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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Name Community Health Center, Work of Primary Health Center

नाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, काम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का

Thu, 05 Jul 2018 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो पिथौरागढ़। Updated Thu, 05 Jul 2018 12:16 AM IST
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Name Community Health Center, Work of Primary Health Center
कनालीछीना अस्पताल में मरीज की जांच करते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

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कनालीछीना(पिथौरागढ़)। विकास और सुविधाओं के नाम पर भोली-भाली जनता को किस तरह से ठगा जाता है इसका उदाहरण कनालीछीना का स्वास्थ्य केंद्र है। इस प्राथमिक केंद्र को दो करोड़ की लागत से बने भवन में शिफ्ट कर बाहर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड तो लगा दिया गया लेकिन आठ वर्ष बीतने के बाद भी पद सृजित नहीं हुए। हालात यह हैं कि यहां के मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए जिला मुुख्यालय जाना पड़ता है।  
24 अप्रैल 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कनालीछीना महोत्सव में दो करोड़ की लागत से निर्मित सीएचसी भवन का लोकार्पण किया था। इसके लोकार्पण के बाद अस्पताल को कनालीछीना बाजार से इस भवन में शिफ्ट कर दिया गया। विडंबना यह है कि आठ साल बाद भी सीएचसी का दर्जा नहीं मिला।
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 समय: सुबह 11.30 बजे, स्वास्थ्य केंद्र कनालीछीना
.......... बुधवार को अमर उजाला की टीम ने कनालीछीना अस्पताल पहुंची। यहां डॉ.आरएस श्रीवास्तव वायरल फीवर से पीड़ित रमेश कापड़ी का चेक अप करते नजर आए। डॉ.विनोद कुमार महिला मरीज मीनाक्षी देवी की जांच कर रहे थे। उस समय तक मात्र दो मरीज पहुंचे थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी जांच और दवा के अलावा कोई सुविधा नहीं है। इस स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के तीन पद सृजित हैं। महिला चिकित्सक का पद रिक्त है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, खून की जांच की कोई सुविधा नहीं है। मरीजों को उपचार के लिए पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। आपात स्थिति में अस्पताल में प्रसव भी कराए जाते हैं। महिला चिकित्सक नहीं होने से नर्स ही प्रसव कराती हैं। आपातकाल में यह अस्पताल महज एक रेफर सेंटर बनकर रह जाता है। अस्पताल में फार्मेसिस्ट के दो पदों में से एक तैनात है। जबकि नर्स के सभी आठ पद भरे हैं।  
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40 हजार की आबादी का जिम्मा दो डॉक्टरों पर  
कनालीछीना। कनालीछीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा नहीं मिलने का खामियाजा यहां की 40 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। सीएचसी में पद सृजित होने पर चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होती और लोगों को अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, खून की जांच सहित तमाम स्वास्थ्य सुविधाएं यहीं पर मिलती। चुनावों के समय विकास के तमाम दावे करने वाले क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।  

...........कोट
- सीएचसी के पद सृजित करने के लिए कई बार प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। रिक्त पदों पर तैनाती के प्रयास हो रहे हैं।  
- डॉ.ऊषा गुंज्याल, सीएमओ पिथौरागढ़
 
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