{"_id":"5dfbb01f8ebc3e87da176b23","slug":"namik-covered-with-snow-no-electricity-for-eight-days-pithoragarh-news-hld3662008160","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब भी बर्फ के आगोश में नामिक,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब भी बर्फ के आगोश में नामिक,
विज्ञापन
नामिक और हीरामणि ग्लेशियर की तलहटी में बसा नामिक गांव हाल में हुई बर्फबारी के आठ दिन बाद भी बर्फ से पटा है। नामिक के लिए बिर्थीं से जाने वाला पैदल मार्ग 11 किलोमीटर हिस्से में सात से आठ फीट बर्फ जमा होने से बंद पड़ा है। बर्फबारी से गांव की बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त होने से गांव में आठ दिन से बिजली नहीं आ रही है। नामिक के लोगों ने बागेश्वर के गोगिना मार्ग से जिला मुख्यालय पहुंचकर जिला प्रशासन को दिक्कतों के बारे में बताया।
12 और 13 दिसंबर को हुई बर्फबारी से नामिक के लोग भारी दिक्कतों में हैं। नामिक गांव में तब डेढ़ फीट से अधिक बर्फ गिरी। अब भी गांव बर्फ से ढका हुआ है। लोगों ने मकानों की छतों से बर्फ हटा दी है, लेकिन खेत, खलिहान और रास्ते अब भी बर्फ से पटे हैं। शेर सुअरी धार, रईगैर से नामिक गांव तक 11 किमी हिस्सा 7 से 8 फीट बर्फ से पटा है। बर्फबारी के चलते आवागमन प्रभावित है। नामिक को बागेश्वर जिले के गोगिना से जोड़ने वाला सात किमी हिस्सा भी बर्फ से पटा था, जो बुधवार को बर्फ पिघलने से खुला। बुधवार को नामिक के लोगों का शिष्टमंडल गोगिना के रास्ते जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुआ।
बिजली बहाल और मार्ग खोलने के लिए सौंपा ज्ञापन
पिथौरागढ़। नामिक के लोगों ने अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल को डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। गांव के लोगों ने बताया कि बर्फबारी से नामिक में उरेडा की बिजली परियोजना के कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई पोल टेढ़े हो गए हैं। लाइन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 12 दिसंबर से नामिक गांव में बिजली नहीं है। इन लोगों ने बिजली बहाल करने के साथ ही रास्ते को खोलने की मांग की है। ज्ञापन में ग्राम प्रधान तुलसी जैम्याल के साथ ही तमाम लोगों के हस्ताक्षर हैं। शिष्टमंडल में नामिक के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जैम्याल, हीरामणि लघु जल विद्युत परियोजना के सचिव प्रताप सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश सिंह शामिल थे।
विज्ञापन
नामिक की बिजली व्यवस्था सुचारु करने के निर्देश उरेडा के अधिकारियों को दे दिए गए हैं। नामिक के रास्ते से बर्फ हटाने के लिए डीडीहाट के लोनिवि डिवीजन के अधिकारियों को कह दिया गया है। जल्द ही रास्ता खोल दिया जाएगा।
-आरडी पालीवाल अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़
विज्ञापन
12 और 13 दिसंबर को हुई बर्फबारी से नामिक के लोग भारी दिक्कतों में हैं। नामिक गांव में तब डेढ़ फीट से अधिक बर्फ गिरी। अब भी गांव बर्फ से ढका हुआ है। लोगों ने मकानों की छतों से बर्फ हटा दी है, लेकिन खेत, खलिहान और रास्ते अब भी बर्फ से पटे हैं। शेर सुअरी धार, रईगैर से नामिक गांव तक 11 किमी हिस्सा 7 से 8 फीट बर्फ से पटा है। बर्फबारी के चलते आवागमन प्रभावित है। नामिक को बागेश्वर जिले के गोगिना से जोड़ने वाला सात किमी हिस्सा भी बर्फ से पटा था, जो बुधवार को बर्फ पिघलने से खुला। बुधवार को नामिक के लोगों का शिष्टमंडल गोगिना के रास्ते जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुआ।
विज्ञापन
बिजली बहाल और मार्ग खोलने के लिए सौंपा ज्ञापन
पिथौरागढ़। नामिक के लोगों ने अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल को डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। गांव के लोगों ने बताया कि बर्फबारी से नामिक में उरेडा की बिजली परियोजना के कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई पोल टेढ़े हो गए हैं। लाइन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 12 दिसंबर से नामिक गांव में बिजली नहीं है। इन लोगों ने बिजली बहाल करने के साथ ही रास्ते को खोलने की मांग की है। ज्ञापन में ग्राम प्रधान तुलसी जैम्याल के साथ ही तमाम लोगों के हस्ताक्षर हैं। शिष्टमंडल में नामिक के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जैम्याल, हीरामणि लघु जल विद्युत परियोजना के सचिव प्रताप सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश सिंह शामिल थे।
विज्ञापन
नामिक की बिजली व्यवस्था सुचारु करने के निर्देश उरेडा के अधिकारियों को दे दिए गए हैं। नामिक के रास्ते से बर्फ हटाने के लिए डीडीहाट के लोनिवि डिवीजन के अधिकारियों को कह दिया गया है। जल्द ही रास्ता खोल दिया जाएगा।
-आरडी पालीवाल अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़