{"_id":"5fbbf1b18ebc3e9b8979181c","slug":"mela-in-tripura-sundari-temple-pithoragarh-news-hld404952253","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्व प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना
विज्ञापन
नेपाल के त्रिपुरा सुंदरी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। पश्चिमी नेपाल का विश्वविख्यात त्रिपुरा सुंदरी मेला शुरू हो गया है। पहले दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा, अर्चना के लिए पहुंचे। सोमवार को छोटी जात का आयोजन हुआ। मंगलवार को बड़ी जात होगी।
मेले के आयोजक मंडल के प्रकाश थापा ने बताया कि मेले में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सोमवार को कम ही लोग मास्क पहनकर आए। उन्होंने कहा मंगलवार को होने वाली बड़ी जात में मास्क पहनकर न आने वाले लोगों को नगर पालिका मास्क पहनाएगी। मंदिर के पुजारी लक्ष्मी दत्त भट्ट ने बताया बड़ी जात के दिन भी कोरोना नियमों का पालन किया जाएगा। भंडार ग्रह के संरक्षक केशर सिंह थापा और मेला कमेटी के मुखिया चंद्र सिंह थापा ने बताया कि मेले में कोरोना को लेकर स्थायी दुकानें नहीं लगाई गई हैं। सीमा पुल बंद होने से भारत से श्रद्धालु नहीं जा सके।
हाथों में दीये लेकर रात्रि जागरण करेंगे श्रद्धालु
झूलाघाट। त्रिपुरा सुंदरी में लोगों की विशेष आस्था है। यहां लगने वाले मेले में हर वर्ष नेपाल और भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में जाते हैं। मनौती के लिए अधिकतर लोग हाथों में दीये लेकर रात्रि जागरण करते हैं, जिनकी मनोकामना पूरी होती है वह इस मंदिर में बड़ी जात के दिन बकरों और भैंसों की बलि चढ़ाते हैं। यह दिन मंगलवार को है।
विज्ञापन
पांच भारतीय पुजारी भी गए त्रिपुरा सुंदरी
झूलाघाट। इस साल झूलापुल बंद होने से भारत से श्रद्धालु पूजा, अर्चना के लिए त्रिपुरा सुंदरी मंदिर नहीं जा सके। कुछ दिन पहले झूलापुल खुलने पर कुछ लोग मेले में शिरकत करने के उद्देश्य से नेपाल पहुंच गए थे। सोमवार को भी त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा, अर्चना कराने के लिए पांच भारतीय पुजारी नेपाल गए। इन्हें अनुमति मांगने पर जाने दिया गया।
विज्ञापन
मेले के आयोजक मंडल के प्रकाश थापा ने बताया कि मेले में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सोमवार को कम ही लोग मास्क पहनकर आए। उन्होंने कहा मंगलवार को होने वाली बड़ी जात में मास्क पहनकर न आने वाले लोगों को नगर पालिका मास्क पहनाएगी। मंदिर के पुजारी लक्ष्मी दत्त भट्ट ने बताया बड़ी जात के दिन भी कोरोना नियमों का पालन किया जाएगा। भंडार ग्रह के संरक्षक केशर सिंह थापा और मेला कमेटी के मुखिया चंद्र सिंह थापा ने बताया कि मेले में कोरोना को लेकर स्थायी दुकानें नहीं लगाई गई हैं। सीमा पुल बंद होने से भारत से श्रद्धालु नहीं जा सके।
विज्ञापन
हाथों में दीये लेकर रात्रि जागरण करेंगे श्रद्धालु
झूलाघाट। त्रिपुरा सुंदरी में लोगों की विशेष आस्था है। यहां लगने वाले मेले में हर वर्ष नेपाल और भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में जाते हैं। मनौती के लिए अधिकतर लोग हाथों में दीये लेकर रात्रि जागरण करते हैं, जिनकी मनोकामना पूरी होती है वह इस मंदिर में बड़ी जात के दिन बकरों और भैंसों की बलि चढ़ाते हैं। यह दिन मंगलवार को है।
विज्ञापन
पांच भारतीय पुजारी भी गए त्रिपुरा सुंदरी
झूलाघाट। इस साल झूलापुल बंद होने से भारत से श्रद्धालु पूजा, अर्चना के लिए त्रिपुरा सुंदरी मंदिर नहीं जा सके। कुछ दिन पहले झूलापुल खुलने पर कुछ लोग मेले में शिरकत करने के उद्देश्य से नेपाल पहुंच गए थे। सोमवार को भी त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा, अर्चना कराने के लिए पांच भारतीय पुजारी नेपाल गए। इन्हें अनुमति मांगने पर जाने दिया गया।