मुनस्यारी में आधा फीट तक पटी बर्फ की चादर
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शनिवार रात हुई भारी बारिश और हिमपात से जिले की सभी ऊंची चोटियां सफेद हो गई हैं। जिला मुख्यालय से सटे चंडाक और मोस्टामानू में चार इंच बर्फ गिरी है। इन दोनों स्थानों के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर हिमपात हुआ है। मुनस्यारी नगर में छह इंच से ज्यादा बर्फ गिर गई है। कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर भारी हिमपात हुआ है। कुछ स्थानों पर एवलांच आने का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए आईटीबीपी ने अग्रिम चौकियों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने जवानों से गश्त के दौरान सतर्कता बरतने को कहा है।
जिला मुख्यालय के पास सौरलेख, असुरचूला, थलकेदार, ध्वज, ह्यूपानी, छेड़ा में भारी हिमपात हुआ है। मड़मानले, लछेर की पहाड़ियों पर भी हिमपात हुआ है। मुनस्यारी में रातापानी, नया बस्ती से लेकर मिलम, नामिक, बोना, बोगड्यार, पातो, गोरीपार के सभी इलाकों में बर्फ गिरी है। धारचूला तहसील में नारायणआश्रम से आगे का पूरा इलाका बर्फ से ढक गया है। अस्कोट के पास घनधूरा, छिपलाकेदार, पय्यापौड़ी, शिखर की चोटियों पर बर्फ गिरी है। इलाके में पूरी रात जमकर बारिश हुई। बेड़ीनाग के चौकोड़ी, गंगोलीहाट के लमकेश्वर, शैलशिखर में भी हिमपात हुआ है।
वहीं, चंडाक और मोस्टामानू में रविवार सुबह बड़ी संख्या लोग बर्फ में मस्ती करने के लिए पहुंचे। अलबत्ता आबादी वाले इलाकों की बर्फ दोपहर 12 बजे से पिघलने लगी थी। जिला मुख्यालय में सुबह कड़ाके की ठंड का असर रहा। सुबह 11 बजे तक कोहरे की चादर लिपटी रही।
चौना, हरकोट में सात साल बाद हिमपात
मुनस्यारी। इस तहसील के चौना, हरकोट, मटेना, मालूपाती गांवों में पूरे सात साल बाद हिमपात हुआ है। इस इलाके में 2010 में हिमपात हुआ था। चौना निवासी हीरा सिंह चिराल ने बताया कि पूरे इलाके में जमकर हिमपात हुआ है। कुछ स्थानों पर आठ इंच तक बर्फ जमी है। इस बार की बर्फ काफी निचले इलाकों तक भी पहुंच गई।
थल-मुनस्यारी मार्ग पर यातायात बंद, पर्यटक फंसे
मुनस्यारी। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि के पास भारी हिमपात होने से यातायात शनिवार रात दस बजे से बंद है। मुनस्यारी से लौटने की तैयारी कर रहे दिल्ली, कोलकाता के 15 पर्यटक रोड बंद होने के कारण फंसे हैं। इसी तरह थल की तरफ से मुनस्यारी आ रहे आठ लोग भी शनिवार रात कालामुनि में फंस गए। उनको स्थानीय लोगों की मदद से रातापानी गांव ले जाया गया और उनके रहने की व्यवस्था की गई। लोनिवि ने कालामुनि से बर्फ हटाने के लिए किराए में जेसीबी ले रखी हैं। लोनिवि के ईई पीसी जोशी ने बताया कि बर्फ काफी मात्रा में गिरी है। उसे हटाने में दिक्कत आ रही है। इस रोड पर यातायात सोमवार से बहाल होने की उम्मीद है। उधर, जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने मुनस्यारी जाने वाले यात्रियों को जौलजीबी-मदकोट के रास्ते भेजने को कहा है, यदि यात्री थल से आगे बढ़ना चाहें तो उनको जौलजीबी होकर जाने की सलाह दी जा रही है।
मुनस्यारी में बिजली सप्लाई 17 घंटे ठप रही
मुनस्यारी। थल से मुनस्यारी को आने वाली बिजली की लाइन में खराबी आने से मुनस्यारी नगर एवं आसपास के इलाकों की बिजली सप्लाई पूरे 17 ठप रही। शनिवार शाम सात बजे से बिजली सप्लाई ठप हो गई थी और रविवार दोपहर 12 बजे बहाल हो पाई। कालामुनि के पास बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से यह व्यवधान आया।