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Pithoragarh News: ग्रामीणों के लिए सपना बनी मड़कनाली-सुरखाल पाठक सड़क
Fri, 29 Sep 2023 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 29 Sep 2023 11:35 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। करीब छह माह से अधिक समय तक आंदोलन करने के बाद भी मणकनाली-सुरखाल पाठक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। सड़क सुविधा का सपना साकार न होने के कारण आठ गांवों की 10,000 की आबादी छह से 10 किमी तक पैदल चलने के लिए मजबूर है।
गंगोलीहाट विकासखंड के सुरखाल पाठक तक सड़क निर्माण की मांग दशकों से उठ रही है। सड़क न होने से सुरखाल पाठक, चमलेख, कोलिया, गानुरा, बहेलकोट, गंतोला, अनरगांव, तल्ला खोलिया, मल्ला खोलिया के ग्रामीणों को पैदल आवागमन करना पड़ता है। सुरखाल पाठक तक पहुंचने के लिए पहाड़ी से होकर गुजरना पड़ता है।
लोगों को किसी काम से गंगोलीहाट बाजार आना हो या बच्चों को स्कूल जाना हो खतरनाक मार्ग से आना जाना पड़ता है। इस खतरनाक मार्ग पर दो लोगों की खाई में गिरने से मौत हो चुकी है। इन गांवों के कई परिवार सड़क के अभाव में शहरों में बस चुके हैं। पलायन अब भी लगातार जारी है।
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.........इनसेट..........
151 दिन तक क्रमिक अनशन और सात दिन तक चला था आमरण अनशन
गंगोलीहाट। मड़कनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क निर्माण के लिए लोग वर्षों से मांग कर रहे हैं। दो वर्ष पूर्व 151 दिन तक क्रमिक अनशन और एक सप्ताह तक आमरण अनशन किया था। इसके बावजूद केवल पांच किमी सड़क की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है। स्थानीय ग्रामीण विक्रम सिंह बिष्ट, ललित सिंह बिष्ट, जानकी देवी, लछिमा देवी का कहना है कि सड़क न होने के कारण बीमार, गर्भवती, बुजुर्ग व्यक्तियों को डोली में लाना-ले जाना पड़ता है। गांवों से तेजी से पलायन हो रहा है। शादी आदि सामाजिक, सार्वजनिक कार्यों को निभाना कठिन हो जाता है।
कोट:
पांच किमी सड़क की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है। वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन में बैठक हो चुकी है। स्वीकृति मिलते ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - अनिल कनौजिया, एई, लोनिवि, बेड़ीनाग।
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गंगोलीहाट विकासखंड के सुरखाल पाठक तक सड़क निर्माण की मांग दशकों से उठ रही है। सड़क न होने से सुरखाल पाठक, चमलेख, कोलिया, गानुरा, बहेलकोट, गंतोला, अनरगांव, तल्ला खोलिया, मल्ला खोलिया के ग्रामीणों को पैदल आवागमन करना पड़ता है। सुरखाल पाठक तक पहुंचने के लिए पहाड़ी से होकर गुजरना पड़ता है।
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लोगों को किसी काम से गंगोलीहाट बाजार आना हो या बच्चों को स्कूल जाना हो खतरनाक मार्ग से आना जाना पड़ता है। इस खतरनाक मार्ग पर दो लोगों की खाई में गिरने से मौत हो चुकी है। इन गांवों के कई परिवार सड़क के अभाव में शहरों में बस चुके हैं। पलायन अब भी लगातार जारी है।
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151 दिन तक क्रमिक अनशन और सात दिन तक चला था आमरण अनशन
गंगोलीहाट। मड़कनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क निर्माण के लिए लोग वर्षों से मांग कर रहे हैं। दो वर्ष पूर्व 151 दिन तक क्रमिक अनशन और एक सप्ताह तक आमरण अनशन किया था। इसके बावजूद केवल पांच किमी सड़क की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है। स्थानीय ग्रामीण विक्रम सिंह बिष्ट, ललित सिंह बिष्ट, जानकी देवी, लछिमा देवी का कहना है कि सड़क न होने के कारण बीमार, गर्भवती, बुजुर्ग व्यक्तियों को डोली में लाना-ले जाना पड़ता है। गांवों से तेजी से पलायन हो रहा है। शादी आदि सामाजिक, सार्वजनिक कार्यों को निभाना कठिन हो जाता है।
कोट:
पांच किमी सड़क की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है। वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन में बैठक हो चुकी है। स्वीकृति मिलते ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - अनिल कनौजिया, एई, लोनिवि, बेड़ीनाग।