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Pithoragarh News: गरारी के भरोसे चल रही जिंदगी की सवारी

Thu, 21 Dec 2023 10:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 21 Dec 2023 10:17 PM IST
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Life's ride depends on Garari
बंगापानी के घुरुड़ी क्षेत्र में गरारी से नदी पार करते लोग। संवाद
बंगापानी (पिथौरागढ़)। घूमने के लिए पहाड़ की वादियां अधिकतर लोगों की पहली पसंद होती हैं लेकिन यहां का जीवन बहुत कठिन है। 21वीं सदी में इंसान ने जितनी भी तरक्की क्यों न कर ली हो लेकिन बंगापानी तहसील के ग्राम मनकोट और घुरुड़ी के लोगों के लिए ये सारी इंसानी तरक्की बेमानी सी साबित हो जाती है। पांच साल पहले गोरी नदी पर बना पुल पानी के साथ बह गया तब से लोगों के लिए आवाजाही का एकमात्र सहारा गरारी ही बनी हुई है।
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मनकोट, घुरुड़ी और लुमती को जोड़ने वाला पैदल पुल वर्ष 2018 की भीषण आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था। पैदल पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्राम मनकोट और तल्ला, मल्ला घुरुड़ी के लोगों के साथ ही स्कूली बच्चों की राह मुश्किल हो गई थी। तब से गांव के लोग आवाजाही के लिए और बच्चे स्कूल जाने के लिए गरारी के सहारे ही हैं। मनकोट, मल्ला और तल्ला घुरुड़ी गांव के 15 बच्चे गरारी से पुल पार कर लुमती स्कूल पढ़ने पहुंचते हैं। करीब पांच साल से यह सिलसिला जारी है। कई बार लोग गरारी से गोरी नदी पार करते समय गिर चुके हैं।
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तीन साल बाद भी नहीं बना पुल
बंगापानी (पिथौरागढ़)। गोरी नदी पर पुल निर्माण का काम वर्ष 2020-21 में शुरू किया गया था। मनकोट और घुरुड़ी की करीब 200 की आबादी है। बीमार होने पर लोग इलाज के लिए गरारी के सहारे ही आवाजाही करते हैं। इमरजेंसी होने पर गरारी में दो लोग बैठकर नदी पार करते हैं। नदी को पार करने के लिए गरारी से करीब 15 मिनट का समय लगता है। संवाद
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गोरी नदी पर पुल नहीं बनने के कारण काफी मुश्किल में जीवन जी रहे हैं। बीमार, गर्भवती को गरारी के सहारे ही नदी पार कराना बड़ी चुनौती बन जाता है। जरूरी सामान भी गरारी के सहारे ही घर तक पहुंचता हैं। सरकार को हमारी समस्या पर ध्यान देना चाहिए। - हरि चंद्र, स्थानीय, घरुड़ी।

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वर्ष 2018 की आपदा के बाद से जीना बेहद कठिन हो गया है। पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी गरारी से ही आवाजाही करनी पड़ रही है। स्कूली बच्चे भी गरारी से नदी पार स्कूल जाते हैं। हमेशा हादसे का डर बना रहता है। कोई जनप्रतिनिधि हमारी समस्या के प्रति संजीदा नहीं है। - गंभीर सिंह, अभिभावक, घरुड़ी।


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