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Pithoragarh News: नालियों की गंदगी सोख रहीं लीकेज लाइन, दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे लोग
Mon, 12 Jan 2026 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 12 Jan 2026 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़ नगर में महात्मा गांधी मार्ग पर नालियों से गुजर रहीं लीकेज पेयजल लाइन। संवाद
पिथौरागढ। नगर में नालियों की गंदगी सोख रही लीकेज पाइपलाइनों से घरों में पहुंचने वाला दूषित पानी लोगों को बीमार कर रहा है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि जाड़ों में भी पीलिया और पेट संबंधी बीमारी के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सकों ने भी गंदे पानी को इन बीमारियों का प्रमुख कारण बताया है।
नगर में कई हिस्सों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है जिससे बीमारी का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक गंदे पानी के उपयोग से हर रोज 30 से अधिक लोग पीलिया और पेट संबंधी अन्य बीमारियों से जूझते हुए इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। घरों तक गंदा पानी पहुंचने के पीछे नालियों में बिछी लीकेज लाइनें प्रमुख कारण हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने सोमवार को नगर के विभिन्न हिस्सों में नालियों में बिछी लीकेज लाइनों की पड़ताल की।
नगर के भवानीगंज से पुरानी बाजार मार्ग के बीच नालियों से गुजर रही पाइपलाइनें लीकेज मिलीं तो गंदो पानी में डूबी थीं। सिमलगैर, बैंक रोड, महात्मा गांधी रोड, तिलढुकरी सहित अन्य हिस्सों में भी नालियों में पाइपलाइनों का जाल नजर आया जो कई जगहों पर लीकेज मिलीं। लाइनों का जाल बिछने से नालियां चोक हो रही हैं और लीकेज होने से लाइनाें में गंदा पानी जा रहा है। इस दूषित पानी का इस्तेमाल करने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। लीकेज लाइनों को ठीक करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग नहीं उठा रहा है।
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नाले पाटने से लीकेज का नहीं चलता पता
नगर में विभिन्न क्षेत्रों में नालों के ऊपर सीसी मार्ग बनाए गए हैं और इसके नीचे पेयजल लाइनें बिछी हैं। ऐसे में लीकेज पाइपलाइनों का पता लगाना भी चुनौती से कम नहीं होता। इस कारण जब लाइन में लीकेज होती है तो दूषित पानी घरों तक पहुंचता है और लोगों की सेहत पर बीमारियां हमला करने लगती हैं।
नगर निगम नहीं निभा रहा अपनी जिम्मेदारी
पड़ताल में नगर निगम की लापरवाही भी सामने में आई। महात्मा गांधी मार्ग तिराहे पर के पास नाली गंदगी से चोक है। गंदगी से दुर्गंध उठ रही है। ऐसे ही भवानीगंज से पुरानी बाजार जाने वाले मार्ग पर मलबे से नाली चोक पड़ी है। नया बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास भी सार्वजनिक शौचालय है जिसकी गंदगी नाली में मिलती है। हैरानी की बात यह है कि इन सभी स्थानों पर नालियों से ही पेयजल लाइनें गुजर रही हैं। ये इलाके नगर निगम के नियंत्रण में आते हैं।
कोट
निश्चित तौर पर नालियों में बिछी लीकेज लाइनें गंदा पानी सोख रहीं हैं जो लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। पेयजल लाइनों के जाल से नालियों की सफाई करना भी मुश्किल हो रहा है। जल संस्थान को नालियों से पेयजल लाइन हटाने के लिए कई बार पत्र लिखा गया है। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़
कोट
नालियों में कई साल पहले पेयजल लाइन बिछाई गईं। लाइनों को हटाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है जो स्वीकृति मिलने के अंतिम चरण में है। समय-समय पर लीकेज लाइनों को ठीक किया जाता है। जहां दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत मिल रही है, टीम को भेजकर समस्या का समाधान किया जा रहा है। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़
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नगर में कई हिस्सों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है जिससे बीमारी का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक गंदे पानी के उपयोग से हर रोज 30 से अधिक लोग पीलिया और पेट संबंधी अन्य बीमारियों से जूझते हुए इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। घरों तक गंदा पानी पहुंचने के पीछे नालियों में बिछी लीकेज लाइनें प्रमुख कारण हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने सोमवार को नगर के विभिन्न हिस्सों में नालियों में बिछी लीकेज लाइनों की पड़ताल की।
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नगर के भवानीगंज से पुरानी बाजार मार्ग के बीच नालियों से गुजर रही पाइपलाइनें लीकेज मिलीं तो गंदो पानी में डूबी थीं। सिमलगैर, बैंक रोड, महात्मा गांधी रोड, तिलढुकरी सहित अन्य हिस्सों में भी नालियों में पाइपलाइनों का जाल नजर आया जो कई जगहों पर लीकेज मिलीं। लाइनों का जाल बिछने से नालियां चोक हो रही हैं और लीकेज होने से लाइनाें में गंदा पानी जा रहा है। इस दूषित पानी का इस्तेमाल करने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। लीकेज लाइनों को ठीक करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग नहीं उठा रहा है।
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नाले पाटने से लीकेज का नहीं चलता पता
नगर में विभिन्न क्षेत्रों में नालों के ऊपर सीसी मार्ग बनाए गए हैं और इसके नीचे पेयजल लाइनें बिछी हैं। ऐसे में लीकेज पाइपलाइनों का पता लगाना भी चुनौती से कम नहीं होता। इस कारण जब लाइन में लीकेज होती है तो दूषित पानी घरों तक पहुंचता है और लोगों की सेहत पर बीमारियां हमला करने लगती हैं।
नगर निगम नहीं निभा रहा अपनी जिम्मेदारी
पड़ताल में नगर निगम की लापरवाही भी सामने में आई। महात्मा गांधी मार्ग तिराहे पर के पास नाली गंदगी से चोक है। गंदगी से दुर्गंध उठ रही है। ऐसे ही भवानीगंज से पुरानी बाजार जाने वाले मार्ग पर मलबे से नाली चोक पड़ी है। नया बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास भी सार्वजनिक शौचालय है जिसकी गंदगी नाली में मिलती है। हैरानी की बात यह है कि इन सभी स्थानों पर नालियों से ही पेयजल लाइनें गुजर रही हैं। ये इलाके नगर निगम के नियंत्रण में आते हैं।
कोट
निश्चित तौर पर नालियों में बिछी लीकेज लाइनें गंदा पानी सोख रहीं हैं जो लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। पेयजल लाइनों के जाल से नालियों की सफाई करना भी मुश्किल हो रहा है। जल संस्थान को नालियों से पेयजल लाइन हटाने के लिए कई बार पत्र लिखा गया है। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़
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नालियों में कई साल पहले पेयजल लाइन बिछाई गईं। लाइनों को हटाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है जो स्वीकृति मिलने के अंतिम चरण में है। समय-समय पर लीकेज लाइनों को ठीक किया जाता है। जहां दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत मिल रही है, टीम को भेजकर समस्या का समाधान किया जा रहा है। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़