{"_id":"61a3c51b9250a050526c31df","slug":"muaavaja-for-road-cutting-pithoragarh-news-hld445992149","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन का मुआवजा और सड़क में डामरीकरण के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन का मुआवजा और सड़क में डामरीकरण के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
मुआवजा और सड़क में डामरीकरण की मांग के लिए प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। भल्या-पनोली सड़क का मुआवजा नहीं देने और सड़क पर डामरीकरण नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सड़क कटिंग से ग्रामीणों की खेतीयुक्त जमीन कट गई लेकिन आज तक प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा नहीं दिया गया है।
उन्होंने मुआवजा देने के साथ ही सड़क में डामरीकरण करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन करने वालों में दीपक कुमार, बसंत कुमार, सागर, पप्पू, सुनील, राजेंद्र, राहुल, खुशाल राम आदि थे।
इधर एक माह पूर्व हुई मूसलाधार बारिश से पनार-गंगोलीहाट सड़क डूनी, बोकटा, टिम्टा के समीप क्षतिग्रस्त हो गई थी। सड़क का सुधार नहीं करने से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस कारण कई लोग सहमे रहते हैं।
विज्ञापन
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार, धीरज चंद्र, हिमांशु, राजेंद्र कुमार, गोविंद, नीरज और दीवान सिंह ने सड़क का शीघ्र सुधार करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि सड़क का सुधार नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
विज्ञापन
उन्होंने मुआवजा देने के साथ ही सड़क में डामरीकरण करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन करने वालों में दीपक कुमार, बसंत कुमार, सागर, पप्पू, सुनील, राजेंद्र, राहुल, खुशाल राम आदि थे।
विज्ञापन
इधर एक माह पूर्व हुई मूसलाधार बारिश से पनार-गंगोलीहाट सड़क डूनी, बोकटा, टिम्टा के समीप क्षतिग्रस्त हो गई थी। सड़क का सुधार नहीं करने से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस कारण कई लोग सहमे रहते हैं।
विज्ञापन
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार, धीरज चंद्र, हिमांशु, राजेंद्र कुमार, गोविंद, नीरज और दीवान सिंह ने सड़क का शीघ्र सुधार करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि सड़क का सुधार नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।