भारतीय क्षेत्र को नक्शे में शामिल करने के बाद, भारत की सीमा पर अपना सुरक्षा तंत्र मजबूत कर रहा नेपाल
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भारतीय क्षेत्र को अपने नक्शे में शामिल करने के बाद अब नेपाल, भारत की सीमा पर अपना सुरक्षा तंत्र मजबूत करने में जुटा हुआ है। नेपाल ने भारत से लगी सीमा पर आज तक कभी इस तरह के सुरक्षा इंतजाम नहीं किए थे। नेपाल के दुमलिंग से छांगरू के 42 किमी व छांगरू से कालापानी तक नेपाल ने पिछले 70 सालों में कभी भी अपने सुरक्षा बलों की तैनाती नहीं की थी।
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केवल झूला पुलों में ही नेपाल प्रहरी के जवान तैनात रहते थे। इन क्षेत्रों में कभी भी नेपाली सुरक्षा बलों की पेट्रोलिंग भी नहीं होती थी। परंतु कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में बताकर नेपाल के द्वारा दुमलिंग से छांगरु, तिंकर व कालापानी तक अपने सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।
सीमा पर बार्डर आउट पोस्टों का निर्माण कर रही है नेपाली सेना
नेपाली सेना सीमा पर बार्डर आउट पोस्टों का निर्माण कर रही है। छांगरू में बार्डर आउट पोस्ट बनाने के बाद काली नदी के किनारे छह और पोस्ट बनाने की योजना है। सीमा पार नेपाल की गतिविधियों को देखते हुए भारत में तैनात सुरक्षा बल अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
नेपाल की तरफ से कोई भी अवांछित गतिविधि न हो इसके लिए भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी ने अपने जवानों की संख्या धारचूला से कालापानी तक बढ़ा दी है। वहीं चीन सीमा पर खराब मौसम में भी नाभीढ़ाग से लिपुलेख तक भारतीय सुरक्षा बलों के द्वारा कड़ी चौकसी बरती जा रही है। हालांकि वतर्मान में पिथौरागढ़ जिले से सटी भारत-चीन और भारत-नेपाल दोनों सीमाओं में शांति है।