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Pithoragarh News: मूसलाधार बारिश से ठहर गया जनजीवन
Thu, 18 Jul 2024 01:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 18 Jul 2024 01:30 AM IST
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धारचूला के सिमखोला और बुंगबुंग के बीच क्षतिग्रस्त पुल। स्रोत ग्रामीण
हाईलाइटरः
पिथौरागढ़-चंपावत जिले में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से टनकपुर-धारचूला नेशनल हाईवे समेत तमाम सड़कें बंद हो गईं। एनएच समेत पिथौरागढ़ जिले की 22 और चंपावत की 20 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। सड़कों पर जगह-जगह मलबा आने से लोगों का पैदल आवागमन भी बाधित हो गया है। पिथौरागढ़ जिले में भू स्खलन से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दोनों जिलों में कई आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। कई इलाकों में बिजली पानी का संकट पैदा हो गया है। निर्माण सामग्री नदी में समा गई है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गोँ और राहगीरों को खासी दिक्कतें हो रही हैं।
एनएच बंद रहने से बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
-खाने पीने के होटल और मिठाई कारोबारियों को पहुंचा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण मलबा आने से राजमार्ग में वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। एनएच समेत जिले की 20 ग्रामीण सड़कों पर यातायात बाधित रहा। एनएच बंद होने से जिला मुख्यालय की बाजार में बुधवार को दिन में सन्नाटा पसरा रहा। एनएच में वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से खाने पीने के होटल और मिठाई कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी ओर मुर्हरम का अवकाश होने के कारण अधिकांश सरकारी विभाग और स्कूलों में अवकाश रहा, जबकि अधिकतर बैंक बुधवार को खुले रहे।
बाटनागाड़ और किरौड़ा नाला उफनाए
टनकपुर (चंपावत)। पहाड़ में भारी बरसात से एक बार फिर पूर्णागिरि मार्ग पर किरौड़़ा नाला और बाटनागाड़ नाले उफना गए। बुधवार सुबह के समय बाटना गाड़ में मलबा आने से करीब दो घंटे यातायात बंद रहा। लोनिवि की जेसीबी निरंतर मलबा हटाने में जुटी रही। संवाद
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जलभराव से नहीं हो पा रहा रेलवे के अंडरपास से आवागमन
बनबसा (चंपावत)। जलभराव होने से रेलवे के अंडर पास से इन दिनों आवागमन प्रभावित हो चुका है। बरसात में यहां भूमिगत पानी के काफी ऊपर आने से अंडरपास जलमग्न हो गए हैं। इससे पैदल, दोपहिया और छोटे चौपहिया वाहनों का संचालन बंद हो गया है। अब अक्तूबर बाद ही अंडरपास से आवागमन संभव हो पाएगा। गौरव सेनानी कल्याण समिति ने रेलवे प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। इनमें अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद की अध्यक्षता और सचिव कैप्टन हरीश कापड़ी, कैप्टन गोविंद बल्लभ भट्ट, पूर्व सैनिक जिला पंचायत सदस्य पुष्कर दत्त कापड़ी, कैप्टन राजेंद्र सिंह अधिकारी, कैप्टन चंद्र शेखर गहतोड़ी, लैफ्टीनेंट पीएन जोशी, सूबेदार मेजर हयात सिंह ठकुराठी, सूबेदार बीबी पांडेय, भोला दत्त, हवलदार उमेश चंद्र भट्ट आदि थे।
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टीजे मोटरमार्ग में निर्माणाधीन पुल की करोड़ों की सामग्री बही
16 जुलाई को हुई बारिश से हुआ भूस्खलन पड़ गया भारी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
चंपावत। जिले के बहुचर्चित टनकपुर-जौलजीबी निर्माणाधीन मोटरमार्ग में 16 जुलाई की रात हुई भीषण बारिश से पुल निर्माण सामग्री को भारी नुकसान हुआ है । कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रकाश सिंह अधिकारी के मुताबिक सीम गांव में स्थित ब्रिज के ए 2 साइड में एक मिक्स प्लांट, चार कंक्रीट मिक्चर, दो जनरेटर, तीन वेल्डिंग मशीन, पांच ऑक्सीजन सिलेंडर, एक स्टील कटिंग वेल्डिंग मशीन, छह एमएम और 10 एमएम की लाइनर प्लेट, 12 टन वेंटोनाइट पाउडर, एक टन पॉलीमर, दो क्विंटल सोडियम, दो क्विंटल अल्फाबांड, 10 टन एडमिक्चर, 5800 बैग सीमेंट, 80 टन सरिया, 5000 लीटर डीजल बारिश के मलबे के साथ महाकाली नदी में बह गया। क्षतिग्रस्त और बह चुके सामान की कीमत करीब ढाई से तीन करोड़ के बीच आंकी जा रही है।
जारा जिबली में पीएमजीएसवाई की सड़क जगह-जगह बदहाल
बंगापानी (पिथौरागढ़)। पीएमजीएसवाई जारा जिबली की सड़क बदहाल हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए। वाहन चालक बदहाल सड़कों पर वाहन चलाने को मजबूर हैं। सड़क पर कई जगहों पर हादसे होने का खतरा बना है। ग्राम प्रधान संजीव बिष्ट ने कहा कि लगातार बारिश से कहीं न कहीं सड़क बंद हो जाती है। क्षेत्र में जेसीबी नहीं होने से ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने क्षेत्र में जेसीबी तैनात करने की मांग की है।
मलबा आने से सीमांत की 22 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लगातार हो रही बारिश से सीमा और ग्रामीण क्षेत्र की 22 सड़कों पर यातायात बाधित रहा। तवाघाट-घट्टाबगड़ सड़क गढ़घढ़ नाला, तीनतोला और पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग निगालपानी के पास मलबा आने से बंद रहा। न्यू सोबला-तिदांग सड़क मलबा आने से बंद है। ग्रामीण क्षेत्र की बंगापानी-जाराजिबली, नाचनी-भैंसकोट, बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, खेला-गर्गुवा, पौड़ी-घटकुना, कालिका-खुमती, छिरकिला-जम्कू, बुंई-पातो, मदकोट-तोमिक सड़क बंद चल रही हैं। इनके अलावा खुमती-कटौजिया, रूंग-सिर्खा, भागीचौरा-शक्तिपुर, बांस-आंवलाघाट, दौली-चिराली, धुर्चू-कुनकु, बांसबगड़-गूंठी, बांसबगड़-धामीगांव, दरकोट, दराती-दुम्मर, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा, जौलजीबी मदकोट से कौलीकन्याल, मालाकोट-लोध सड़कें बंद चल रही हैं।
साईपोलू, उछैती में दो मकान क्षतिग्रस्त
मुनस्यारी। साईंपोलू में मंगलवार की रात बहादुर सिंह के मकान के दो कमरे ध्वस्त हो गए हैं। उन्होंने आपदा कंट्रोल रूम में सूचना दर्ज कराई है। उछैती में भूस्खलन से हीरा सिंह सुयाल का मकान खतरे की जद में आ गया है। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने उप जिलाधिकारी से राजस्व टीम मौके पर भेज प्रभावित परिवार को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किए जाने की मांग की है। संवाद
कहां कितनी बारिश
बंगापानी 50 मिमी
धारचूला 39.80 मिमी
मुनस्यारी 38.40 मिमी
थल 15 मिमी
तेजम 13 मिमी
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बेड़ीनाग महाविद्यालय की सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे
बेड़ीनाग। डिग्री कालेज और नाग मंदिर को जाने वाली सडक में गड्ढे ही गड्ढे बने हुए हैं। इसके बाद भी सड़क को ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। गड्ढों के कारण इस सड़क में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जवाहर चौक से बेड़ीनाग मंदिर तक एक किमी लंबी सड़क पिछले दिनों तेज वारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस सडक से महाविद्यालय, बीएड कॉलेज, नाग मंदिर, महादेव मंदिर स्थित है। इसके आसपास ही 300 से अधिक परिवार निवास करते हैं। पूर्व सभासद आशा भैसोड़ा ने सड़क को शीघ्र गड्ढा मुक्त कर नालियों का निर्माण करने और कलवर्ट खोलने की मांग की है।
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गड्ढों में तब्दील हुई खर्कतोली-चिराली सड़क
पिथौरागढ़। मूसलाधार बारिश से खर्कतोली-चिराली सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। भौंतड़ी निवासी नरेंद्र गुरुंग ने बताया कि उनके गांव तक कच्ची सड़क है। जमतड़ी से भौंतड़ी तक सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में दिक्कत हो रही है। उन्होंने प्रशासन से कार्यदायी संस्था को सड़क सुधार के लिए शीघ्र निर्देशित किए जाने की मांग की है। संवाद
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मलबा आने से तवाघाट सड़क कई जगहों पर बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
धारचूला (पिथौरागढ़) । क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से टनकपुर-तवाघाट सड़क पर कई जगहों पर मलबा आया है। इसके चलते तीनों घाटियों दारमा, व्यास, चौंदास के लोगों को करीब पांच किमी की पैदल दूरी तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। तवाघाट सड़क घटखोला, दोबाट, एलागाड़ में मलबा आने से बंद है।
हिलवेज कंपनी के सीनियर मैनेजर त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि बारिश के चलते सड़क खोलने में दिक्कत हो रही है। निगालपानी में मंगलवार की शाम भूस्खलन होने से सड़क बंद रही। कोतवाल विजेंद्र शाह ने बताया कि रात में लोगों की सुरक्षा के लिए वहां पुलिस बल तैनात किया गया था। बुधवार को सड़क यातायात के लिए खुल गया। सिमखोला और बुंगबुंग के बीच लकड़ी का 45 फुट लंबा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान बबीता नगन्याल ने पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्रशासन को दी है। बारिश के चलते काली नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। संवाद
बाक्स
बंगापानी में बिजली की किल्लत
बंगापानी। क्षेत्र में बीते दो दिन से बिजली सुचारु नहीं आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार की रात से गई बिजली मंगलवार रात एक-दो घंटे के लिए आई। उसके बाद बिजली आपूर्ति फिर से बाधित हो गई। इसके चलते लोगों में रोष पनप रहा है।
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संगरून और सीम गांवों में घरों में घुसा मलबा
चंपावत। मंगलवार की रात ग्राम पंचायत बकोड़ा के संगरून और सीम गांवों में बरसाती नदी का मलबा ग्रामीणों के घरों में घुस गया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रात गुजारनी पड़ी। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर रवाना हो गई है। भारी बारिश के कारण संगरून में जगन्नाथ सिंह, रघुवर सिंह, जगदीश सिंह, प्रहलाद सिंह, प्रीतम सिंह, सूरज सिंह, केसर सिंह, हीरा सिंह, मदन सिंह, बीरबल सिंह, दीवान सिंह, दशरथ सिंह, मुकेश सिंह आदि के आवासीय मकानों में मलबा और बोल्डर घुसने से काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा सीम गांव में भी कई काश्तकारों का नुकसान हुआ है जि। भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष बच्चन सिंह अधिकारी ने बताया कि प्राकृतिक आपदा की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। प्रभावित काश्तकारों ने राहत और मुआवजा देने की मांग उठाई है।
फोटो 17 सीपीटी 05 पी।
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बारिश के पानी से किसानों की भूमि हो रही बर्बाद
चंपावत। अमोड़ी-वैला सड़क में जगह-जगह कलमठ और नालियों बंद होने से पानी किसानों की उपजाऊ भूमि में आ रहा है। ग्रामीण मदन सिंह बुडाठी और देवेंद्र बुडाठी ने बताया कि सड़क के कलमठ बंद होने से बारिश का पानी किसानों की उपजाऊ भूमि में जा रहा है। इससे किसानों की फसल और भूमि नष्ट हो रही है। ग्रामीणों ने विभाग और प्रशासन से समस्या का समाधान करने की मांग की है। संवाद
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चम्ठोला में एक आवासीय मकान को खतरा
चंपावत। जिले के ग्राम पंचायत कोट अमोड़ी के चम्ठोला तोक में चखराड़ी नदी से एक आवासी मकान खतरे की जद में आ गया है। चम्ठोला तोक के मथुरा दत्त ने बताया कि चखराड़ी नदी के कारण उनके मकान के ठीक पीछे भू कटाव हो रहा है। नदी के उफान के साथ मलबा और बोल्डर बहकर आ रहे हैं। बताया कि पैदल रास्ता भी भारी बारिश के कारण टूट गया है। संवाद
कोट अमोड़ी में दर्जनों आवासीय मकान खतरे की जद में
चंपावत। जिले के पालबिलौन, कोट अमोड़ी, भलुवागाड़ी खेत खलिहान, पैदल रास्ते समेत कई आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है।
मंगलवार को मूसलाधार बारिश से कोट अमोड़ी के मोहन चंद्र, जगदीश चंद्र, कृष्ण चंद्र, हेतराम, जगदीश चंद्र, मनोहर दत्त, हेतराम भट्ट, बलदेव भट्ट, शंकर दत्त अन्य ग्रामीणों के आवास खतरे की जद में आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं। बारिश से मलबा आवासीय भवनों के अंदर तक आ गया।
इधर, स्वांला क्षेत्र में एनएच किनारे भारी बारिश से भूस्खलन के कारण आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। ईश्वरी दत्त, महादेव भट्ट के मकान पूरी तरह से खतरे की जद में आ गए हैं। पूर्व प्रधान ईश्वरी दत्त ने बताया कि लगता है एनएच और प्रशासन बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत दियूरी के बमन्युडा गांव में एक आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया है। उपजाऊ भूमि का भू कटाव से मकान तक दरारें आ गई हैं। किसानों की अदरक की खेती बर्बाद हो रही है।
एनएच बंद होने से यात्रियों को परेशान, डिपो को लाखों का नुकसान
लोहाघाट टनकपुर राजमार्ग बंद होने से रोडवेज बस के थमे पहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। भारी बारिश के चलते लोहाघाट टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में मलबा आने से रोडवेज बस के पहिए थम गए। लोहाघाट से दो बस का संचालन किया गया। मार्ग बंद होने से वह भी वापस लौट लाई। बस का संचालन न होने से डिपो को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
रोडवेज की वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी दीपा वर्मा ने बताया कि बुधवार को सुबह डिपो से दिल्ली अप डाउन और हल्द्वानी के लिए दो बस भेजी गई थी। भारी बारिश से स्वांला आदि स्थानों में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से बस बनलेख से वापस लौट आई। उन्होंने बताया कि दिल्ली देहरादून गई आठ बस को टनकपुर में रोककर उसका संचालन वहीं से किया गया। बताया कि राजमार्ग बंद होने से बरेली, हल्द्वानी, नैनीताल, गुरुग्राम, दिल्ली, देहरादून आदि रूटों पर लोहाघाट से बस का संचालन नहीं हो सका। इंचार्ज वर्मा ने बताया कि बस का संचालन न होने से करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सुबह से ही मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्री रोडवेज स्टेशन में पहुंचने लगे थे। यात्री घंटों राजमार्ग खुलने का इंतजार करते हुए स्टेशन में बैठे रहे, अंत में निराश होकर उन्हें वापस लौटना पड़ा।
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अतिवृष्टि से अमोड़ी से लेकर चूका तक हुआ नुकसान
टनकपुर(चंपावत)। क्षेत्र के दूरस्थ चूका क्षेत्र में अतिवृष्टि से ग्रामीणों के खेतों में मलबा और पानी से भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि आधा दर्जन ग्रामीणों के खेतों में मलबा और पानी आने से नुकसान हुआ है। इस बीच टनकपुर-जौलजीबी रोड पर भी जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गया। एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि अमोड़ी से लेकर चूका आदि तक अतिवृष्टि हुई है, कोई जनहानि नहीं हुई है। घरों में पानी घुसने और खेतों को नुकसान हुआ है।
चूका के ग्रामीण दशरथ सिंह ने बताया बुधवार की तड़के सुबह बादल फटने से गांव में पानी के साथ भारी मलबा आया। खेतों में पहाड़ से मलबा आया गया। इनमें दशरथ सिंह, मान सिंह, बालम सिंह, राजेंद्र सिंह, राम सिंह आदि के खेतों में मलबा आया। पटवारी वीरेंद्र पुंडीर ने बताया कि ग्रामीणों के खेतों में मलबा आने से नुकसान की सूचना मिली है।
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कोटगाड़ी में उफनाए नाले को पार कर स्कूल जाते हैं बच्चे
थल (पिथौरागढ़)। पांखू से कोटगाड़ी सड़क में कोटगाड़ी के पास हर साल बरसात के दिनों में सड़क पर बने काजवे में पहाड़ी से उफान पर आए नाले से चार महीने पैदल चलने वाले लोगों के लिए मुसीबत हो जाती है।
इसी मार्ग से चौंसाला के स्कूली बच्चे जीआईसी पांखू और प्राइमरी स्कूल के बच्चे मदीगांव जाते हैं। नाले में काफी पानी और तेज बहाव होने से पैदल चलने वाले बच्चों, मोटर साइकिल और वाहनों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। वर्ष 2015 में जब सड़क कट रही थी तब यहां पर छोटी पुलिया का प्रस्ताव था। बाद में यहां काजवे बना दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता लच्छू कार्की का कहना है कि बरसात के चार महीने नाला उफान पर रहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग से यहां पर छोटी पुलिया का निर्माण किए जाने की मांग उठाई है। संवाद
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पिथौरागढ़-चंपावत जिले में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से टनकपुर-धारचूला नेशनल हाईवे समेत तमाम सड़कें बंद हो गईं। एनएच समेत पिथौरागढ़ जिले की 22 और चंपावत की 20 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। सड़कों पर जगह-जगह मलबा आने से लोगों का पैदल आवागमन भी बाधित हो गया है। पिथौरागढ़ जिले में भू स्खलन से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दोनों जिलों में कई आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। कई इलाकों में बिजली पानी का संकट पैदा हो गया है। निर्माण सामग्री नदी में समा गई है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गोँ और राहगीरों को खासी दिक्कतें हो रही हैं।
एनएच बंद रहने से बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
-खाने पीने के होटल और मिठाई कारोबारियों को पहुंचा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण मलबा आने से राजमार्ग में वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। एनएच समेत जिले की 20 ग्रामीण सड़कों पर यातायात बाधित रहा। एनएच बंद होने से जिला मुख्यालय की बाजार में बुधवार को दिन में सन्नाटा पसरा रहा। एनएच में वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से खाने पीने के होटल और मिठाई कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी ओर मुर्हरम का अवकाश होने के कारण अधिकांश सरकारी विभाग और स्कूलों में अवकाश रहा, जबकि अधिकतर बैंक बुधवार को खुले रहे।
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बाटनागाड़ और किरौड़ा नाला उफनाए
टनकपुर (चंपावत)। पहाड़ में भारी बरसात से एक बार फिर पूर्णागिरि मार्ग पर किरौड़़ा नाला और बाटनागाड़ नाले उफना गए। बुधवार सुबह के समय बाटना गाड़ में मलबा आने से करीब दो घंटे यातायात बंद रहा। लोनिवि की जेसीबी निरंतर मलबा हटाने में जुटी रही। संवाद
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जलभराव से नहीं हो पा रहा रेलवे के अंडरपास से आवागमन
बनबसा (चंपावत)। जलभराव होने से रेलवे के अंडर पास से इन दिनों आवागमन प्रभावित हो चुका है। बरसात में यहां भूमिगत पानी के काफी ऊपर आने से अंडरपास जलमग्न हो गए हैं। इससे पैदल, दोपहिया और छोटे चौपहिया वाहनों का संचालन बंद हो गया है। अब अक्तूबर बाद ही अंडरपास से आवागमन संभव हो पाएगा। गौरव सेनानी कल्याण समिति ने रेलवे प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। इनमें अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद की अध्यक्षता और सचिव कैप्टन हरीश कापड़ी, कैप्टन गोविंद बल्लभ भट्ट, पूर्व सैनिक जिला पंचायत सदस्य पुष्कर दत्त कापड़ी, कैप्टन राजेंद्र सिंह अधिकारी, कैप्टन चंद्र शेखर गहतोड़ी, लैफ्टीनेंट पीएन जोशी, सूबेदार मेजर हयात सिंह ठकुराठी, सूबेदार बीबी पांडेय, भोला दत्त, हवलदार उमेश चंद्र भट्ट आदि थे।
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टीजे मोटरमार्ग में निर्माणाधीन पुल की करोड़ों की सामग्री बही
16 जुलाई को हुई बारिश से हुआ भूस्खलन पड़ गया भारी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
चंपावत। जिले के बहुचर्चित टनकपुर-जौलजीबी निर्माणाधीन मोटरमार्ग में 16 जुलाई की रात हुई भीषण बारिश से पुल निर्माण सामग्री को भारी नुकसान हुआ है । कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रकाश सिंह अधिकारी के मुताबिक सीम गांव में स्थित ब्रिज के ए 2 साइड में एक मिक्स प्लांट, चार कंक्रीट मिक्चर, दो जनरेटर, तीन वेल्डिंग मशीन, पांच ऑक्सीजन सिलेंडर, एक स्टील कटिंग वेल्डिंग मशीन, छह एमएम और 10 एमएम की लाइनर प्लेट, 12 टन वेंटोनाइट पाउडर, एक टन पॉलीमर, दो क्विंटल सोडियम, दो क्विंटल अल्फाबांड, 10 टन एडमिक्चर, 5800 बैग सीमेंट, 80 टन सरिया, 5000 लीटर डीजल बारिश के मलबे के साथ महाकाली नदी में बह गया। क्षतिग्रस्त और बह चुके सामान की कीमत करीब ढाई से तीन करोड़ के बीच आंकी जा रही है।
जारा जिबली में पीएमजीएसवाई की सड़क जगह-जगह बदहाल
बंगापानी (पिथौरागढ़)। पीएमजीएसवाई जारा जिबली की सड़क बदहाल हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए। वाहन चालक बदहाल सड़कों पर वाहन चलाने को मजबूर हैं। सड़क पर कई जगहों पर हादसे होने का खतरा बना है। ग्राम प्रधान संजीव बिष्ट ने कहा कि लगातार बारिश से कहीं न कहीं सड़क बंद हो जाती है। क्षेत्र में जेसीबी नहीं होने से ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने क्षेत्र में जेसीबी तैनात करने की मांग की है।
मलबा आने से सीमांत की 22 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लगातार हो रही बारिश से सीमा और ग्रामीण क्षेत्र की 22 सड़कों पर यातायात बाधित रहा। तवाघाट-घट्टाबगड़ सड़क गढ़घढ़ नाला, तीनतोला और पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग निगालपानी के पास मलबा आने से बंद रहा। न्यू सोबला-तिदांग सड़क मलबा आने से बंद है। ग्रामीण क्षेत्र की बंगापानी-जाराजिबली, नाचनी-भैंसकोट, बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, खेला-गर्गुवा, पौड़ी-घटकुना, कालिका-खुमती, छिरकिला-जम्कू, बुंई-पातो, मदकोट-तोमिक सड़क बंद चल रही हैं। इनके अलावा खुमती-कटौजिया, रूंग-सिर्खा, भागीचौरा-शक्तिपुर, बांस-आंवलाघाट, दौली-चिराली, धुर्चू-कुनकु, बांसबगड़-गूंठी, बांसबगड़-धामीगांव, दरकोट, दराती-दुम्मर, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा, जौलजीबी मदकोट से कौलीकन्याल, मालाकोट-लोध सड़कें बंद चल रही हैं।
साईपोलू, उछैती में दो मकान क्षतिग्रस्त
मुनस्यारी। साईंपोलू में मंगलवार की रात बहादुर सिंह के मकान के दो कमरे ध्वस्त हो गए हैं। उन्होंने आपदा कंट्रोल रूम में सूचना दर्ज कराई है। उछैती में भूस्खलन से हीरा सिंह सुयाल का मकान खतरे की जद में आ गया है। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने उप जिलाधिकारी से राजस्व टीम मौके पर भेज प्रभावित परिवार को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किए जाने की मांग की है। संवाद
कहां कितनी बारिश
बंगापानी 50 मिमी
धारचूला 39.80 मिमी
मुनस्यारी 38.40 मिमी
थल 15 मिमी
तेजम 13 मिमी
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बेड़ीनाग महाविद्यालय की सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे
बेड़ीनाग। डिग्री कालेज और नाग मंदिर को जाने वाली सडक में गड्ढे ही गड्ढे बने हुए हैं। इसके बाद भी सड़क को ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। गड्ढों के कारण इस सड़क में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जवाहर चौक से बेड़ीनाग मंदिर तक एक किमी लंबी सड़क पिछले दिनों तेज वारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस सडक से महाविद्यालय, बीएड कॉलेज, नाग मंदिर, महादेव मंदिर स्थित है। इसके आसपास ही 300 से अधिक परिवार निवास करते हैं। पूर्व सभासद आशा भैसोड़ा ने सड़क को शीघ्र गड्ढा मुक्त कर नालियों का निर्माण करने और कलवर्ट खोलने की मांग की है।
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गड्ढों में तब्दील हुई खर्कतोली-चिराली सड़क
पिथौरागढ़। मूसलाधार बारिश से खर्कतोली-चिराली सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। भौंतड़ी निवासी नरेंद्र गुरुंग ने बताया कि उनके गांव तक कच्ची सड़क है। जमतड़ी से भौंतड़ी तक सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में दिक्कत हो रही है। उन्होंने प्रशासन से कार्यदायी संस्था को सड़क सुधार के लिए शीघ्र निर्देशित किए जाने की मांग की है। संवाद
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मलबा आने से तवाघाट सड़क कई जगहों पर बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
धारचूला (पिथौरागढ़) । क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से टनकपुर-तवाघाट सड़क पर कई जगहों पर मलबा आया है। इसके चलते तीनों घाटियों दारमा, व्यास, चौंदास के लोगों को करीब पांच किमी की पैदल दूरी तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। तवाघाट सड़क घटखोला, दोबाट, एलागाड़ में मलबा आने से बंद है।
हिलवेज कंपनी के सीनियर मैनेजर त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि बारिश के चलते सड़क खोलने में दिक्कत हो रही है। निगालपानी में मंगलवार की शाम भूस्खलन होने से सड़क बंद रही। कोतवाल विजेंद्र शाह ने बताया कि रात में लोगों की सुरक्षा के लिए वहां पुलिस बल तैनात किया गया था। बुधवार को सड़क यातायात के लिए खुल गया। सिमखोला और बुंगबुंग के बीच लकड़ी का 45 फुट लंबा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान बबीता नगन्याल ने पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्रशासन को दी है। बारिश के चलते काली नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। संवाद
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बंगापानी में बिजली की किल्लत
बंगापानी। क्षेत्र में बीते दो दिन से बिजली सुचारु नहीं आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार की रात से गई बिजली मंगलवार रात एक-दो घंटे के लिए आई। उसके बाद बिजली आपूर्ति फिर से बाधित हो गई। इसके चलते लोगों में रोष पनप रहा है।
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संगरून और सीम गांवों में घरों में घुसा मलबा
चंपावत। मंगलवार की रात ग्राम पंचायत बकोड़ा के संगरून और सीम गांवों में बरसाती नदी का मलबा ग्रामीणों के घरों में घुस गया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रात गुजारनी पड़ी। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर रवाना हो गई है। भारी बारिश के कारण संगरून में जगन्नाथ सिंह, रघुवर सिंह, जगदीश सिंह, प्रहलाद सिंह, प्रीतम सिंह, सूरज सिंह, केसर सिंह, हीरा सिंह, मदन सिंह, बीरबल सिंह, दीवान सिंह, दशरथ सिंह, मुकेश सिंह आदि के आवासीय मकानों में मलबा और बोल्डर घुसने से काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा सीम गांव में भी कई काश्तकारों का नुकसान हुआ है जि। भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष बच्चन सिंह अधिकारी ने बताया कि प्राकृतिक आपदा की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। प्रभावित काश्तकारों ने राहत और मुआवजा देने की मांग उठाई है।
फोटो 17 सीपीटी 05 पी।
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बारिश के पानी से किसानों की भूमि हो रही बर्बाद
चंपावत। अमोड़ी-वैला सड़क में जगह-जगह कलमठ और नालियों बंद होने से पानी किसानों की उपजाऊ भूमि में आ रहा है। ग्रामीण मदन सिंह बुडाठी और देवेंद्र बुडाठी ने बताया कि सड़क के कलमठ बंद होने से बारिश का पानी किसानों की उपजाऊ भूमि में जा रहा है। इससे किसानों की फसल और भूमि नष्ट हो रही है। ग्रामीणों ने विभाग और प्रशासन से समस्या का समाधान करने की मांग की है। संवाद
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चम्ठोला में एक आवासीय मकान को खतरा
चंपावत। जिले के ग्राम पंचायत कोट अमोड़ी के चम्ठोला तोक में चखराड़ी नदी से एक आवासी मकान खतरे की जद में आ गया है। चम्ठोला तोक के मथुरा दत्त ने बताया कि चखराड़ी नदी के कारण उनके मकान के ठीक पीछे भू कटाव हो रहा है। नदी के उफान के साथ मलबा और बोल्डर बहकर आ रहे हैं। बताया कि पैदल रास्ता भी भारी बारिश के कारण टूट गया है। संवाद
कोट अमोड़ी में दर्जनों आवासीय मकान खतरे की जद में
चंपावत। जिले के पालबिलौन, कोट अमोड़ी, भलुवागाड़ी खेत खलिहान, पैदल रास्ते समेत कई आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है।
मंगलवार को मूसलाधार बारिश से कोट अमोड़ी के मोहन चंद्र, जगदीश चंद्र, कृष्ण चंद्र, हेतराम, जगदीश चंद्र, मनोहर दत्त, हेतराम भट्ट, बलदेव भट्ट, शंकर दत्त अन्य ग्रामीणों के आवास खतरे की जद में आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं। बारिश से मलबा आवासीय भवनों के अंदर तक आ गया।
इधर, स्वांला क्षेत्र में एनएच किनारे भारी बारिश से भूस्खलन के कारण आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। ईश्वरी दत्त, महादेव भट्ट के मकान पूरी तरह से खतरे की जद में आ गए हैं। पूर्व प्रधान ईश्वरी दत्त ने बताया कि लगता है एनएच और प्रशासन बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत दियूरी के बमन्युडा गांव में एक आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया है। उपजाऊ भूमि का भू कटाव से मकान तक दरारें आ गई हैं। किसानों की अदरक की खेती बर्बाद हो रही है।
एनएच बंद होने से यात्रियों को परेशान, डिपो को लाखों का नुकसान
लोहाघाट टनकपुर राजमार्ग बंद होने से रोडवेज बस के थमे पहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। भारी बारिश के चलते लोहाघाट टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में मलबा आने से रोडवेज बस के पहिए थम गए। लोहाघाट से दो बस का संचालन किया गया। मार्ग बंद होने से वह भी वापस लौट लाई। बस का संचालन न होने से डिपो को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
रोडवेज की वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी दीपा वर्मा ने बताया कि बुधवार को सुबह डिपो से दिल्ली अप डाउन और हल्द्वानी के लिए दो बस भेजी गई थी। भारी बारिश से स्वांला आदि स्थानों में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से बस बनलेख से वापस लौट आई। उन्होंने बताया कि दिल्ली देहरादून गई आठ बस को टनकपुर में रोककर उसका संचालन वहीं से किया गया। बताया कि राजमार्ग बंद होने से बरेली, हल्द्वानी, नैनीताल, गुरुग्राम, दिल्ली, देहरादून आदि रूटों पर लोहाघाट से बस का संचालन नहीं हो सका। इंचार्ज वर्मा ने बताया कि बस का संचालन न होने से करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सुबह से ही मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्री रोडवेज स्टेशन में पहुंचने लगे थे। यात्री घंटों राजमार्ग खुलने का इंतजार करते हुए स्टेशन में बैठे रहे, अंत में निराश होकर उन्हें वापस लौटना पड़ा।
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अतिवृष्टि से अमोड़ी से लेकर चूका तक हुआ नुकसान
टनकपुर(चंपावत)। क्षेत्र के दूरस्थ चूका क्षेत्र में अतिवृष्टि से ग्रामीणों के खेतों में मलबा और पानी से भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि आधा दर्जन ग्रामीणों के खेतों में मलबा और पानी आने से नुकसान हुआ है। इस बीच टनकपुर-जौलजीबी रोड पर भी जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गया। एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि अमोड़ी से लेकर चूका आदि तक अतिवृष्टि हुई है, कोई जनहानि नहीं हुई है। घरों में पानी घुसने और खेतों को नुकसान हुआ है।
चूका के ग्रामीण दशरथ सिंह ने बताया बुधवार की तड़के सुबह बादल फटने से गांव में पानी के साथ भारी मलबा आया। खेतों में पहाड़ से मलबा आया गया। इनमें दशरथ सिंह, मान सिंह, बालम सिंह, राजेंद्र सिंह, राम सिंह आदि के खेतों में मलबा आया। पटवारी वीरेंद्र पुंडीर ने बताया कि ग्रामीणों के खेतों में मलबा आने से नुकसान की सूचना मिली है।
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कोटगाड़ी में उफनाए नाले को पार कर स्कूल जाते हैं बच्चे
थल (पिथौरागढ़)। पांखू से कोटगाड़ी सड़क में कोटगाड़ी के पास हर साल बरसात के दिनों में सड़क पर बने काजवे में पहाड़ी से उफान पर आए नाले से चार महीने पैदल चलने वाले लोगों के लिए मुसीबत हो जाती है।
इसी मार्ग से चौंसाला के स्कूली बच्चे जीआईसी पांखू और प्राइमरी स्कूल के बच्चे मदीगांव जाते हैं। नाले में काफी पानी और तेज बहाव होने से पैदल चलने वाले बच्चों, मोटर साइकिल और वाहनों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। वर्ष 2015 में जब सड़क कट रही थी तब यहां पर छोटी पुलिया का प्रस्ताव था। बाद में यहां काजवे बना दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता लच्छू कार्की का कहना है कि बरसात के चार महीने नाला उफान पर रहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग से यहां पर छोटी पुलिया का निर्माण किए जाने की मांग उठाई है। संवाद