{"_id":"5e83582d8ebc3e75e0097324","slug":"naming-of-mobile-phone-made-in-delhi-pithoragarh-news-hld378860081","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में मोबाइल से कराया नवजात का नामकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में मोबाइल से कराया नवजात का नामकरण
विज्ञापन
कोरोना वायरस के चलते आवागमन ठप होने से दिल्ली में एक नवजात का नामकरण मोबाइल से कराया गया। नवरात्र के पावन पर्व पर बिटिया का नाम गायत्री पड़ने से परिजन बेहद खुश हैं।
छड़नदेव गैनाली के मूल निवासी और वर्तमान में विण के पवन विहार कालोनी में रहने वाले महेंद्र सिंह धामी सेना में तैनात हैं। वह वर्तमान में पत्नी नीमू के साथ दिल्ली कैंट में रह रहे हैं। 19 मार्च को उनका पहला बच्चा हुआ। उन्होंने बच्चे का नामकरण समारोहपूर्वक करने की तैयारी की थी। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से उनकी तैयारी धरी रह गई। महेंद्र सिंह ने घर पर अपने पिता से बात की। पिता ने भी इन परिस्थितियों में दिल्ली पहुंचने पर असमर्थता जताई। इस पर महेंद्र सिंह ने लिंक रोड निवासी पं. देवेंद्र प्रसाद जोशी (शास्त्री) से बिटिया का नामकरण कराने का अनुरोध किया।
मंगलवार सुबह पं. जोशी ने मोबाइल के जरिये मंत्रोच्चार के बीच बेटी का नाम गायत्री रखा। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि नामकरण संस्कार में यदि परिवार के लोग शामिल होते तो उन्हें खुशी होती लेकिन अभी हालात सामान्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बीच मोबाइल से नामकरण हो गया इससे वह संतुष्ट हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
छड़नदेव गैनाली के मूल निवासी और वर्तमान में विण के पवन विहार कालोनी में रहने वाले महेंद्र सिंह धामी सेना में तैनात हैं। वह वर्तमान में पत्नी नीमू के साथ दिल्ली कैंट में रह रहे हैं। 19 मार्च को उनका पहला बच्चा हुआ। उन्होंने बच्चे का नामकरण समारोहपूर्वक करने की तैयारी की थी। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से उनकी तैयारी धरी रह गई। महेंद्र सिंह ने घर पर अपने पिता से बात की। पिता ने भी इन परिस्थितियों में दिल्ली पहुंचने पर असमर्थता जताई। इस पर महेंद्र सिंह ने लिंक रोड निवासी पं. देवेंद्र प्रसाद जोशी (शास्त्री) से बिटिया का नामकरण कराने का अनुरोध किया।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह पं. जोशी ने मोबाइल के जरिये मंत्रोच्चार के बीच बेटी का नाम गायत्री रखा। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि नामकरण संस्कार में यदि परिवार के लोग शामिल होते तो उन्हें खुशी होती लेकिन अभी हालात सामान्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बीच मोबाइल से नामकरण हो गया इससे वह संतुष्ट हैं।
विज्ञापन