाने के बाद उनका निरीक्षण किया जाएगा, उसके बाद विकसित करने का कार्य होगा। कुछ दिन पूर्व वन विभाग की टीम ने समुद्रतल 4200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित छिपलाकेदार ट्रैकिंग रूट का निरीक्षण किया। डीएफओ डॉ. कोको रोसे का कहना है कि छिपलाकेदार ट्रैकिंग रूट काफी अच्छा है। इसके बाद मिलम ट्रैकिंग रूट का निरीक्षण किया जाएगा। फिर नये ट्रैकिंग रूटों को देखा जाएगा। नये ट्रैकिंग रूटों को विकसित करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाई जा रही हैै।
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चीन सीमा तक सड़क बनने के बाद बढ़ा है पर्यटन
पिथौरागढ़। बीआरओ ने चीन सीमा तक सड़क पहुंचा दे दी है। इसके बाद से आदि कैलाश, ओम पर्वत, कालापानी मंदिर बड़ी संख्या में देशी विदेशी पर्यटक जा रहे हैं। यहां पर्यटकों के रुकने के लिए होम स्टे आदि हैं। इससे पर्यटकों को तमाम सुविधाएं मिल रही हैं। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से सीमांत के लोगों की आजीविका में भी सुधार हुआ है। वर्तमान में बीआरओ मुनस्यारी के धापा बैंड से मिलम के लिए सड़क का निर्माण कर रहा है। सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद यहां और ज्यादा पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। यहां पातलथौड़, खलिया बुग्याल सहित कई अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे रहे हैं। संवाद
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सीमांत जिले में नये ट्रैकिंग रूटों को विकसित कर पर्यटन गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी। ट्रैकिंग रूटों को विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। अभी ट्रैकिंग रूटों की जानकारी जुटाकर उनका निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद तय किया जाएगा कि किस ट्रैकिंग रूट को विकसित किया जाना है।
- कोको रोसे, डीएफओ पिथौरागढ़।