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मासूम मयंक का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
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विगत आठ अक्तूबर को बर्थडे पर मयंक। फाइल फोटो
- फोटो : PITHORAGARH
घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेलते समय तेंदुए का शिकार बने सौंलीगैर (बिरगोली) के मासूम मयंक खाती (6) का मंगलवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों ने तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने के लिए क्षेत्र में शिकारी तैनात करने की मांग की है। वन विभाग ने परिजनों को तात्कालिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये की धनराशि परिजनों को सौंपी है। मयंक रविवार को घर के पास ही खेल रहा था, शाम करीब साढ़े चार बजे तेंदुआ उसे उठा ले गया और मार डाला।
सोमवार सुबह राजस्व उप निरीक्षक विजय पंत ने मासूम मयंक के शव का पंचनामा भरा। डॉ. एमसी रजवार अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौपाता में पोस्टमार्टम किया। क्षेत्र के लोगों ने वन रेंजर मनोज सनवाल ने सामने घटना को लेकर रोष जताया। लोगों का कहना था कि तेंदुआ लंबे समय से क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। अब तक 16 पालतू जानवरों को मार चुका है। वन विभाग ने सूचना देने के बाद भी तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई उपाय नहीं किए।
वन रेंजर ने तात्कालिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये की धनराशि परिजनों को दी। कहा कि तेंदुए को मारने के लिए अनुमति पत्र उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। मंगलवार सुबह गांव में पिंजरा लगा दिया जाएगा।
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आठ अक्तूबर को मनाया था जन्मदिन, मां को पड़ रहे बेहोशी के दौरे
गंगोलीहाट। मासूम मयंक की मां रजनी देवी को बार-बार बेहोशी के दौरे पड़ रहे हैं। गांव की महिलाओं ने बमुश्किल रजनी देवी को संभाला। रजनी देवी होश में आते ही मयंक-मयंक चिल्लाने लगती और फिर बेहोश हो जाती।
मयंक के दादा दलीप सिंह, दादी भागुली देवी, बहन दीक्षा और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मयंक के पिता गजेंद्र सिंह खाती सोमवार देर शाम देहरादून से घर पहुंचे। 8 अक्तूबर को मासूम मयंक का छठा जन्मदिन परिजनों ने धूमधाम से मनाया था। मयंक भी जन्मदिन पर काफी खुश था लेकिन परिवार की यह खुशी रविवार शाम की मनहूस घड़ी ने छीन ली।
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सोमवार सुबह राजस्व उप निरीक्षक विजय पंत ने मासूम मयंक के शव का पंचनामा भरा। डॉ. एमसी रजवार अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौपाता में पोस्टमार्टम किया। क्षेत्र के लोगों ने वन रेंजर मनोज सनवाल ने सामने घटना को लेकर रोष जताया। लोगों का कहना था कि तेंदुआ लंबे समय से क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। अब तक 16 पालतू जानवरों को मार चुका है। वन विभाग ने सूचना देने के बाद भी तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई उपाय नहीं किए।
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वन रेंजर ने तात्कालिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये की धनराशि परिजनों को दी। कहा कि तेंदुए को मारने के लिए अनुमति पत्र उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। मंगलवार सुबह गांव में पिंजरा लगा दिया जाएगा।
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आठ अक्तूबर को मनाया था जन्मदिन, मां को पड़ रहे बेहोशी के दौरे
गंगोलीहाट। मासूम मयंक की मां रजनी देवी को बार-बार बेहोशी के दौरे पड़ रहे हैं। गांव की महिलाओं ने बमुश्किल रजनी देवी को संभाला। रजनी देवी होश में आते ही मयंक-मयंक चिल्लाने लगती और फिर बेहोश हो जाती।
मयंक के दादा दलीप सिंह, दादी भागुली देवी, बहन दीक्षा और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मयंक के पिता गजेंद्र सिंह खाती सोमवार देर शाम देहरादून से घर पहुंचे। 8 अक्तूबर को मासूम मयंक का छठा जन्मदिन परिजनों ने धूमधाम से मनाया था। मयंक भी जन्मदिन पर काफी खुश था लेकिन परिवार की यह खुशी रविवार शाम की मनहूस घड़ी ने छीन ली।

मासूम के पोस्टमार्टम के समय मौके पर जुटी लोगों की भीड़। अमर उजाला- फोटो : PITHORAGARH