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नामिक सड़क के लिए निकलेगी 165 किमी लंबी पदयात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 10 May 2016 10:17 PM IST
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सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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मोटर मार्ग से वंचित हिमालय की तलहटी पर बसे नामिक वालों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्राम प्रधान तुलसी जेम्याल के नेतृत्व में लामबंद नामिक वालों ने नामिक के लिए घोषित सड़क इस माह तक स्वीकृत न होने पर जून में नामिक से जिला मुख्यालय तक 165 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालने का फैसला लिया है। सड़क को लेकर जिला मुख्यालय में ही आंदोलन शुरू करने का एलान किया है।
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नामिक की प्रधान तुलसी जेम्याल, ग्रामीण लाल सिंह, पोखर सिंह, पान सिंह, खड़क राम, डिगर राम, देव राम, मोहन सिंह आदि ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा है कि सड़क से जोड़ने की नामिक के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी नहीं हो पाई है। ग्राम प्रधान जेम्याल ने कहा कि वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री हरीश रावत नामिक आए थे, तब उन्होंने सड़क निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन सड़क निर्माण की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हुई है।
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कहा कि सड़क मार्ग से 27 किमी की दूरी पर बसे नामिक को अब तक सड़क की सुविधा नहीं मिली। नामिक में संचार की भी सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा की व्यवस्थाएं बदहाल हैं। प्रधान और गांव के लोगों ने 122 परिवार वाले नामिक को सड़क मार्ग से जोड़ने की मांग डीएम से की है।
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सड़क निर्माण के लिए ईई को ज्ञापन
पिथौरागढ़। बीसाबजेड़ की जिला पंचायत सदस्य गोदावरी देवी ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को पत्र दिया, जिसमें उन्होंने नौलपट्टा, सुपोखरा, मझेड़ा, मल्ली मड़, हड़खोली, सिराड़ और रोछड़ा के लिए सड़क निर्माण करने की मांग की है।
बासुकीनाग के लिए अब तो सड़क बना दो
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। इलाके का प्रमुख धार्मिक स्थल बासुकीनाग मंदिर तमाम प्रयासों के बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। इलाके के लोगों ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर बासुकीनाग के लिए सड़क का निर्माण करने की मांग उठाई है। कहा कि बासुकीनाग मंदिर जाने के लिए गणाईगंगोली से 18 किमी दूर देवराड़ी पंत से 3 किमी खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। सड़क न होने से बुजुर्ग और शारीरिक रूप से अस्वस्थ लोग मंदिर नहीं जा पाते। पत्र में फकीर सिंह बोरा, विनोद सिंह डसीला, प्रमोद डसीला, हीरा सिंह डसीला, रवींद्र डसीला, सूरज डसीला, रमेश लाल आदि के हस्ताक्षर हैं।