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Pithoragarh News: भूस्खलन ने छीना चैन, बारिश ने उड़ा दी नींद
Thu, 10 Sep 2026 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 10 Sep 2026 11:04 PM IST
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। भूस्खलन से गांव और हमारे घर खतरे में आ गए हैं। अपनों की चिंता में हमारी नींद गायब हो गई है। रास्ते ध्वस्त होने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। हम खौफ के साए में जीवन जीने के लिए मजबूर हैं और हमारी सुरक्षा की चिंता किसी को नहीं है। यह कहा मनगढ़ के आपदा प्रभावितों ने। जब एसडीएम आपदा प्रभावित गांव मनगढ़ पहुंचे तो ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा और उन्होंने विस्थापन की मांग की।
मनगढ़ गांव के ऊपरी हिस्सा खड़िया खनन क्षेत्र है। खनन से बीते वर्ष भूस्खलन होने से सात घर जमींजोद हो गए। इस बार भी बीते दिनों हुई बारिश के बाद भूस्खलन हुआ तो पूरा गांव खतरे में आ गया। तब पांच परिवारों को शिफ्ट करना पड़ा। बृहस्पतिवार को एसडीएम अंकित राज मनगढ़ पहुंचे तो ग्रामीण ने अपनी पीढ़ा बयां की।
एसडीएम अंकित राज ने कहा कि गांव में सुरक्षात्मक कार्य करने के साथ ही विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। नियमानुसार प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा रहा है। राजस्व टीम फसलों के क्षति का आंकलन कर रही है और तहसील प्रशासन की टीम लगातार गांव में मौजूद है। प्रभावितों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
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ज्येष्ठ प्रमुख धीरज बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीवाकर रावल, ग्राम प्रधान कवीन्द्र सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए उनका विस्थापन ही एकमात्र विकल्प है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बड़ी घटना हो सकती है। इस मौके पर तहसीलदार दयाल चंद्र मिश्रा, राजस्व निरीक्षक जगदीश परिहार, राजस्व उप निरीक्षक राहुल खाती आदि मौजूद रहे।
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मनगढ़ गांव के ऊपरी हिस्सा खड़िया खनन क्षेत्र है। खनन से बीते वर्ष भूस्खलन होने से सात घर जमींजोद हो गए। इस बार भी बीते दिनों हुई बारिश के बाद भूस्खलन हुआ तो पूरा गांव खतरे में आ गया। तब पांच परिवारों को शिफ्ट करना पड़ा। बृहस्पतिवार को एसडीएम अंकित राज मनगढ़ पहुंचे तो ग्रामीण ने अपनी पीढ़ा बयां की।
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एसडीएम अंकित राज ने कहा कि गांव में सुरक्षात्मक कार्य करने के साथ ही विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। नियमानुसार प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा रहा है। राजस्व टीम फसलों के क्षति का आंकलन कर रही है और तहसील प्रशासन की टीम लगातार गांव में मौजूद है। प्रभावितों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
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ज्येष्ठ प्रमुख धीरज बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीवाकर रावल, ग्राम प्रधान कवीन्द्र सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए उनका विस्थापन ही एकमात्र विकल्प है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बड़ी घटना हो सकती है। इस मौके पर तहसीलदार दयाल चंद्र मिश्रा, राजस्व निरीक्षक जगदीश परिहार, राजस्व उप निरीक्षक राहुल खाती आदि मौजूद रहे।