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Pithoragarh News: केएमवीएन की आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा आज से
Sun, 12 May 2024 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 May 2024 11:12 PM IST
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पिथौरागढ़। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से संचालित होने वाली आदि कैलाश यात्रा का पहला दल सोमवार शाम को यहां पहुंचेगा। पहले दल में 32 पुरुष और 17 महिलाओं समेत 49 यात्री शामिल हैं। यात्री उच्च हिमालयी क्षेत्र ज्योलिकांग, कालापानी और नाभीढांग में भोजपत्र के पौधों का रोपण करेंगे।
पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि हर दल के यात्रियों को पांच भोजपत्र और स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाने को दिए जाएंगे। भोजपत्र के पौधे गोपेश्वर वन अनुसंधान केंद्र से मंगाए जा रहे हैं। इसमें प्रभारी वनाधिकारी वन वर्द्धनिक बलवंत शाही सहयोग कर रहे हैं।
यात्रियों की ओर से लगाए गए पौधों की देखभाल निगम के कार्मिक और आईटीबीपी के जवान करेंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्र के नैसर्गिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए यात्रियों से वहां कूड़ा नहीं फैलाने का अनुरोध किया गया है। गुरुरानी ने बताया कि यात्रियों को एक थैला दिया जाएगा। इसमें वह अपना कूड़ा-करकट अपने साथ लाएंगे। इस कूड़े का निस्तारण धारचूला में किया जाएगा।
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आवास गृहों में व्यवस्थाएं चाक चौबंद
पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रियों के लिए केएमवीएन के पर्यटक आवास गृहों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। यात्रियों को उनकी पसंद के साथ ही पहाड़ी व्यंजन भी परोसे जाएंगे। यात्री सोमवार को पिथौरागढ़ आवास गृह में विश्राम कर मंगलवार को धारचूला पहुंचेंगे। टीआरसी धारचूला के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि यहां यात्रियों का मेडिकल परीक्षण कर इनरलाइन पास बनाए जाएंगे।
यात्री बुधवार को गुंजी पहुंचेंगे। अगले दिन ओमपर्वत के दर्शन करेंगे। शुक्रवार को यात्री आदि कैलाश के दर्शन कर रात्रि विश्राम के लिए बूंदी पहुंचेंगे। शनिवार को यात्री धारचूला से रवाना होकर डीडीहाट में दिन का भोजन करेंगे। इसके बाद रात्रि विश्राम के लिए चौकोड़ी रवाना होंगे। संवाद
आदि कैलाश क्षेत्र में पड़ रही बर्फ
धारचूला। व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश क्षेत्र में अभी भी रुक-रुक कर बर्फ पड़ रही है। स्थानीय होटल कारोबारी, ग्रामीण और सुरक्षा एजेंसियां अभी नहीं पहुंची हैं। मंदिर के कपाट खोलने के लिए रविवार को कुटी गांव में भव्य आयोजन होना था लेकिन गांव में अशुद्धि के चलते अब सादगी से इसे मनाया जा रहा है। संवाद
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पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि हर दल के यात्रियों को पांच भोजपत्र और स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाने को दिए जाएंगे। भोजपत्र के पौधे गोपेश्वर वन अनुसंधान केंद्र से मंगाए जा रहे हैं। इसमें प्रभारी वनाधिकारी वन वर्द्धनिक बलवंत शाही सहयोग कर रहे हैं।
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यात्रियों की ओर से लगाए गए पौधों की देखभाल निगम के कार्मिक और आईटीबीपी के जवान करेंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्र के नैसर्गिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए यात्रियों से वहां कूड़ा नहीं फैलाने का अनुरोध किया गया है। गुरुरानी ने बताया कि यात्रियों को एक थैला दिया जाएगा। इसमें वह अपना कूड़ा-करकट अपने साथ लाएंगे। इस कूड़े का निस्तारण धारचूला में किया जाएगा।
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आवास गृहों में व्यवस्थाएं चाक चौबंद
पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रियों के लिए केएमवीएन के पर्यटक आवास गृहों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। यात्रियों को उनकी पसंद के साथ ही पहाड़ी व्यंजन भी परोसे जाएंगे। यात्री सोमवार को पिथौरागढ़ आवास गृह में विश्राम कर मंगलवार को धारचूला पहुंचेंगे। टीआरसी धारचूला के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि यहां यात्रियों का मेडिकल परीक्षण कर इनरलाइन पास बनाए जाएंगे।
यात्री बुधवार को गुंजी पहुंचेंगे। अगले दिन ओमपर्वत के दर्शन करेंगे। शुक्रवार को यात्री आदि कैलाश के दर्शन कर रात्रि विश्राम के लिए बूंदी पहुंचेंगे। शनिवार को यात्री धारचूला से रवाना होकर डीडीहाट में दिन का भोजन करेंगे। इसके बाद रात्रि विश्राम के लिए चौकोड़ी रवाना होंगे। संवाद
आदि कैलाश क्षेत्र में पड़ रही बर्फ
धारचूला। व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश क्षेत्र में अभी भी रुक-रुक कर बर्फ पड़ रही है। स्थानीय होटल कारोबारी, ग्रामीण और सुरक्षा एजेंसियां अभी नहीं पहुंची हैं। मंदिर के कपाट खोलने के लिए रविवार को कुटी गांव में भव्य आयोजन होना था लेकिन गांव में अशुद्धि के चलते अब सादगी से इसे मनाया जा रहा है। संवाद