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चौरानी में छिलके से होते हैं घर रोशन
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़)
Updated Fri, 25 Sep 2015 06:40 PM IST
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करीब आठ किलोमीटर की पैदल दूरी पर स्थित और घने जंगलों के बीच में स्थित वनरावतों के चौरानी गांव में बिजली नहीं है, जिस कारण 32 परिवार रात के अंधेरे को दूर करने के लिए चीड़ के छिलके का प्रयोग करते हैं। कुछ परिवारों के पास सोलर लालटेन जरूर हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश खराब पड़ी हैं। बिजली विभाग के सामने गांव को रोशन करने में दो मुख्य समस्याएं आ रही हैं। पहला यह कि यह गांव घने जंगलों के बीच में बसा है। फारेस्ट लैंड के कारण बिजली की लाइन बिछा पाना संभव नहीं है। दूसरा गांव के लोग बिजली का कनेक्शन लेने के लिए तैयार नहीं हैं।
गांव में शिक्षा का स्तर न्यून है। वनरावतों के बच्चों में स्कूल जाने की कोई ललक नहीं होती। वह जंगलों से लकड़ियां बीनने के काम में ज्यादा रुचि रखते हैं। चौरानी गांव में आधुनिकता की कोई झलक नहीं पड़ी है। कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने गांव में जाकर लोगों की जीवनशैली में बदलाव लाने की कोशिश की, लेकिन लोग खुद सुविधाओं को जुटाने में रुचि नहीं रखते। बिजली विभाग के अधिकारियों ने चौरानी गांव जाकर सर्वे भी किया और मदनपुरी से चौरानी तक लाइन बिछाने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन चौरानी गांव के दस परिवार भी बिजली का कनेक्शन लेने को तैयार नहीं हुए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गरीबी के कारण लोग बिजली का कनेक्शन नहीं ले पाते। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता चंदन सिंह बसनेत ने बताया कि लोगों को कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यदि लोग तैयार हो जाएं तो फारेस्ट लैंड की बाधा को दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
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गांव में शिक्षा का स्तर न्यून है। वनरावतों के बच्चों में स्कूल जाने की कोई ललक नहीं होती। वह जंगलों से लकड़ियां बीनने के काम में ज्यादा रुचि रखते हैं। चौरानी गांव में आधुनिकता की कोई झलक नहीं पड़ी है। कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने गांव में जाकर लोगों की जीवनशैली में बदलाव लाने की कोशिश की, लेकिन लोग खुद सुविधाओं को जुटाने में रुचि नहीं रखते। बिजली विभाग के अधिकारियों ने चौरानी गांव जाकर सर्वे भी किया और मदनपुरी से चौरानी तक लाइन बिछाने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन चौरानी गांव के दस परिवार भी बिजली का कनेक्शन लेने को तैयार नहीं हुए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गरीबी के कारण लोग बिजली का कनेक्शन नहीं ले पाते। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता चंदन सिंह बसनेत ने बताया कि लोगों को कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यदि लोग तैयार हो जाएं तो फारेस्ट लैंड की बाधा को दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
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