{"_id":"5841a5754f1c1b3413de58fd","slug":"neither-was-water-not-walking-paths-repaired","type":"story","status":"publish","title_hn":"न तो पानी मिला, नहीं पैदल रास्तों की मरम्मत की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न तो पानी मिला, नहीं पैदल रास्तों की मरम्मत की
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 02 Dec 2016 10:16 PM IST
विज्ञापन
आपदा पीड़ितों की उपेक्षा के खिलाफ प्रदर्शन करते प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ष 2013 की आपदा के समय धारचूला तहसील के जिन आपदा प्रभावित 80 परिवारों को नगतड़ और घट्टाबगड़ में बसाया गया था, उनकी उपेक्षा के खिलाफ लोगों ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। कहा कि आपदा राहत के नाम पर 90 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई, लेकिन नगतड़ और घट्टाबगड़ में लोगों को अब तक पेयजल तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। दोनों स्थानों पर पैदल रास्ते ध्वस्त हैं। उनकी मरम्मत नहीं की गई। नगतड़ और घट्टाबगड़ के लोग महाकाली के पानी से प्यास बुझा रहे हैं।
विज्ञापन
भाजपा नेता जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में यहां पहुंचे लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र होने के बावजूद लोगों की समस्या हल नहीं हो पा रही है। आपदा के तीन साल बीतने पर भी पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों स्थानों पर बिजली की सुविधा भी नहीं है।
विज्ञापन
चेतावनी दी गई कि यदि 15 दिन के भीतर आपदा प्रभावितों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव के लोग सामूहिक रूप से आमरण अनशन शुरू करेंगे। प्रदर्शन में यशोदा पांगती, संतोष टाकुली, धीरेंद्र जेठा, राकेश टाकुली, कल्याण सिंह बोरा, हरीश बोरा, चंचल शाही आदि शामिल थे।
विज्ञापन