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स्थानीय स्तर पर रोजगार शुरू कराने के लिए पूछी जा रही प्रवासियों की मंशा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2020 04:57 PM IST
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Motives of migrants being asked to start employment at local level
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। कोरोना महामारी फैलने के बाद सीमांत पिथौरागढ़ जिले में लगभग 29 हजार प्रवासी वापस लौट आए हैं। इनमें अधिकांश होटल, रेस्टोरेंट और रिटेल सेक्टर में काम करने वाले शामिल हैं। होटल और फैक्ट्रियों के बंद होने से गांवों को लौट रहे लोगों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशासन की ओर से भी पहल की जा रही है। वापस लौटे प्रवासियों में शामिल महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया जाय तो कामगारों की संख्या लगभग 20 हजार है। शासन प्रशासन की मंशा भी वापस लौटे प्रवासियों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने की है। इसके लिए विकासखंड स्तर पर प्रवासियों की सूची बनाकर उनकी राय भी पूछी जा रही है। अपना रोजगार शुरू करने वाले लोगों को प्रशासन भी भरपूर मदद करेगा। पहाड़ में लघु उद्योग, खेती, किसानी, डेयरी, बकरी पालन, मसाला उद्योग, बागवानी आदि करने वाले लोगों को लोन देकर करोबार शुरू करने में सहायता की जाएगी। सीमांत जिले में प्रवासी खेती बाड़ी का कार्य शुरू करते हैं तो इसके लिए भी पर्याप्त भूमि है। जिले में खेती का रकबा 42 हजार हेक्टेयर है। जिसमें चार हजार हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था है। हालांकि 38 हजार हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र है। जिसमें सिंचाई के लिए अन्य विकल्पों का इंतजाम करना पड़ सकता है। सीमांत क्षेत्र में डेयरी उद्योग शुरू करने पर उन्हें आसानी से बाजार उपलब्ध हो सकता है। जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी के अनुसार मैदानी क्षेत्रों से आने वाले लोगों से उनके भविष्य की प्लानिंग के बारे में पूछा जा रहा है। जो यहां पर रोजगार शुरू करना चाहेंगे उन्हें पूरी मदद दी जाएगी। जिला लीड बैंक अधिकारी प्रवीण गर्ब्याल ने बताया कि प्रवासी लोग जिले के बैंकों से लोन आसानी से ले सकते हैं। लोन में ली जाने वाली धनराशि की कोई सीमा नहीं है। इच्छुक लोगों को बिजनेस प्लान तैयार कर बैंकों में आवेदन करना पड़ेगा। बिजनेस प्लान के बाद ही उन्हें ऋण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों को ऋण देने के लिए उनके पास पर्याप्त मात्रा में धनराशि है।
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