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नंदा मैया की पूजा के लिए उमड़े श्रद्धालु
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट/मुनस्यारी/नाचनी
Updated Fri, 09 Sep 2016 10:58 PM IST
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नंदा मंदिर में चांचरी गायन करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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नंदाष्टमी पर्व पर शुक्रवार को विभिन्न स्थानों पर मेले लगे। लोगों ने नंदा मैया की विधि विधान से पूजा की। डीडीहाट में चार दिन से चल रहा नंदा महोत्सव शुक्रवार को संपन्न हो गया। भारी संख्या में लोगों ने नंदा मंदिर में पूजा की। बृहस्पतिवार रात डीडीहाट के रामलीला मैदान में चल रहे महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। लोकगायिका खुशी जोशी ने नंदा की स्तुति में गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर नंदकिशोर, कैलाश कुमार, चंद्रप्रकाश ने देवी की आराधना में गीत पेश किए।
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समापन में मुख्य अतिथि विधायक विशन सिंह चुफाल ने कहा कि यह आयोजन लोगों को जोड़ने में सफल रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष डीएस पांगती ने कहा कि चार दिन के महोत्सव के दौरान 100 से ज्यादा प्रस्तुतियां हुई, विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समापन मौके पर नवीन टोलिया, मोहन सिंह मर्तोलिया, ललित भंडारी, प्रकाश बोरा, ओपी वर्मा, किशोर जंगपांगी आदि मौजूद थे। नंदा मंदिर में पुजारी जोगा सिंह नित्वाल ने विशेष पूजा की। बाद में भंडारा आयोजित हुआ। नंदा महोत्सव के दौरान हुई सीनियर वर्ग की झोड़ा चांचरी प्रतियोगिता में भनड़ा की टीम ने पहला, डायट की टीम ने दूसरा, दिगतड़ की टीम ने तीसरा स्थान पाया। जूनियर वर्ग में सूर्य मांटेसरी स्कूल ने पहला, जीजीआईसी ने दूसरा, शिखर पब्लिक स्कूल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
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मुनस्यारी के डांडाधार और सुरिंग स्थित नंदा मंदिर में मेले लगे। भारी संख्या में लोगों ने मंदिर में दर्शन किए। बाद में देवी को खुश करने के लिए लोकगीत गाए गए। सुरिंग और डांडाधार के मंदिर में नंदा मैया को उच्च हिमालय के बुग्यालों से लाए गए ब्रह्मकमल अर्पित किए गए। डांडाधार में आयोजित मेले में वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी, विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल ने शिरकत की। देर शाम तक मंदिर परिसर में झोड़ा चांचरी का गायन हुआ।
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नाचनी के डोर गांव में हीरामणि ग्लेशियर और नंदाकुंड से ब्रह्मकमल लेकर बृहस्पतिवार रात लोग पहुंच गए। ब्रह्मकमल लाने के लिए गांव के 72 लोगों ने 60 किलोमीटर का सफर तय किया। पुजारी गंगा सिंह राणा ने बताया कि यात्रा अच्छी रही, लेकिन इस बार फूल कम मिले। ब्रह्मकमल लाने के लिए इन लोगों ने तीन दिन तक लगातार सफर किया। इस दल में 67 वर्षीय कै. लक्ष्मण सिंह, दीवान सिंह, जगत सिंह, दुर्गा सिंह, कुंदन सिंह आदि थे। थल के आमथल में नंदाष्टमी की धूम मची रही। मां नंदा को मर्तोली गांव के लोग कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।