{"_id":"56f6bed84f1c1bb12af14db3","slug":"many-of-the-district-forest-fires","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के कई जंगलों में धधकी आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के कई जंगलों में धधकी आग
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 26 Mar 2016 10:24 PM IST
विज्ञापन
जंगलों में आग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तापमान बढ़ने के साथ ही जिले के कई जंगलों में आग लग गई है। बेड़ीनाग और कनालीछीना विकासखंड के कई जंगलों में आग फैली है। वन विभाग के कर्मचारियों ने आग बुझाने का अब तक प्रयास नहीं किया है। सभी इलाकों में आसमान में धुआं फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी विकराल है कि उस पर बिना संसाधनों के काबू पाना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों को जंगलों में आग लगने की सूचना दी है, लेकिन होली के अवकाश पर घर गए कर्मचारी अब तक अपने कार्य क्षेत्र में नहीं लौटे हैं।
विज्ञापन
बेड़ीनाग ब्लॉक में चौकोड़ी, किरौली, हजेती के जंगलों में शुक्रवार रात से आग लगी है। कनालीछीना ब्लॉक में लेकघाटी, सुरौली, बुंगाछीना, सुवालेक के पास के जंगलों में आग लगी है। यह आग तेजी से फैलती जा रही है। छोटे पौधों को आग से नुकसान पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि आग आबादी से काफी दूरी पर है। इस कारण बुझाने के प्रयास सफल नहीं हो सकते।
विज्ञापन
वन विभाग के क्रू-स्टेशनों में इन दिनों कोई कर्मचारी नहीं है, जबकि वन विभाग ने वन अग्नि प्रबंध योजना बनाते समय कुल 60 क्रू-स्टेशनों की स्थापना का दावा किया था और हर क्रू-स्टेशन में पांच-पांच कर्मचारियों की तैनाती की बात कही गई थी। वन विभाग 15 फरवरी से फायर सीजन घोषित कर देता है। इस बार मार्च अंतिम सप्ताह में ही जंगलों की आग ने भीषण रूप ले लिया है। अप्रैल, मई में यह स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
विज्ञापन