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Pithoragarh News: चिह्नीकरण नहीं होने से भड़के राज्य आंदोलनकारी
Thu, 16 Mar 2023 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 16 Mar 2023 11:18 PM IST
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पिथौरागढ़। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति कुमाऊं मंडल कोर कमेटी का उल्का देवी मंदिर परिसर में सम्मेलन हुआ जिसमें आंदोलनकारियों ने राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण में भाई भतीजावाद का आरोप लगाया। उन्होंने सर्वसम्मति से सात प्रस्ताव पास किया।
मुख्य अतिथि चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को सम्मेलन का शुभारंभ किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अलग राज्य के लिए आंदोलन करने वाले आंदोलनकारियों का अब तक चिह्नीकरण नहीं किया गया है। केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि चिह्नीकरण से वंचित आंदोलनकारियों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा।
आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद के जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे हुए हैं। इस दौरान सभी ने एक मत होकर चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति को समर्थन देने की घोषणा की। सम्मेलन में संगठन जिलाध्यक्ष जगत सिंह मेहता, बसंत भट्ट, जगदीश जोशी, मोहन सिंह बसौड़, राजेंद्र पांडेय, पुष्पा उपाध्याय, राजेंद्र भट्ट, महेश जोशी, वंचित राज्य आंदोलनकारी संगठन की अध्यक्ष उमा पांडेय आदि मौजूद थे। संचालन राज्य आंदोलनकारी दिनेश गुरुरानी ने किया।
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ये प्रस्ताव किए गए पास
- वंचित राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण करने।
- राज्य आंदोलनकारियों को सेनानियों का दर्जा देने।
- सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मी जिन्हें चिह्नित किया जा चुका है उन्हें शासनादेश के अनुसार वेतन देने।
- उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद का गठन करने।
- जिला, नगर, ब्लाॅक स्तर पर अधिकारियों को ज्ञापन देकर समस्याओं को उजागर करते हुए उनका निराकरण करने और उसकी प्रतिलिपि केंद्रीय अध्यक्ष और समिति को भेजने।
- महिला तकनीकी संस्थान देहरादून सिद्धबाला में छात्रावास का निर्माण करने।
- समिति के माध्यम से सभी प्रस्तावों को सीएम को भेजने।
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मुख्य अतिथि चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को सम्मेलन का शुभारंभ किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अलग राज्य के लिए आंदोलन करने वाले आंदोलनकारियों का अब तक चिह्नीकरण नहीं किया गया है। केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि चिह्नीकरण से वंचित आंदोलनकारियों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा।
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आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद के जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे हुए हैं। इस दौरान सभी ने एक मत होकर चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति को समर्थन देने की घोषणा की। सम्मेलन में संगठन जिलाध्यक्ष जगत सिंह मेहता, बसंत भट्ट, जगदीश जोशी, मोहन सिंह बसौड़, राजेंद्र पांडेय, पुष्पा उपाध्याय, राजेंद्र भट्ट, महेश जोशी, वंचित राज्य आंदोलनकारी संगठन की अध्यक्ष उमा पांडेय आदि मौजूद थे। संचालन राज्य आंदोलनकारी दिनेश गुरुरानी ने किया।
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ये प्रस्ताव किए गए पास
- वंचित राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण करने।
- राज्य आंदोलनकारियों को सेनानियों का दर्जा देने।
- सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मी जिन्हें चिह्नित किया जा चुका है उन्हें शासनादेश के अनुसार वेतन देने।
- उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद का गठन करने।
- जिला, नगर, ब्लाॅक स्तर पर अधिकारियों को ज्ञापन देकर समस्याओं को उजागर करते हुए उनका निराकरण करने और उसकी प्रतिलिपि केंद्रीय अध्यक्ष और समिति को भेजने।
- महिला तकनीकी संस्थान देहरादून सिद्धबाला में छात्रावास का निर्माण करने।
- समिति के माध्यम से सभी प्रस्तावों को सीएम को भेजने।