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छलिया दल के साथ खूब थिरके कैलाश यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Tue, 13 Jun 2017 10:28 PM IST
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मिर्थी में छलिया दल के साथ नृत्य करते कैलाश यात्री
- फोटो : अमर उजाला
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे पहले दल के यात्रियों का मंगलवार को दोपहर बाद करीब दो बजे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में भव्य स्वागत किया गया। यात्रियों के स्वागत के लिए छलिया दल की व्यवस्था की गई थी। यात्रियों ने छलिया दल के साथ जमकर नृत्य किया। यात्रियों ने इससे पहले डीडीहाट स्थित पर्यटक आवासगृह में दोपहर का भोजन किया। मिर्थी से यात्रियों का दल आधार शिविर धारचूला को रवाना हो गया है। बुधवार सुबह यात्री धारचूला से 54 किलोमीटर दूर नारायणआश्रम तक वाहनों से जाएंगे। वहां से छह किलोमीटर का पैदल सफर तय कर सिर्खा पहुंचेंगे। जिले में कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल पहुंचते ही सारी एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
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कुल 16 महिलाओं समेत 55 सदस्यों वाले पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा दल का नेतृत्व कर रहे चंद्रमौली कुमार टी शर्मा ने बताया कि सभी यात्री कैलाश परिक्रमा को लेकर काफी उत्साहित हैं। जिलाधिकारी सी रविशंकर, आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप, अस्कोट पालवंश के कुंवर भानुराज पाल ने यात्रियों का स्वागत किया। इससे पहले यात्रियों ने पर्यटक आवासगृह डीडीहाट में दोपहर के भोजन में भट्ट के डुबके, रायता, भांग की चटनी, पहाड़ी चावल की खीर का आनंद उठाया। पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक आनंद आर्या ने दल के सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था की। आईटीबीपी के सेनानी ने यात्रियों को उच्च हिमालय क्षेत्र की विस्तार से जानकारी दी।
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कहा कि पैदल यात्रा मार्ग काफी कठिन है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज भी बदलता रहता है। पहले दल में शामिल कई यात्री पूर्व में भी कैलाश यात्रा कर चुके हैं। यात्रियों ने अस्कोट पालवंश की प्राचीन सामग्री को भी देखा। पहली बार आईटीबीपी वाहिनी परिसर में बनाए जा रहे मानसरोवर वन में पौधों का रोपण किया। भोले के जयकारों के साथ यह दल आधार शिविर धारचूला को रवाना हो गया। यात्रियों के स्वागत के समय एसडीएम मनुज गोयल, आईटीबीपी के अधिकारी हरवंश सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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यात्री आज हिमालय बचाओ के शपथपत्र भरेंगे
धारचूला। कैलाश मानसरोवर यात्रियों के पहले दल के सदस्यों से बुधवार को यहां हिमालय बचाओ के शपथपत्र भराए जाएंगे। इनके अलावा मजदूरों और घोड़े वालों से भी यह शपथपत्र भराए जाएंगे। कुमाऊं मंडल विकास निगम के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि इस बार हर पैदल यात्रा पड़ाव पर चार-चार कूड़ेदान रखे गए हैं। इस कूड़े को एकत्र कर निस्तारित किया जाएगा।
आज से कठिन यात्रा शुरू होगी
धारचूला। कैलाश मानसरोवर यात्रियों की पैदल यात्रा बुधवार से शुरू हो जाएगी। यात्रियों को नारायणआश्रम से लेकर लिपुलेख तक का पूरा सफर पैदल करना होगा। एक दिन में यात्रियों को अधिकतम 17 किलोमीटर की यात्रा करनी होगी। लिपुलेख दर्रे को पार कर यात्री तिब्बत में प्रवेश करेंगे। वहां पर आवागमन के लिए वाहन की सुविधा मिल जाती है। सभी स्थानों पर एसडीआरएफ, आईटीबीपी, होमगार्ड के जवान तैनात हो गए हैं।